- भदोहीमें एक पिता ने अपनी 20 वर्षीय बेटी को महीनों तक घर में कैद कर रखा था और उसे इलाज नहीं कराया था.
- युवती अत्यंत कमजोर हालत में मिली, उसके शरीर पर हाथ-पैर बांधने के निशान और गंदे कपड़े थे तथा बदबू आ रही थी.
- युवती को डॉक्टरों ने गंभीर हालत में बताया, उसे लगभग डेढ़ माह से खाना नहीं मिला था और गंभीर संक्रमण था.
उत्तर प्रदेश के भदोही से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. आरोप है कि यहां एक पिता ने अपनी बेटी को कई महीनों तक घर में कैद रखा. उसे खाना तक नहीं दिया. वो बीमार थी, उसका इलाज तक नहीं करवाया. मारपीट और प्रताड़ना भी की गई. जब आसपास के लोगों को इसकी भनक लगी तो पुलिस को सूचना दी गई. जिसके बाद घर का दरवाजा खुला और अंदर का मंजर देखकर हर कोई अवाक रह गया. अंदर एक 20 साल की लड़की बेहद कमजोर हालत में मिली. युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टर की जांच में उसकी हालत बेहद गंभीर मिली है.
भदोही के ज्ञानपुर नगर का मामला
मामला भदोही के ज्ञानपुर नगर का है. जहां 20 वर्षीय युवती के साथ कथित तौर पर अत्याचार, बर्बरता, प्रताड़ना, संवेदनहीनता का मामला सामने आया है. कथित तौर पर युवती को काफी समय से घर में बंधक बनाकर रखा गया था. उसके साथ मारपीट किए जाने की भी चर्चा है. उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसका इलाज भी नहीं कराया गया.
घर में लड़की के अलावा पिता और भाई
घर में केवल युवती के पिता और 15 वर्षीय एक भाई रहते हैं. उसके पिता पर गम्भीर आरोप हैं. बताया जा रहा है कि पिछले 4-6 महीने से युवती बाहर नहीं दिखती थी. सोमवार को अचानक कुछ आसपास के लोगों को भनक लगी. लोगों ने प्रयास किया घर में जाकर मामले को देखा जाए, लेकिन दरवाजा पिता ने अंदर से बंद कर रखा था. डायल 112 पुलिस की मदद से आस-पास के लोग घर में घुसे. छत पर जाने पर लोग अवाक रह गए.
बेहद गंभीर हालत में मिली लड़की
बेहद मैले कपड़े में युवती जमीन पर पड़ी थी. चश्मदीद बताते हैं कि पानी और खाने की मांग कर रही थी. उसके शरीर का चमड़ा सड़ रहा है. शरीर अत्यंत दुबला पतला हो गया है. पैर कंकाल और नाखून जानवर जैसे हो रखे हैं. बदन से भयानक दुर्गंध आ रही थी. लग रहा है काफी दिनों से उसने नहाया तक नहीं था.

घर के बाहर जुटी लोगों की भीड़.
शरीर पर हाथ-पैर बांधने के निशान भी मिले
आरोप है कि उसे कपड़े भी नहीं दिए जाते थे. वह पानी को तरस रही थी. उसके हाथ पैर में बांधने के निशान भी पड़े बताए जा रहे हैं. आसपास के लोगों की मदद से उसे घर से 300 मीटर दूर स्थित महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ले जाया गया. चश्मदीद बताते हैं कि अस्पताल जाते समय उसने करीब डेढ़ लीटर तक पानी पिया. अस्पताल में उसका आनन फानन में इलाज शुरू किया गया है.
चश्मदीद ने बताया कि उसके द्वारा मंगलवार सुबह भी खाने की चीजें और नारियल पानी बच्ची को दिया गया. बताया जाता है कि यह पढ़ने लिखने में काफी अच्छी थी. कुछ एक साल पहले शायद उसने गोपीगंज में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था. काफी समय पहले इंग्लिश स्पोकेन क्लास भी करती थी.
मंगलवार शाम तक पुलिस महकमा मामले से अनभिज्ञता जाहिर करता रहा. बाद में मीडियाकर्मियों तक सूचना पहुंचने के बाद एसडीएम ज्ञानपुर अरुण दीक्षित और सीओ चमन चावड़ा जिला अस्पताल पहुंचे. युवती और पिता से बातचीत और पूछताछ की. साथ ही युवती के घर पर भी निरीक्षण किया.
एसडीएम ने कहा- इलाज नहीं कराने से लड़की हुई बेहद कमजोर
एसडीएम ने कहा कि "एक 17 वर्षीय युवती कुछ दिनों से बीमार थी, उसका परिवारजनों द्वारा ठीक से इलाज नहीं कराने के कारण शरीर कमजोर हो गया है. उसका इलाज चल रहा है. एसडीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग इस मामले में भ्रामक सूचना फैला रहे हैं जिसका वह खंडन करते हैं. और ऐसे लोगों पर एक्शन भी लिया जाएगा."
डॉक्टर ने बताया- मरीज बेहद गंभीर हालत में
लेकिन जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. धीरेंद्र ने का बयान कुछ और कह रहा है. उनके अनुसार, "सोमवार रात करीब 8 बजे मरीज गंभीर स्थिति में आई थी. उसकी उम्र 20 साल बताई जा रही है. जांच के उपरांत पता चला कि उसे केवल 6 ग्राम हीमोग्लोबिन है, उसका प्लेटलेट भी केवल 59000 पाया गया है. उसे काफी हाई इन्फेक्शन भी है.

हॉस्पिटल में जुटी पुलिस और लोगों की भीड़.
डेढ़ माह से खाना तक नहीं दिया
अल्ट्रासाउंड जांच में पता चला कि उसके पेट में पानी भरा हुआ है. एक यूनिट खून चढ़ाया जा रहा है. डॉ. ने कहा कि बच्ची बता रही है कि करीब डेढ़ माह से उसे खाना नहीं दिया गया है. शायद मारपीट भी उसके साथ हुई है. उसकी फैट लेयर गल गई है, उसकी मसल्स भी गल गई हैं. मसल बास्टिंग भी हो रही है, इसका मतलब है कि कई दिनों से उसे सच में खाना नहीं दिया गया है.
डॉ. बताते हैं कि आसपास के लोगों से पता चला कि शायद बच्ची को कई महीनों से बंधक बनाकर रखा गया था. उसका पिता जब बाहर गया, शायद बच्ची ने शोर मचाया. जिसके बाद पड़ोसियों के हस्तक्षेप से उसे अस्पताल लाया गया. कंडीशन से लग रहा है कि उसे काफी समय से नहाने भी नहीं दिया गया. अभी उपचार किया जा रहा है.
पड़ोसी ने बताया- लड़की का शरीर बेहद पतला हो गया
पड़ोसी चंदन जायसवाल का कहना है कि उसे पता चला कि सोमवार दोपहर को पता चला कि युवती का शरीर उंगली जैसा पतला हो गया है. वह दुकान बंद करके शाम को 1090 पर फोन किया. बाद में डायल 112 पुलिस पहुंची. पुलिस के साथ अंदर गए तो देखा कि बच्ची के शरीर पर कपड़े नहीं थे.
आरोपी पिता की तीन शादी, दो पत्नियों की मौत, तीसरी छोड़ गई
आस-पास के लोगों ने बताया कि उसके पिता फेरी कर छोला समोसा बेचते हैं. उसकी तीन बीवियां थीं. पहली दूसरी पत्नी की मौत हो गई थी. तीसरी संभवतः छोड़कर चली गई थी. एक बेटे की कथित तौर पर संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी. युवती को अस्पताल पहुंचाने में शामिल युवक मोनू भी यदि दावा करते हैं और सवाल खड़ा करते हुए कहते हैं कि अगर बच्ची बीमार थी, इलाज कराते थे तो कोई दवा संबंधित पर्ची तो घर में होती.
भाई का वीडियो आया सामने
युवती के 15 वर्षीय भाई का वीडियो भी सामने आया है. दावा है कि सोमवार को रात्रि में अस्पताल में आसपास के लोगों ने यह वीडियो बनाया था. युवती का भाई का कहना है कि उसका बाप उसकी बहन के साथ गलत करता था. उसको घर में रखता था. कोई भी बात बाहर बताने के लिए उसे भी सख्त मना करता था. बहन के साथ पिता द्वारा गलत कार्य करते उसने देख लिया था, लेकिन उसे किसी को न बताते कि धमकी दी गई थी.
आरोपी पिता ने क्या कुछ कहा?
युवती के पिता का कहना है कि बच्ची को बुखार हो रहा था, लूज मोशन था. बैकसाइड पर फोड़े फुंसी हुए थे, जिसके कारण लेकर भर्ती है. वह बताता है कि काम चलाऊं दवा से उसकी हालत ऐसी हुई है. खाना जो बनता था, उसे देते थे. तीन चार दिन से चल फिर नहीं पा रही है. बच्ची की उम्र 18 साल है. ये दूसरी पत्नी के दो बच्चे हैं. वह कहते हैं कि मारपीट नहीं होती थी. उसके न नहाने और शरीर पर कपड़े न होने के सवाल पर उनके चेहरे की रंगत उड़ गई और इधर-उधर जवाब देने लगे.
भदोही से गिरीश पांडेय की रिपोर्ट
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