UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का नियम 15 अक्टूबर से लागू होने वाला है. इसमें 2000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू नहीं होने वाला है. लेकिन इससे ज्यादा के पेमेंट पर MDR लगाया जाएगा. इसके बाद यात्रियों के मन में सवाल है कि क्या 2000 रुपये से ज्यादा के टिकट बुकिंग पर लगने वाला चार्ज क्या ग्राहकों को देना पड़ेगा? क्या इस वजह से टिकट के दाम बढ़ सकते हैं. हालांकि सरकार ने पहले ही कहा है कि MDR मर्चेंट से वसूला जाएगा और मर्चेंट ग्राहक से इसकी वसूली नहीं कर सकते हैं.
रेल टिकट बुकिंग पर कौन सा MDR होगा लागू
रेलवे की ओर से जानकारी दी गई है कि रेल टिकट बुकिंग के लिए किए गए UPI पेमेंट पर 5 रुपये का MDR लगेगा. हालांकि यह 5 रुपये का MDR यात्रियों से नहीं लिया जाएगा. यह शुल्क मर्चेंट यानी बैंक या IRCTC को देना होगा. नए MDR सिस्टम में रेलवे टिकटिंग को टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और यूटिलिटी पेमेंट जैसे सेक्टर के साथ एक खास कैटेगरी में रखा गया है. इन मामलों में MDR को 5 रुपये की फ्लैट फीस के तौर पर तय किया गया है.
क्या ट्रेन का टिकट होगा महंगा
रेलवे ने साफ किया है कि UPI पेमेंट पर लगने वाला MDR यात्रियों से नहीं वसूला जाएगा. अगर आपने 10000 रुपये का टिकट बुकिंग की है और पेमेंट UPI से किया है तो आपको 10000 रुपये ही देने होंगे. इसमें रेलवे पहले जो चार्ज ले रही थी, वही चार्ज लिया जाएगा. इस पर MDR का अतिरिक्त चार्ज नहीं जोड़ा जाएगा.
बता दें, वित्त मंत्रालय ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि मर्चेंट इस शुल्क का बोझ ग्राहकों पर न डालें.
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