- गाजियाबाद में एक शख्स की शराब की आदत से परेशान होकर उसके दादा और चाचा ने हत्या कर दी.
- CCTV और मुखबिर से पुलिस आरोपियों तक पहुची और गिरफ्तारी हुई.
- पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और खून से सना तकिए का कवर बरामद किया है.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अपने पोते अश्विनी की शराब पीने की आदत, बढ़ते कर्ज और बार-बार पैसे की मांग से परेशान होकर उसके दादा और चाचा ने ही हत्या की साजिश रच डाली. 79 साल के एक बुज़ुर्ग और उनके छोटे बेटे ने कथित तौर पर युवक हत्या की साजिश की और छत पर सोते वक्त उस पर हमला कर दिया. इसके बाद बुज़ुर्ग ने कथित तौर पर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 13 सितंबर को अश्वनी उर्फ आशू की हत्या की जानकारी पुलिस को मिली थी. परिजनों की तहरीर पर थाना नन्दग्राम में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर दो आरोपियों तक पहुंची.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश (48) और भीम सिंह (79) के रूप में हुई है. राजेश मृतक का चाचा और भीम सिंह उसका बाबा है.
जांच में सामने आया कि अश्वनी उर्फ आशू शराब पीने का आदी था और शराब के लिए अपने बाबा भीम सिंह से अक्सर पैसे मांगता था. पुलिस के अनुसार, इस वजह से भीम सिंह पर कर्ज बढ़ गया था.
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शराब के कर्ज में डेढ़ लाख खर्च हुए...
पुलिस का दावा है कि भीम सिंह ने अपने हिस्से का आधा मकान करीब 9 लाख रुपये में बेच दिया था. इसमें से 6 लाख रुपये का लोन चुकाया गया, जबकि करीब डेढ़ लाख रुपये अश्वनी के शराब के कर्ज को चुकाने में खर्च किए गए. इसके बावजूद अश्वनी लगातार अपने हिस्से के पैसे मांगता था और पैसे नहीं मिलने पर कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देता था.
पुलिस के मुताबिक, इन्हीं आदतों से परेशान होकर राजेश और भीम सिंह ने अश्वनी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
12 सितंबर की वो रात...
12 सितंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे अश्वनी शराब के नशे में घर आया और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा. पैसे नहीं मिलने पर वह धमकी देकर वहां से चला गया. इसके बाद भीम सिंह ने यह बात अपने बेटे राजेश को बताई और दोनों ने मिलकर अश्वनी की हत्या की योजना बनाई.
पुलिस के मुताबिक, रात करीब 10 बजे दोनों ने धारदार हथियार यानी दांव और डंडानुमा बल्ली के टुकड़े से अश्वनी के शरीर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर धारदार हथियार को तकिए के कवर से साफ किया और उसे घर में छिपा दिया.
वहीं, बल्ली के टुकड़े और खून से सने तकिए के कवर को सामने पड़े खाली प्लॉट में फेंक दिया.
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हालांकि, पुलिस की जांच, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार बरामद किया है. इसके अलावा, खून से लथपथ तकिए का कवर भी बरामद किया गया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस की ओर से जरूरी कार्रवाई की जा रही है.
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