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मकान मालिक वापस नहीं कर रहा सिक्योरिटी डिपॉजिट? जानिए क्या हैं आपके कानूनी अधिकार और कब काटा जा सकता है पैसा

अक्सर मकान मालिक घर में नुकसान का हवाला देकर सिक्योरिटी डिपॉजिट से पैसे काट लेते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कानून क्या कहता है और किन कंडीशन में मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट से पैसे काट सकता है.

मकान मालिक वापस नहीं कर रहा सिक्योरिटी डिपॉजिट? जानिए क्या हैं आपके कानूनी अधिकार और कब काटा जा सकता है पैसा
किराए का घर छोड़ने के बाद नहीं मिला डिपॉजिट? कानून क्या कहता है, जानिए
(P.C- NDTV)

किराए के घर में रहने वाले लोगों का सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर विवाद होना एक आम समस्या है. अक्सर घर खाली करने के दौरान मकान मालिक मरम्मत या नुकसान का हवाला देकर पैसे काट लेते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कानून किरायेदार और मकान मालिक दोनों को क्या अधिकार देता है और किन कंडीशन में डिपॉजिट से पैसे काटे जा सकते हैं.

क्या कहता है कानून?

बता दें कि भारत में किराए से जुड़े मामलों को मुख्य रूप से ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882 और मॉडल टेनेंसी एक्ट, 2021 के आधार पर देखा जाता है. मॉडल टेनेंसी एक्ट के अनुसार, जब किरायेदार मकान खाली कर देता है और मकान की चाबी मकान मालिक को सौंप देता है, तो मकान मालिक को सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस करना होता है. हालांकि, कुछ मामलों में वह डिपॉजिट से पैसे काट सकता है. जैसे- 

  • अगर किराए का कोई बकाया बचा हो.
  • बिजली, पानी या मेंटेनेंस का बिल बाकी हो.
  • किरायेदार की वजह से मकान को कोई नुकसान हुआ हो.

लेकिन मकान मालिक बिना कारण बताए या अपनी मर्जी से डिपॉजिट का पैसा नहीं रोक सकता. अगर वह कोई कटौती करता है, तो उसके पीछे साफ और सही कारण होना चाहिए.

किस तरह के नुकसान पर काटे जा सकते हैं पैसे?

रोजमर्रा के इस्तेमाल से होने वाले बदलावों को सामान्य घिसावट माना जाता है. इसके लिए किरायेदार जिम्मेदार नहीं होता. जैसे- 

  • दीवारों का रंग फीका पड़ जाना.
  • फर्श या दीवार पर हल्की खरोंच आ जाना.
  • दरवाजे के हैंडल का ढीला हो जाना.
  • समय के साथ फिटिंग्स का पुराना दिखने लगना.

ऐसी चीजों की मरम्मत करवाना आमतौर पर मकान मालिक की जिम्मेदारी होती है और इसके लिए डिपॉजिट से पैसे नहीं काटे जाने चाहिए. हालांकि, अगर किरायेदार की लापरवाही या गलत इस्तेमाल से घर को नुकसान पहुंचता है, तो मकान मालिक मरम्मत का खर्च डिपॉजिट से काट सकता है. जैसे- 

  • फर्श की टाइल टूट जाना.
  • खिड़की का शीशा टूट जाना.
  • दीवार में गड्ढे कर देना.
  • बाथरूम या किचन की फिटिंग्स खराब कर देना.
  • घर के किसी हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचाना.

ऐसे मामलों में कटौती करना कानूनी रूप से सही माना जा सकता है.

मकान मालिक पैसे देने से मना करे, तो क्या करें?

अगर केवल सामान्य चीजों का हवाला देकर मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट का पैसा देने से मना कर देता है, तो इस मामले में किरायेदार कानूनी नोटिस भेज सकता है. इसके अलावा उपभोक्ता अदालत (Consumer Forum) या सिविल कोर्ट में भी इसकी शिकायत की जा सकती है. 

इन बातों का रखें ध्यान  

अगर आप किराए पर घर लेकर रह रहे हैं, तो पहले ही कुछ बातों पर ध्यान देकर आगे चलकर किसी परेशानी से बचा जा सकता है. जैसे- 

  • घर किराए पर लेने से पहले एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ें.
  • घर में शिफ्ट होते समय घर की फोटो और वीडियो बना लें.
  • किसी भी खराबी की जानकारी पहले ही लिखित रूप में मकान मालिक को दें.
  • मकान खाली करने से पहले बिजली, पानी और अन्य सभी बिल चुका दें.
  • इसके अलावा मकान छोड़ते समय भी फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लें.

इस तरह छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप आगे चलकर किसी भी तरह के विवाद से बच सकते हैं और अपने पैसे वापस पा सकते हैं. 

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