विज्ञापन

टिन्नू यादव की वॉकी टॉकी पावर, सिर्फ एक मैसेज से राम मंदिर में किसी को भी दिला देता था एंट्री

टिन्नू यादव की पावर सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि अगर एक मेसेज से किसी को भी एंट्री मिल जाती थी तो फिर राम मंदिर की सुरक्षा के मानकों को क्या होता था.

टिन्नू यादव की वॉकी टॉकी पावर, सिर्फ एक मैसेज से राम मंदिर में किसी को भी दिला देता था एंट्री
राम मंदिर में टिन्नू यादव का चलता था सिक्का. (फाइल फोटो)
  • राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में टिन्नू यादव का नाम सामने आया है. वह ट्रस्ट का करीबी सदस्य है
  • टिन्नू यादव के वॉकी टॉकी मैसेज के जरिए मंदिर के वीआईपी गेट से किसी को भी सीधे एंट्री मिल जाती थी
  • मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि टिन्नू बिना रोकटोक गाड़ियों को अंदर घुसाता था
लखनऊ:

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच तेज है और लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे प्रकरण में एक बड़ा नाम टिन्नू यादव का भी है, जो ट्रस्ट के सदस्यों का करीबी बताया जाता है. यही नहीं राम मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था हो या फिर सुरक्षा का मामला, सभी में उसकी अच्छी चलती थी. यहां तक जानकारी मिली है कि टिन्नू यादव के कहने पर राम मंदिर के वीआईपी गेट से किसी को भी सीधे एंट्री मिल जाती थी. इसके लिए टिन्नू यादव की ओर से वॉकी टॉकी पर बस एक संदेश जारी किया जाता था. इसके बाद किसी को भी एंट्री मिल जाती थी. इस जानकारी ने राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं.

टिन्नू यादव का वॉकी टॉकी वाला राज

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के बारे में जानकारी मिली है कि टिन्नू के पास एक वॉकी टॉकी रहता था. किसी भी व्यक्ति को मंदिर जाने के लिए अगर वॉकी टॉकी पर टिन्नू ने मैसेज कर दिया तो कोई उस गाड़ी या व्यक्ति को रोक नहीं सकता था. सालों से मंदिर की सुरक्षा में लगे रेडियो ऑपरेटर अर्जुन से टिन्नू की गहरी दोस्ती थी. टिन्नू सिर्फ मुख्य द्वार या रंग महक बैरियर से ही नहीं बल्कि 11 नंबर गेट से एक मैसेज करके किसी की भी गाड़ी मंदिर के परिसर में दाखिल कराने की क्षमता रखता था. आम श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार से ही प्रवेश मिलता है, जबकि वीआईपी एंट्री के लिए 11 नंबर गेट का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में यहां भी टिन्नू यादव का सिक्का चलना सवाल खड़े करता है.

टिन्नू के पास वॉकी टॉकी कहां से आया?

आखिर कैसे एक व्यक्ति राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय महत्व के स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखते हुए इतना पावरफुल हो गया. फिर एक संदेश मात्र से किसी को भी एंट्री मिल जाना सवाल खड़े करता है. सवाल यह भी है कि यदि एक मेसेज से ही किसी को एंट्री मिल जाती थी तो फिर राम मंदिर की सुरक्षा के मानकों का क्या होता था. कई विधायकों और अधिकारियों को भी इस गेट से एंट्री नहीं मिल सकती थी, लेकिन टिन्नू के करीबियों की एंट्री इसी वीवीआईपी गेट से कराई जाती थी. सवाल ये कि टिन्नू के पास वॉकी टॉकी कहां से आया? अगर ये सरकारी वॉकी टॉकी था तो उसे किस हैसियत से दिया गया और अगर ये प्राइवेट था तो उसकी फ्रीक्वेंसी सरकारी सुरक्षाकर्मियों के वॉकी टॉकी से कैसे मैच हो सकती थी? यह भी एक अहम सवाल है.

रामलला की चरण पादुका और गले के हार कहां गए?

बता दें कि रामलला की चरण पादुका और गले के हार को गलाए जाने के मामले में भी टिन्नू यादव एक किरदार है. एसआईटी ने इस केस में भी टिन्नू यादव से पूछताछ की थी. जानकारी के मुताबिक, टिन्नू यादव का कहना था कि इन्हें गलाकर ईंट बनाने की तैयारी थी. इसके बाद पता चला कि शायद कृष्ण देव तिवारी के पास ये चीजें मौजूद हैं. तिवारी के पास आभूषण रखने की जिम्मेदारी रहती थी. उनसे पूछताछ हुई तो तिवारी ने कहा कि मेरे पास न तो आभूषण हैं और न ही उसकी कोई रसीद मौजूद है. इसलिए यह प्रकरण भी सवालों के घेरे में आ गया है कि आखिर रामलला की चरण पादुका और हार कहां चले गए.

ये भी पढ़ें- राम मंदिर चढ़ावा की जांच अदालत की निगरानी में हो मीलॉर्ड! सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया मामला

लेखक के बारे में
img
रनवीर सिंह
रिपोर्टर
रणवीर लगभग 18 वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। यूपी के गोरखपुर के रहने वाले रणवीर वर्तमान में एनडीटीवी के ब्यूरो चीफ पद पर लखनऊ में कार्यरत हैं। इन 1... और पढ़ें
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
UP News, Ram Mandir Donation Scam, Ram Mandir Donation Theft Case, Ram Mandir Donation Scam News, Tinnu Yadav
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com