ओल्ड पेंशन स्कीम पर कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर है. बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ मिल सकता है, बशर्ते वो डेडलाइन खत्म होने से पहले NPS से OPS में स्विच होने का आवेदन कर दें. ये खबर है जम्मू-कश्मीर के उन कर्मचारियों के लिए, जो 24 दिसंबर से 2009 के पहले निकाले गए भर्ती विज्ञापन से सरकारी सेवा में आए हों, भले ही उनकी बहाली 24 दिसंबर 2009 के बाद हुई हो. ऐसे कर्मचारियों के लिए सरकार ने NPS से OPS में स्विच होने के लिए वन टाइम ऑप्शन दिया है.
ये चिट्ठी 29 सितंबर को निकाली गई और 3 महीने का समय दिया गया. यानी इस 3 महीने की इस समयसीमा में से 1 महीने खत्म हो चुके हैं और बचे हैं केवल 2 महीने. 29 दिसंबर से पहले कर्मचारियों को इसके लिए तय प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर देना होगा.
पुराने पेंशन की मांग करने वाले कर्मचारियों में उम्मीद
इस संबंध में वित्त विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सरकार की ओर से चिट्ठी जारी होने के बाद, दूसरे राज्यों में भी उन सरकार कर्मियों को उम्मीद की एक किरण दिखने लगी है, जो दिसंबर 2009 के पहले आवेदन कर नौकरी में आए, लेकिन पुरानी पेंशन योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं. AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंजीत पटेल के मुताबिक, ये फैसला इसलिए खास है, क्योंकि इससे दिल्ली और दूसरे राज्यों के उन कर्मचारियों के लिए भी उम्मीद बढ़ गई है जो पुरानी पेंशन की मांग को लेकर अदालतों में लड़ाई लड़ रहे हैं.
पहले पूरा मामला समझ लीजिए
केंद्र सरकार ने साल 2004 से सरकारी सेवा में आने वाले कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना (NPS) लागू की थी. इसके तहत पेंशन कंट्रीब्यूटरी स्कीम हो गई. यानी कर्मचारियों का अंशदान भी इसमें जरूरी हो गया. जबकि ओल्ड पेंशन स्कीम पूरी तरह सरकारी खजाने से दी जाती थी.
खैर केंद्र के ही तर्ज पर जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी 24 दिसंबर 2009 को NPS की अधिसूचना जारी कर दी. इसके तहत 1 जनवरी 2010 या उसके बाद सेवा में आए कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम खत्म कर न्यू पेंशन स्कीम लागू कर दी गई.
इसके बाद से ही बड़ी संख्या में कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना में जाने की मांग करने लगे.वो लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास कर रहे थे. अब जाकर कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार ने ऐसे पुराने विज्ञापित पदों पर आए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना चुनने का एक मौका (वन-टाइम ऑप्शन) दे दिया है.
कर्मचारियों को करना क्या होगा?
सबसे जरूरी बात कि इस आदेश के जारी होने की तारीख यानी 29 सितंबर के बाद से, कर्मचारियों के पास पुरानी पेंशन योजना चुनने के लिए सिर्फ 3 महीने का समय है. इसमें 1 महीना बीत चुका है. यानी पात्र कर्मचारियों के पास केवल 2 महीने बचे हैं.
जैसा कि बताया गया है, पात्र कर्मचारियों को अपना विकल्प फॉर्म अपने डिपार्टमेंट के ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) के पास जमा करना होगा. ये अधिकारी, इसे आगे की जांच के लिए प्रशासनिक विभाग को भेजेंगे.
इसके बाद जैसे ही किसी कर्मचारी का पुरानी पेंशन योजना में जाने का आदेश मंजूर हो जाएगा, उसका पुराना NPS खाता बंद कर दिया जाएगा और उसे सामान्य भविष्य निधि (GPF) का सदस्य बना दिया जाएगा.
क्या दिल्ली वालों को भी मिल सकता है लाभ?
ऑल इंडिया NPS इंप्लॉई फेडरेशन (AINPSEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंजीत पटेल ने कहा कि चूंकि जम्मू-कश्मीर अब एक केंद्र शासित प्रदेश है, इसलिए दिल्ली और अन्य राज्यों के कर्मचारियों में भी उम्मीद बढ़ गई है. उन्होंने कहा, ' 2009 के बाद जम्मू-कश्मीर में NPS को एंडोर्स किया गया था और तब जम्मू कश्मीर का खुद का संविधान था. चूंकि अब जम्मू कश्मीर भी 2019 से दिल्ली की तरह ही एक केंद्र शासित प्रदेश है, तो दिल्ली के लिए एक आधार तैयार हो गया है.'
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