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This Article is From Oct 28, 2025

बरेली हिंसा में फरार आरोपी पहुंचे हाईकोर्ट, बोले- 'हुजूर हमें पुलिस से बचाइए'

बरेली हिंसा के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज, बुलडोजर कार्रवाई और दर्ज मुकदमों को लेकर जनहित याचिका दाखिल हुई है. याचिका में मांग की गई है कि बरेली पुलिस द्वारा गलत लाठीचार्ज किया गया है इसलिए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए.

बरेली हिंसा में फरार आरोपी पहुंचे हाईकोर्ट, बोले- 'हुजूर हमें पुलिस से बचाइए'
बरेली हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को होगी सुनवाई
  • बरेली में 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद के बाद हुई हिंसा में दो आरोपी भाइयों ने हाईकोर्ट से लगाई गुहार
  • नदीम खान, बबलू खान पर कई धाराओं में FIR दर्ज और उनके खिलाफ पुलिस ने पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है
  • हिंसा के मास्टरमाइंड तौकीर रज़ा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई आरोपी अभी फरार हैं
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लखनऊ:

यूपी के बरेली में 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद' पोस्टर को लेकर हुए विवाद के बाद हुई हिंसा में शामिल दो साजिशकर्ता भाई अब गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए है. दोनों भाइयों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और हिंसा को लेकर दर्ज हुई एफआईआर को रद्द करने की गुहार लगाए हुए याचिका दाखिल की है. बरेली के बारादरी थाने में दर्ज हुई एफआईआर नंबर 1145/2025 में आरोपी नदीम उर्फ नदीम खान और बबलू खान हिंसा के बाद से फरार चल रहे है. दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 121(1), 115(2), 191(2), 190, 221, 132, 191(3), 223, 125, 352 और 299 में एफआईआर दर्ज हुई है. दोनों पर पुलिस ने 15-15 हजार का इनाम भी घोषित किया हुआ है. अभी तक दोनों आरोपी भाई पुलिस की गिरफ्त से दूर है और अब गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने वकीलों के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. 

बरेली हिंसा में शामिल करीब 100 से ज्यादा नामजद 

बरेली हिंसा मामले में बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. याचिका में राज्य सरकार, बारादरी थाने के एसएचओ और बारादरी थाने के एसआई अखिलेश उपाध्याय को प्रतिवादी बनाया गया है. जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की डबल बेंच मामले में सुनवाई करेगी. बता दें कि 26 सितंबर को आई लव मोहम्मद' पोस्टर को लेकर विवाद के बाद हुए बरेली में हिंसा हुई थी. पुलिस ने बरेली हिंसा में बारादरी, कोतवाली, प्रेम नगर, कैंट और किला थाने में एफआईआर दर्ज की थी. हिंसा में शामिल करीब 100 से ज्यादा नामजद और दो हजार लोगों से ज्यादा अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. पुलिस ने हिंसा के मास्टरमाइंड इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष तौकीर रज़ा समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. 

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तौकीर रज़ा के सात सहयोगियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम

पुलिस ने हिंसा में फरार चल रहे तौकीर रज़ा के सात सहयोगियों पर 15-15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया हुआ है. इसमें हाईकोर्ट पहुंचने वाले नदीम खान और बबलू खान भी शामिल है. इन दोनों की याचिका पर बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई करेगा. इसके अलावा हिंसा में एक और आरोपी अजमल रफ़ी द्वारा दायर याचिका पर भी डबल बेंच में सुनवाई होने की उम्मीद है. तौक़ीर रज़ा की इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के युवा जिला अध्यक्ष मोहम्मद साजिद उर्फ साजिद सकलैनी ने भी एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. साजिद भी हिंसा के बाद फरार चल रहा है और गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है. अदनान नाम के एक अन्य आरोपी ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट से एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की है. इन दोनों की याचिकाओं पर भी इस हफ्ते सुनवाई होने की उम्मीद है.

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याचिका में क्‍या की गई मांग?

बरेली हिंसा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक क्रिमिनल जनहित याचिका भी दाखिल की गई है जिसपर बुधवार को सुनवाई होनी है. 26 सितंबर को हुई बरेली हिंसा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट जनहित याचिका की गई है. महाराष्ट्र की हजरत ख्वाजा गरीब नवाज वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से ये  क्रिमिनल पीआईएल दायर की गई है. याचिका में बरेली हिंसा के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज, बुलडोजर कार्रवाई और दर्ज मुकदमों को लेकर जनहित याचिका दाखिल हुई है. याचिका में मांग की गई है कि बरेली पुलिस द्वारा गलत लाठीचार्ज किया गया है इसलिए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए. बिना कानूनी कार्रवाई पूरी किए बुलडोजर कार्यवाही की जा रही है इसलिए उस पर रोक लगाई जाए. मांग है कि गैर कानूनी तरीके से तोड़फोड़ की गई है उसका भी नुकसान दिलाया जाए. प्रशासन द्वारा कई दुकानों और मकान को सील किया गया है जिसके कारण रोजगार को हानि पहुंच रही है. दुकानों और मकान की सीलिंग की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए. निर्दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई न की जाए. 

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कोर्ट से आरोपी लगा रहे ये गुहार

इलाहाबाद हाईकोर्ट से जनहित याचिका के माध्यम से मांग की गई है कि हाईकोर्ट कोई ऐसा आदेश या निर्देश जारी करें कि जिसमें प्रतिवादी द्वारा बिना किसी नोटिस या सुनवाई के किए गए ध्वस्तीकरण और मनमाने तरीके से अवैध कार्रवाई की गई है. याचिका में कहा गया है कि ये कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 300-ए का उल्लंघन करने वाली है. इस पूरी घटना की न्यायिक जाँच किसी रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज से कराई जाए. इस घटन में दोषी अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय की जाए. प्रशासनिक, पुलिस और नगरपालिका अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक आदेश या निर्देश जारी किया जाए. 

याचिका में ये भी मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2001 टीटी एंटनी बनाम केरल राज्य में दिए गए निर्णय के आलोक में बरेली हिंसा की एक ही घटना के संबंध में अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज सभी एफ़आईआर को एक साथ समेकित करने का आदेश हाईकोर्ट दें. संस्था की तरफ से एडवोकेट मोहम्मद आरिफ और अधिवक्ता सहर नकवी के माध्यम से याचिका दाखिल की गई है. याचिका में यूपी सरकार, बरेली डीएम, बरेली विकास प्राधिकरण, बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बरेली के थाना बारादरी, थाना प्रेमनगर, कैंट पुलिस स्टेशन और कोतवाली पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को प्रतिवादी बनाया गया है. इस जनहित याचिका पर भी जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की डबल बेंच सुनवाई करेगी.

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