समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके परिजनों से जुड़े जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद आयकर विभाग ने कर और जुर्माना वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक जांच में करीब 450 करोड़ रुपये की कथित अघोषित आय का मामला सामने आया है, जिसके आधार पर 500 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी की तैयारी की जा रही है. दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय भी ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रहा है. मामले ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
450 करोड़ की अघोषित आय का दावा
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान ट्रस्ट के पास करीब 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय के निवेश की बात सामने आई है. इसी आधार पर ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की तैयारी की जा रही है.

वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
आयकर विभाग ने ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी ट्रस्टी बनाने, संदिग्ध लोगों से चंदा लेने और सरकारी धन के इस्तेमाल जैसे आरोपों के आधार पर रद्द किया था. विभाग का कहना है कि ट्रस्ट को कई बार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन पर्याप्त प्रमाण नहीं दिए जा सके.
ED की कार्रवाई भी तेज
प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जौहर ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार जिन इमारतों के निर्माण में सरकारी धन के उपयोग के आरोप हैं, उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही आजम खां और उनके परिजनों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है.
यह भी पढ़ें : जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर आजम खान के यूपी से लेकर दिल्ली तक 10 ठिकानों पर ED की रेड
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं