- अलीगढ़ में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी कराने वाली 64 महिलाएं फिर से गर्भवती हो गईं
- स्वास्थ्य विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन पांच महिलाओं के दावे नियमों के कारण खारिज किए गए
- गर्भधारण की सूचना 90 दिनों के भीतर देना अनिवार्य है, और नियम पालन न होने पर दावे निरस्त किए गए हैं
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी कराने के बावजूद जिले में 64 महिलाएं गर्भवती हो गईं. मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि नियमों की अनदेखी के चलते 5 महिलाओं के दावे खारिज कर दिए गए हैं.
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक साल 2025 में नसबंदी कराने वाली 64 महिलाओं के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है. अलीगढ़ के सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि महिलाओं द्वारा अपील किए जाने पर अब तक 62 मामलों की मुआवजा राशि विभाग के पास पहुंच चुकी है.
वहीं नियमों के अनुसार गर्भधारण की सूचना 90 दिनों के भीतर देना अनिवार्य है. इस नियम का पालन न होने के कारण 6 ब्लॉकों से जुड़े करीब 5 दावों को निरस्त कर दिया गया है. खारिज किए गए मामलों में लोधा और छर्रा के दो-दो केस शामिल हैं, जबकि अकराबाद, जवां, टप्पल और गोंडा ब्लॉक से एक-एक मामला सामने आया है.
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में जिले में 6,240 महिला-पुरुषों ने नसबंदी कराई थी. वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या 3,042 रही, जिनमें 99 प्रतिशत नसबंदी महिलाओं की है.
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