Silver Price Hike: चांदी में तूफानी तेजी जारी है. मंगलवार 20 जनवरी 2026 को मार्केट खुलने के बाद चांदी के भाव में 8,000 रुपये से ज्यादा की तेजी देखी गई. सुबह करीब 11 बजे चांदी की कीमत 3.18 लाख रुपये/किलो के पार पहुंच गई. इसने मंगलवार को 3.22 लाख रुपये/किलो तक का हाई रिकॉर्ड बनाया है. हालांकि कारोबारी सत्र के दौरान चल रहे उतार चढ़ाव के बीच इसकी कीमत 3,18,310 Rs/KG के करीब चल रही है.
महज 38 दिन में 1 लाख का उछाल
MCX पर चांदी ने 19 जनवरी, सोमवार को 3 लाख/किलो का स्तर पार किया. चांदी को एक लाख से दो लाख तक के भाव तक पहुंचने में 416 दिन लगे थे, जबकि 2 लाख से 3 लाख तक का सफर चांदी ने महज 38 दिन में पार कर लिया. केडिया एडवायजरी के मुताबिक, चांदी ने 12 दिसंबर 2025 को 2 लाख रुपये/किलो का स्तर छुआ था. 14 दिन बाद 26 दिसंबर को चांदी 2.25 लाख/किलो पर पहुंची, वहीं महज 3 दिन बाद ही (29 दिसंबर) को इसने 2.50 लाख का लेवल क्रॉस किया. फिर 15 दिन के अंतराल पर यानी 13 जनवरी को चांदी 2.75 लाख रुपये/किलो के लेवल पर पहुंच गई और इसके 6 दिन बाद ही चांदी 3 लाख रुपये के लेवल को पार कर गई.

चांदी पर केडिया एडवायजरी की रिपोर्ट| Key Highlights
- कीमतों में उछाल: इस सप्ताह की शुरुआत में चांदी 4% से अधिक उछलकर लगभग $94 प्रति औंस तक पहुंच गई.
- अगला लक्ष्य: तकनीकी विश्लेषण के आधार पर चांदी का मध्यम अवधि का लक्ष्य $100 दिखाई दे रहा है.
- निवेश का रुझान: निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe-haven) के रूप में सोने और चांदी की ओर बढ़ रहे हैं.
- सप्लाई में कमी: चांदी की सप्लाई काफी सीमित है, जबकि औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है.
चांदी की कीमतों में आई हालिया तेजी और भविष्य के अनुमानों को सरल भाषा में यहाँ समझा जा सकता है:
चांदी की कीमतों में उछाल की बड़ी वजहें
- ट्रंंप और टैरिफ इफेक्ट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय देशों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाने की चेतावनी दी है. इस व्यापारिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए चांदी की ओर भाग रहे हैं.
- सप्लाई में कमी: चांदी का उत्पादन बहुत धीमी गति (सालाना सिर्फ 1-2%) से बढ़ रहा है. चूंकि 70% चांदी दूसरी धातुओं के साथ उप-उत्पाद के रूप में निकलती है, इसलिए मांग बढ़ने पर भी इसकी पैदावार अचानक बढ़ाना मुमकिन नहीं है.
- इंडस्ट्री में भारी मांग: सोलर पैनल बनाने में चांदी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है (कुल मांग का 15-20%). इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रॉनिक्स में भी इसकी जरूरत बढ़ गई है.
- गोदामों में स्टॉक खत्म: भारत और चीन की भारी खरीदारी के कारण लंदन और न्यूयॉर्क के बड़े गोदामों में चांदी का स्टॉक काफी कम हो गया है.
मार्केट क्या संकेत दे रहा है?
बड़ी तेजी का संकेत: चार्ट पर चांदी ने एक खास पैटर्न ($84 के ऊपर) बनाया है, जो बताता है कि कीमतें अब एक लंबी और बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार हैं.
कीमतों का उतार-चढ़ाव: एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले 15-20 दिनों के भीतर चांदी के भाव में $15 से $20 तक की बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है.

निवेशकों के लिए सलाह
केडिया एडवायजरी की सलाह है कि बाजार में तेजी का माहौल तो है, लेकिन भारी उतार-चढ़ाव का खतरा भी बना हुआ है. सरकारी नीतियों में बदलाव कभी भी कीमतों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए निवेश करते समय सावधानी और सही मैनेजमेंट बहुत जरूरी है.
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