- उत्तर प्रदेश के जौनपुर में इंजीनियर बेटे अम्बेश ने अपने मां-बाप की सिर पर वार कर हत्या कर दी थी.
- हत्या के बाद शवों को आरी से छह टुकड़ों में काटकर सीमेंट के बोरे में भरकर नदी में फेंक दिया.
- अम्बेश की शादी परिवार को मंजूर नहीं थी और पिता ने पत्नी से अलग होने के लिए 5 लाख रुपये देने से इनकार किया था.
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में इंजीनियर बेटे ने अपने मां-बाप की सिर कूच कर हत्या कर दी. इसके बाद दोनों के शवों को आरी से काटकर कई टुकड़े कर दिए. शवों के हिस्सों को सीमेंट के बोरे में भरकर बेलांव घाट पुल से गोमती नदी में फेंक दिया. हत्या के बाद बहनों को बताया कि मां-बाप नाराज़ होकर कहीं चले गए हैं. बीते 13 दिसम्बर को बहन वंदना ने जफराबाद थाने में शिकायत की तो पुलिस जांच में जुटी. 15 दिसम्बर को ही पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया.
रेलवे से रिटायर श्यामबहादुर (62) पत्नी बबिता (60) के साथ जफराबाद थानांतर्गत अहमदपुर के पास लबे रोड मकान बनवा कर रह रहे थे. उन्हें तीन बेटियां और एक बेटा अम्बेश था. अम्बेश ने बीटेक किया था. बीते जून में ही श्यामबहादुर रेलवे से रिटायर हुए थे. अम्बेश ने 5 साल पहले कोलकाता में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मुस्लिम लड़की से शादी कर ली थी. उसकी इस शादी से परिवार खुश नहीं था. इसी कारण आजतक अम्बेश की पत्नी ससुराल नहीं आ सकी. इस शादी को लेकर आये दिन घर में विवाद होता रहता था.

अंबेश पर था पत्नी को छोड़ देने का दबाव
शादी के बाद अम्बेश को दो बच्चे भी हुए. इसके बाद उसके परिवार ने उनको नहीं अपनाया. पिता श्यामबहादुर अकसर उससे अपनी शादी खत्म करने को कहा करते थे. जब बात बहुत ज़्यादा खराब हो गई तो अम्बेश ने पत्नी से अलग हो जाने की बात कही. पत्नी ने भी उससे हर्जाना लेकर शादी खत्म करने की सहमति जता दी.
5 लाख रूपये में पत्नी से होना था तलाक, पिता ने नहीं दिए पैसे
मां-बाप की जिद के आगे अम्बेश ने पत्नी से रिश्ता खत्म कर लेने की सहमति बना ली. इसके लिए उसे 5 लाख रूपये चुकाने थे. बीत 8 दिसम्बर को अम्बेश ने पिता से पैसे मांगे. इस पर पिता ने मना कर दिया. बात इतनी बढ़ गई कि अम्बेश और बबिता में हाथपाई भी होने लगी. इसी दौरान गुस्से में आकर अम्बेश ने पास रखे लोहे के लोढ़े से मां के सिर पर वार कर दिया. सिर पर चोट लगते ही बबिता वहीं गिर कर तड़पने लगीं. पिता ने देखा तो चिल्लाने लगा. उन्होंने मोबाइल फोन से किसी को कॉल लगा कर बताने की कोशिश की लेकिन. तब तक अम्बेश ने उनके सिर पर भी ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिया. इससे वे भी ज़मीन पर गिरकर तड़पने लगे. थोड़ी ही देर बाद दोनों की मौत हो गई.

शवों को ठिकाने लगाने के लिए आरी से 6 टुकड़े कर दिए
मां-बाप की हत्या के बाद अम्बेश शवों को जल्द ठिकाने लगा देना चाहता था. शवों को वहां से हटाने के लिए किसी बड़े बैग या बोरे की तलाश की. लेकिन नहीं मिला. नीचे गैरेज के पास उसे सीमेंट की खाली बोरियां मिलीं जो साइज में छोटी होती हैं. शवों को इन बोरियों में डालने के लिए उसने शरीर के टुकड़े करने की ठान ली. गैरेज से उसे एक आरी भी मिल गई. उसने पहले मां के शव के टुकड़े करने शुरू किये. उनके सिर से कमर तक फिर कमर से घुटने तक और घुटने से पंजे तक का हिस्सा अलग कर दिया. ऐसे ही पिता के भी शव के टुकड़े कर दिए.
शवों को बोरे में भरकर कार से नदी में फेंक दिया
मां-माप की जघन्य हत्या के बाद अम्बेश ने आरी से काटकर सभी के शवों के टुकड़े कर दिया. इसके बाद इन शवों को बोरे में डालकर कार की डिकी में भर लिया. सुबह करीब पांच बजे अंधेरे में वो कार लेकर निकल गया. घर से थोड़ी बेलांव पुल से उसने शवों को नदी में फेंक दिया. फिर वहां से घर चला आया.
बहन को बताया कि मां-बाप चले गए घर से
अम्बेश ने मां-बाप की हत्या के बाद उनके शवों को ठिकाने तो लगा दिया लेकिन, अब इस हत्याकांड का रूप बदलने की योजना बनाने लगा. उसने अपनी शादीशुदा बहन वंदना को फोन कर बताया कि मां और पिता से उसका झगड़ा हो गया था. इससे नाराज होकर दोनों घर से कहीं चले गए हैं. वो भी उन्हें ढूंढने जा रहा है. इसके बाद अम्बेश का मोबाइल फोन ऑफ हो गया. उसका भी कहीं पता नहीं चला तो बहन वंदना 13 दिसम्बर को जफराबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई.
तीन लोगों के लापता होने की रिपोर्ट पर पुलिस ने शुरू की जांच
वंदना ने माता, पिता और भाई के गुम हो जाने की खबर जब पुलिस को दी तो सभी का माथा ठनका. पहले मां-बाप और फिर बेटे के गायब हो जाने की थ्योरी किसी के गले नहीं उतर रही थी. पुलिस जांच में शक की सुई अम्बेश की तरफ जाने लगी. 15 दिसम्बर को जब पुलिस ने अम्बेश को हिरासत में लिया तो उसने पुलिस टीम को खूब गुमराह किया. इसके बाद थोड़ी सख़्ती होने पर वो टूट गया. उसने 8 दिसम्बर की खौफनाक वारदात पुलिस के सामने बयान कर दी.
शवों के टुकड़े खोजने में लगी टीम, पिता का एक हिस्सा मिला
हत्या के बाद अम्बेश ने बड़ी सफाई से शवों को ठिकाने लगा दिया. घर आकर हर जगह से सबूत मिटा दिए. लेकिन जब हत्यकांड से पर्दा उठा तो पुलिस शवों की तलाश में जुट गई. अम्बेश के बताए जगह से खोजबीन शुरू हुई. कुछ घंटों बाद पिता के शव का एक हिस्सा पुलिस को बरामद हो गया. घर से आरी और बट्टा भी बरामद कर लिया गया.
गोताखोरों की टीम नदी में कर रही तलाश
एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि शवों की बरामदगी के लिये गोताखोरों की कई टीम केराकत तक लगी हुई है. स्टीमर से नदी के हर तरफ खोजबीन की जा रही है. पैसों के लिये ही अम्बेश ने माता और पिता को मौत के घाट उतार दिया. जल्द ही शव बरामद कर लिए जाएंगे.
जौनपुर में दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है. एक बेटे ने अपने मां-बाप बड़ी ही बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद उनके शवों के टुकड़े कर नदी में फेंक दिया. घटना का खुलासा होते ही पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार मर लिया. अब शवों को बरामद करने की कोशिश चल रही है.
राजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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