देश में महिला सशक्तिकरण और अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की Stand-Up India Scheme एक महत्वाकांक्षी योजना है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देना और नए बिज़नेस की शुरुआत के लिए आसान लोन उपलब्ध कराना है.
अगर आप भी अपना नया उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस या ट्रेडिंग बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो स्टैंड-अप इंडिया योजना आपके लिए बेहतरीन मौका साबित हो सकती है. इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ, पात्रता शर्तों और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया नीचे दी गई है.
स्टैंड-अप इंडिया योजना के मुख्य लाभ
- स्टैंड-अप इंडिया योजना के जरिए योग्य आवेदकों को 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का कंपोजिट लोन प्रदान किया जाता है.
- वर्किंग कैपिटल की निकासी और दैनिक कारोबारी लेन-देन को आसान बनाने के लिए लाभार्थी को RuPay डेबिट कार्ड जारी किया जाता है.
- भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) का पोर्टल ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट, मेंटरिंग, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, आवेदन भरने, वर्कशेड सपोर्ट और सरकारी सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पूरा गाइडेंस प्रदान करता है.
ये हैं स्टैंड-अप इंडिया योजना के लिए पात्रता की शर्तें
- लोन केवल नए स्थापित होने वाले मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, एग्री-एलाइड गतिविधियों या ट्रेडिंग सेक्टर के बिज़नेस के लिए दिया जाता है.
- पुरुष आवेदक केवल अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से होने चाहिए.
- महिला आवेदक General, OBC, SC और ST जैसी सभी वर्गों की पात्र हैं.
- आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होना जरूरी है, यानी 18 वर्ष से कम उम्र के लोग आवेदन नहीं कर सकते हैं.
- अगर बिज़नेस में पार्टनरशिप या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, तो 51% शेयरहोल्डिंग SC, ST या महिला उद्यमी के पास होनी चाहिए.
- आवेदक को किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान में डिफाल्टर नहीं होना चाहिए.
लोन के लिए जरूरी दस्तावेज
- पहचान प्रमाण: आवेदक के पास वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड वगैरह होना चाहिए.
- निवास व व्यावसायिक पता प्रमाण: हालिया बिजली/टेलीफोन बिल, प्रॉपर्टी टैक्स रसीद या रेंट एग्रीमेंट होना चाहिए.
- वर्ग प्रमाण पत्र: सभी पुरुष आवेदक के लिए SC/ST श्रेणी का प्रमाण पत्र होना जरूरी है.
- कंपनी डॉक्यूमेंट्स: MoA, AoA, पार्टनरशिप डीड या ROC से सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन, जिसमें 51% से अधिक शेयरहोल्डिंग स्पष्ट हो.
- वित्तीय दस्तावेज: प्रोमोटर्स या गारंटर्स का एसेट्स एंड लायबिलिटीज स्टेटमेंट, लेटेस्ट इनकम टैक्स रिटर्न और अगले 2 वर्षों की प्रोजेक्टेड बैलेंस शीट जरूरी है.
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट: मशीनरी खरीद का ब्योरा, सप्लायर्स के नाम, वित्तीय अनुमान, उत्पादन क्षमता, लेबर और स्टाफ विवरण और बिज़नेस प्लान.
स्टैंड-अप इंडिया पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
- सबसे पहले आधिकारिक स्टैंड-अप मित्रा पोर्टल (www.standupmitra.in) पर जाएं और Register पर क्लिक करें.
- अपने प्रस्तावित बिज़नेस का स्थान दर्ज करें और SC, ST या Woman में से अपनी कैटेगरी चुनें.
- अपने बिज़नेस का प्रकार, आवश्यक लोन राशि, व्यावसायिक स्थल का विवरण और पूर्व अनुभव भरें.
- अगर आपको ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट रिपोर्ट या मेंटरशिप की जरूरत है, तो हैंड-होल्डिंग विकल्प पर टिक करें.
- उद्यमी और फर्म का नाम, पता व संपर्क विवरण भरकर फॉर्म सबमिट करें.
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रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद, आपका आवेदन संबंधित बैंक शाखा या वित्तीय संस्थान के पास भेज दिया जाता है, जिसके बाद बैंक अधिकारी लोन औपचारिकताएं पूरी करने के लिए आपसे सीधा संपर्क करेंगे. आप चाहें तो सीधे निकटतम बैंक शाखा या जिले के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर से भी संपर्क कर सकते हैं.
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