जब हम मेट्रो में सफर करते हैं, तो अक्सर ट्रेन पकड़ने, ऑफिस पहुंचने या अपनी मंज़िल तक जाने की जल्दी में होते हैं. इस आपाधापी में हमारे आसपास कई ऐसी चीज़ें मौजूद होती हैं, जिन पर हमारा ध्यान नहीं जाता. मेट्रो स्टेशन के प्लेटफार्म और फुटपाथों पर बिछी पीली टाइल्स (Yellow Tiles) भी ऐसी ही एक चीज़ है.
ज़्यादातर लोग इसे महज़ एक डेकोरेशन या आर्किटेक्चर डिज़ाइन समझते हैं, लेकिन सच यह है कि ये पीली टाइल्स हर एक की सुरक्षा का एक बेहतरीन उदाहरण हैं. इन्हें टेक्टाइल पेविंग (Tactile Paving) कहा जाता है, जो मुख्य रूप से दृष्टिबाधित (Visually Impaired) यात्रियों को सुरक्षित सफर कराने में मदद करती हैं.
किसने किया था टेक्टाइल टाइल्स का आविष्कार?
टेक्टाइल पेविंग की शुरुआत 1960 के दशक में जापानी इंजीनियर सेइची मियाके (Seiichi Miyake) ने की थी. उन्होंने अपने एक दृष्टिबाधित दोस्त की मदद करने के लिए इन टाइल्स का निर्माण किया था, जिन्हें जापान में टेनजी ब्लॉक्स (Tenji Blocks) के नाम से जाना जाता है. पहली बार इन्हें 1967 में जापान के ओकायामा शहर में लगाया गया था. इसके बाद इनकी उपयोगिता को देखते हुए पूरी दुनिया के मेट्रो नेटवर्क्स और सार्वजनिक स्थानों पर इसे अनिवार्य कर दिया गया.
मेट्रो में दो तरह की होती हैं ये पीली टाइल्स
दृष्टिबाधित यात्री अपनी छड़ी या जूतों के स्पर्श से इन टाइल्स के पैटर्न को समझ कर आगे बढ़ते हैं. मेट्रो स्टेशनों पर यह मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं.
लंबी सीधी धारियां
यह सुरक्षित रास्ते और आगे बढ़ने का संकेत देते हैं. इन टाइल्स पर लंबी, सीधी उभरी हुई रेखाएं बनी होती हैं. यह एक टेक्टाइल पाथ बनाती हैं, जो दृष्टिबाधित यात्रियों को बताती हैं कि रास्ता सीधा और चलने के लिए सुरक्षित है.
गोल उभरे हुए दाने
इस मतलब होता है कि यहां खतरा है, इसलिए रुकें या सावधानी से आगे बढ़ें. इन टाइल्स पर गोल गोल उभरे हुए बिंदु बने होते हैं. यह स्टॉप या सावधान का सिग्नल देती हैं. ये आमतौर पर प्लेटफॉर्म के किनारों, सीढ़ियों की शुरुआत, लिफ्ट के पास या दिशा बदलने वाले मोड़ों पर लगाई जाती हैं, ताकि कोई दुर्घटना न हो.
दुनियाभर में पीली पट्टी किए जाते हैं इस्तेमाल
- भारत : दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख मेट्रो शहरों में 'सुगम्य भारत अभियान' के तहत हर स्टेशन पर ये पीली टाइल्स अनिवार्य रूप से बिछाई गई हैं.
- जापान और एशिया: जापान में ये केवल मेट्रो ही नहीं, बल्कि आम पैदल रास्तों और इमारतों के अंदर भी बिछी होती हैं. दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और मलेशिया में भी यह बेहद लोकप्रिय है.
- ब्रिटेन और अमेरिका: यूके के टाइन ऐंड वियर मेट्रो ने 2022 तक अपने हर प्लेटफॉर्म किनारे पर इन्हें इंस्टॉल किया है, जबकि अमेरिका में दिव्यांग अधिकार कानून (ADA 1990) के तहत सार्वजनिक परिवहन में ये टाइल्स लगाना जरूरी है.
मेट्रो स्टेशन की ये पीली टाइल्स सिर्फ साधारण टाइल्स नहीं हैं, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भरता और सुरक्षा देने का एक सशक्त माध्यम हैं. अगली बार जब आप मेट्रो स्टेशन पर इन पीली टाइल्स को देखें, तो याद रखें कि यह सिर्फ सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि किसी को सुरक्षित रास्ता दिखाने के लिए बनाई गई हैं.
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