- गोरखपुर में भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
- आरोपियों ने एक सप्ताह पहले हुए विवाद के चलते राजकुमार चौहान की गोली मारकर ताबड़तोड़ चाकुओं से हत्या की थी
- भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और कैबिनेट मंत्री के दौरे के बाद पुलिस-प्रशासन ने 16 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के दौरे और सख्त तेवर का असर हुआ है. गोरखपुर पुलिस-प्रशासन ने दोनों नेताओं के करीबी और पूर्व पार्षद प्रतिनिधि भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या का 16 घंटे के अंदर ही खुलासा कर दिया. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक मृतक के भतीजे से एक सप्ताह पहले हुए भी विवाद के बाद आरोपियों ने चाचा के शह देने के शक में गोली मारने के बाद ताबड़तोड़ चाकुओं से गोदकर उनकी हत्या कर दी थी.
बीजेपी नेता की बेरहमी से जान लेने वाले पकड़े गए
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने मंगलवार 17 मार्च को देर रात संयुक्त प्रेसवार्ता की. एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि 38 वर्षीय पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की हत्या में परिजनों की ओर से दी गई तहरीर में 8 लोगों को नामजद व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस मामले में पुलिस ने बरगदवा के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान राज चौहान और विपिन यादव के रूप में हुई है. आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103-(2), 61 (2), 191 (2), 191 (3), 303 (2), , 115 (2), 191 (2), 118 (1), आईपीसी की धारा 392, 323 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
गोरखपुर के चिलुआताल के बरगदवां निवाशी बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजकुमार चौहान पर मंगलवार सुबह मार्निंग वॉक के समय धारदार हथियार से हमला हुआ था.घायल अवस्था में राजकुमार को BRD मेडिकल कॉलेज लेजाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद सियासत भी गरमा गई. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने x पर ट्वीट कर कहा उप्र में लॉ एंड आर्डर को ही गोली मार दी गई है.अब भाजपाई 'आस्तीनी अपराधी' ही भाजपा सरकार का एनकाउंटर कर रहे हैं, जिन्हें भाजपाइयों ने भूमिगत तरीके से पाला-पोसा है.गोरखपुर में दिनदहाड़े हुआ ये हत्याकांड बता रहा है कि बेखौफ अपराधियों को किसका प्रश्रय प्राप्त है.
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यह मतलब नहीं है कि 'चिराग तले अंधेरा' हो जाएगा...
भाजपा महासचिव और राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल मंगलवार 17 मार्च को भाजपा नेता व पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान के घर सांत्वना देने व अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने के लिए दिल्ली से पार्लियामेंट छोड़कर गोरखपुर पहुंचे थे. इस दौरान यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान भी राजकुमार चौहान के घर पहुंचे.इस दौरान डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के ठीक पीछे यह जघन्न हत्याकांड हुआ है. इसके पीछे जो भी लोग हैं उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए वरना वे राज्यसभा में सबको नंगा कर देंगे.सरकार हमारी भाजपा की है. वे लोग मानते हैं कि लॉ एंड ऑर्डर पहले से बेहतर हुआ है. इसका यह मतलब नहीं है कि 'चिराग तले अंधेरा' हो जाएगा.वहीं यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि परिवार की हर संभव मदद की जाएगी और हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
चाचा के बाद अब भतीजे को मारने की तैयारी
गोरखपुर के एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी राज चौहान ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि एक सप्ताह पहले उसकी और उसके भाई की मृतक के भतीजे नीरज चौहान के बीच कहासुनी हो गई थी. उसे लगा कि नीरज चौहान अपने चाचा राजकुमार चौहान के बल पर गाली-गलौच कर रहा है. इसी कारण उसने अपने सहयोगी विपिन यादव के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया. उसका अगला लक्ष्य नीरज चौहान की हत्या करना है. इस मामले में पुलिस अन्य नामजद आरोपियों दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लाल जी यादव उर्फ गट्टू यादव, धर्मपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडे, सतेंद्र चौधरी टिल्लू, अभय पांडे व दो-तीन अज्ञात की भूमिका और संलिप्तता के बारे में भी जांच कर रही है.
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मृतक के परिवार में कौन-कौन?
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि परिजनों की आर्थिक मदद के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. शासन को इस संबंध में पत्र भी भेज दिया गया है. मृतक राजकुमार चौहान की दो बेटियां और एक बेटा है और सभी पढ़ने वाले स्टूडेंट हैं. उनकी पढ़ाई लिखाई का खर्च हुआ भविष्य नौकरी के लिए परिजनों की मांग पर उन्हें आश्वस्त किया गया है. परिजनों से वार्ता कर उनके किसी भी रिश्तेदार को संविदा या अन्य प्राइवेट नौकरी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है. परिजनों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
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