उत्तर प्रदेश के हापुड़ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को जिले के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) समेत तीन पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया. इस बीच पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं ने अपनी हड़ताल वापस ले ली, लेकिन हापुड़ के अधिवक्ता अभी काम पर नहीं लौटे हैं. इस बीच लखनऊ बार एसोसिएशन ने हापुड़ बार एसोसिएशन द्वारा जारी हड़ताल का समर्थन किया है.
उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं की शीर्ष संस्था राज्य विधिज्ञ परिषद और राज्य के मुख्य सचिव के बीच बृहस्पतिवार रात सफल वार्ता के बाद हड़ताल वापस लेने की घोषणा की गई और इसके अगले ही दिन पुलिस मुख्यालय से हापुड़ के अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई की गई है. उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता हापुड़ में वकीलों पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर 30 अगस्त से हड़ताल पर थे.
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हापुड़ में 29 अगस्त को वकीलों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के विरोध में लखनऊ समेत कई जिलों में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और पुलिस एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. वकीलों की हड़ताल से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी न्यायिक कार्य बंद रहा. वहीं, राज्य की विभिन्न जिला अदालतों में लगातार पिछले 16 दिनों से कामकाज प्रभावित रहा.
अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) नीरा रावत की ओर से जारी आदेश में हापुड़ के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मुकेश चंद्र मिश्र को एएसपी (देहात) के पद पर बरेली भेजा गया है, जबकि बरेली के एएसपी (देहात) राजकुमार को हापुड़ का एएसपी बनाया गया है.
आदेश में कहा गया है कि मिश्र के अलावा हापुड़ के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अशोक कुमार सिसोदिया को इसी पद पर सहारनपुर भेजा गया है और सहारनपुर के जीतेन्द्र कुमार शर्मा को हापुड़ का डीएसपी बनाया गया है.
हापुड़ के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने शुक्रवार को बताया, ‘‘एएसपी मुकेश चंद्र वर्मा, डीएसपी अशोक कुमार सिसोदिया और हापुड़ नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) सत्येन्द्र प्रकाश सिंह को जिले से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है.'' एसपी ने कहा, ‘‘अधिवक्ता संगठनों के साथ बातचीत के बाद सरकार ने स्थानांतरण का आदेश दिया है.''
हापुड़ बार एसोसिएशन के सचिव नरेंद्र शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘इस मामले को लेकर विरोध जारी रहेगा. हमने आगे की रणनीति तय करने के लिए शनिवार को एक बैठक बुलाई है. बैठक के बाद फैसला होगा.''
लखनऊ बार एसोसिएशन की आम सभा की आपात बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष सुरेश पांडेय की अध्यक्षता और महामंत्री कुलदीप नारायण मिश्र के संचालन में संपन्न हुई, जिसमें हापुड़ बार एसोसिएशन द्वारा जारी हड़ताल का समर्थन करने का फैसला किया गया.
एसोसिएशन के महामंत्री कुलदीप नारायण मिश्र ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि एसोसिएशन ने राज्य विधिज्ञ परिषद परिषद द्वारा हड़ताल को वापस लेने के फैसले को मानने से इनकार करते हुए हापुड़ के अधिवक्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की और हापुड़ बार एसोसिएशन द्वारा जारी हड़ताल का समर्थन किया. मिश्रा ने बताया कि शनिवार को लखनऊ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता हापुड़ पहुंचकर वहां समर्थन देते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे.
बलिया से मिली खबर के अनुसार बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष के फैसले के बाद बलिया के वकीलों ने शुक्रवार व शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया है.
इस दौरान वकीलों ने कहा कि हम हापुड़ के वकीलों के साथ हैं, ऐसे में बार काउंसिल द्वारा हड़ताल खत्म करना न्याय संगत नहीं है. अधिवक्ता नेता त्रिभुवन नाथ यादव ने शुक्रवार को बताया कि ‘क्रिमिनल एंड रेवेन्यू' बार संगठन व सिविल बार एसोसिएशन के वकीलों ने संयुक्त बार की बैठक में दो दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है.
वकीलों ने कहा कि बार काउंसिल के अध्यक्ष ने सरकार के पक्ष में एकतरफा निर्णय लिया हैं. यह हापुड़ के पीड़ित वकीलों के साथ अन्याय है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं