उत्तर प्रदेश कैडर के 1993 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश (पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक) आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) में शामिल हो गए हैं. इसके साथ ही प्रदेश अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है. प्रेम प्रकाश की गिनती यूपी के तेज तर्रार और 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' आईपीएस अधिकारियों में होती है. कानपुर जोन में तैनाती के दौरान पूर्व आईपीएस के नेतृत्व में करीब 67 एनकाउंटर किए गए थे. मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल लाने में भी प्रेम प्रकाश की भूमिका अहम थी.
प्रेम प्रकाश 2022 को एडीजी प्रयागराज पद से रिटायर हुए थे. इसके बाद साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था. यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ दिया है और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) में शामिल हो गए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे.

1993 बैच के आईपीएस अफसर थे प्रेम प्रकाश
पूर्व आईपीएस प्रेम प्रकाश राजधानी दिल्ली के रहने वाले हैं. वह 1993 बैच के आईपीएस अफसर थे. उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक के बाद पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर्स डिप्लोमा किया है.
कई जिलों में अहम पदों पर संभाली जिम्मेदारी
प्रेम प्रकाश की तैनाती लखनऊ, आगरा, मेरठ, कानपुर और मुरादाबाद जिले में रह चुके हैं. इन जिलों में उन्होंने उन्होंने अहम जिम्मेदार संभाली. वे
लखनऊ में डीआईजी/एसएसपी के पद पर भी काम कर चुके हैं. प्रयागराज में एडीजी के पद पर भी जिम्मेदारी संभाली.
मायावती के करीबी रहे हैं प्रेम प्रकाश
पूर्व आईपीएस प्रेम प्रकाश को बसपा प्रमुख मायावती का भी करीबी माना जाता था. कहा जाता है कि इसी वजह से समाजवादी पार्टी की सरकार में उन्हें साइड लाइन कर दिया गया था. 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी, जिसके बाद एक बार फिर से प्रेम प्रकाश को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं.
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