विज्ञापन

माता-पिता की मृत्यु के बाद भी विधवा और तलाकशुदा बेटियों को मिलेगा CGHS का फायदा, जानें क्या रखी गई है शर्त

अब माता-पिता के साथ रहने वाली आश्रित विधवा और तलाकशुदा बेटियों को उनके परिवार के केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) कार्ड में शामिल करने की अनुमति दे दी गई है.

माता-पिता की मृत्यु के बाद भी विधवा और तलाकशुदा बेटियों को मिलेगा CGHS का फायदा, जानें क्या रखी गई है शर्त
CGHS कार्ड से जुड़ा नियम बदला
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स
  • मंत्रालय ने CGHS कार्ड से जुड़ा नियम बदल दिया है.
  • CGHS कार्ड से जुडे पुराने नियमों की विसंगति खत्म.
  • माता-पिता की मृत्यु के बाद भी बेटियों को मिलेगा लाभ.

केंद्र सरकार ने पेंशनभोगियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब माता-पिता के साथ रहने वाली आश्रित विधवा और तलाकशुदा बेटियों को उनके परिवार के केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) कार्ड में शामिल करने की अनुमति दे दी गई है. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि मूल सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद भी यह स्वास्थ्य लाभ निरंतर जारी रहेगा.

पुराने नियमों की विसंगति खत्म

इससे पहले लागू नियमों में एक बड़ा तकनीकी पेंच था. यदि मूल कार्डधारक (कर्मचारी या पेंशनर) का निधन हो जाता था और उनके जीवित जीवनसाथी (पति या पत्नी) को पारिवारिक पेंशन मिलने लगती थी, तो उस CGHS कार्ड में किसी नए आश्रित सदस्य को जोड़ने या दोबारा बहाल करने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं था. इस पुराने नियम के कारण कई जरूरतमंद और गंभीर बीमारियों से जूझ रही आश्रित बेटियों को मुफ्त या रियायती इलाज की सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा था.

मंत्रालय को देश भर के पेंशनभोगियों से कई ऐसे प्रतिवेदन मिले थे, जिनमें उन्होंने अपनी उन आश्रित बेटियों के इलाज का खर्च उठाने में असमर्थता जताई थी जिनकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है. सरकार का यह मानवीय कदम उन बुजुर्ग माता-पिता के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा, जो अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे.

क्या होगी पात्रता की शर्तें?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ ऑटोमैटिक रूप से नहीं मिलेगा. कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए कुछ मानकों का कड़ा सत्यापन किया जाएगा. इसके तहत बेटी का आधिकारिक रूप से विधवा या कानूनी रूप से तलाकशुदा होना अनिवार्य है.  बेटी की अपनी कोई स्वतंत्र आय नहीं होनी चाहिए और वह पूरी तरह पेंशनभोगी पर निर्भर हो. इसके अलावा CGHS के तहत लागू अन्य सभी विभागीय शर्तें व नियम पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगे.

यह भी पढ़ें | ओल्‍ड पेंशन स्‍कीम का मौका, 2 महीने का समय, कर्मचारी नोट कर लें डेडलाइन! क्‍या दिल्‍लीवालों को भी मिलेगा लाभ?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
CGHS, CGHS Beneficiaries, CGHS Card Rule Change, CGHS Eligibility, Utility News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com