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गंगा की लहरों पर फिर होगा राफ्टिंग का रोमांच, ऋषिकेश में नए नियमों के साथ होगा आगाज

ऋषिकेश में राफ्टिंग करने के लिए पर्यटकों की भीड़ की वजह है गंगा राफ्टिंग, जो पूरे विश्व में कहीं नहीं है. जबकि व्हाइट वॉटर राफ्टिंग में ऋषिकेश की राफ्टिंग दुनिया भर में प्रसिद्ध है.

गंगा की लहरों पर फिर होगा राफ्टिंग का रोमांच, ऋषिकेश में नए नियमों के साथ होगा आगाज
ऋषिकेश में नए नियमों के साथ रिवर राफ्टिंग होगी शुरू
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

मानसून की विदाई के साथ ही एक बार फिर गंगा में रोमांच का खेल रिवर राफ्टिंग शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत गंगा में विधिवत पूजा पाठ के साथ शुरू की गई. इस बार रिवर राफ्टिंग को लेकर कई नए नियम भी लागू किए गए हैं. ऋषिकेश में गंगा में रिवर राफ्टिंग करने का रोमांच लेने के लिए न केवल देश से बल्कि विदेशों से पर्यटक हर साल लाखों की तादाद पर आते हैं. उत्तराखंड का ऋषिकेश सिर्फ योग के लिए ही नहीं बल्कि राफ्टिंग के लिए भी विश्व भर में प्रसिद्ध है. 

ऋषिकेश में राफ्टिंग करने के लिए पर्यटकों की भीड़ की वजह है गंगा राफ्टिंग, जो पूरे विश्व में कहीं नहीं है. जबकि व्हाइट वॉटर राफ्टिंग में ऋषिकेश की राफ्टिंग दुनिया भर में प्रसिद्ध है.

140 राफ्टिंग कंपनियां

इस बार त्यौहार और छुट्टियों का मौसम एक बार फिर तीर्थ नगरी में रौनक लेकर आया है. मानसून के बीतने के बाद गंगा में फिर से रंग-बिरंगी राफ्ट उतारने शुरू हो गयी है , उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के तौर पर रीवर राफ्टिंग और बीच केंपिंग बेहद लोकप्रिय है. रीवर राफ्टिंग के सीजन में तकरीबन 5 से 15 लाख लोगों ने राफ्टिंग का लुत्फ उठाया, इस पूरे उद्योग से 140 राफ्टिंग कंपनियों के साथ दस हजार से भी अधिक लोग सीधे-सीधे इस रोजगार से जुड़े है. अब राफ्टिंग कंपनीय राफ्टिंग को सुरक्षित और नए सिरे से शुरू करने जा रही है.

मानसून सीजन की लगभग विदाई हो चुकी है और ऐसे में एक बार फिर से साल 2026 में राफ्टिंग का सीजन शुरू हो गया है बुधवार 23 सितंबर से राफ्टिंग का दूसरा सीजन शुरू हुआ है.

ऋषिकेश में कहां-कहां होती है राफ्टिंग

ऋषिकेश में राफ्टिंग करने के लिए ब्रह्मपुरी से 6 किलोमीटर तक की राफ्टिंग की जाती है. वही गोल्फ कोर्स से 8 किलोमीटर तक की राफ्टिंग की जाती है. इसी तरह से शिवपुरी से 18 किलोमीटर तक की राफ्टिंग की जाती है. मरीन ड्राइव से 24 किलोमीटर की राफ्टिंग की जाती है. युवाओं में साहसिक पर्यटन खासकर बीच केम्पिंग और रिवर राफ्टिंग के प्रति खास जुड़ाव देखा जा रहा है. वीकेंड होते ही बड़ी संख्या में लोग ऋषिकेश का रुख कर राफ्टिंग का मजा लेते है , ऋषिकेश में पर्यटन का मुख्य आधार गंगा में रिवर राफ्टिंग है जिससे पूरी टूरिज्म इंडस्ट्री जुड़ी हुई है .

इस बार रिपोर्ट राफ्टिंग को लेकर कई नियम भी बदले गए हैं जिसमें रिवर राफ्टिंग और व्हाइट वॉटर क्याकिंग में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या शासकीय विभाग द्वारा कुल 5 वर्ष की अवधि का लाइसेंस या परिचय पत्र धारा को.

राफ्टिंग का लाइसेंस नवीनीकरण के लिए सीजन शुरू होने के अधिकतम 45 दिन के अंदर निर्धारित शुल्क जमा करते हुए परमिशन लेनी होगी इस अवधि में अगर परमिशन नहीं ली जाती तो राफ्टिंग चलाने की परमिशन अपने आप कैंसिल हो जाएगी.

राफ्टिंग का क्या है नियम

एक राफ्ट के साथ कम से कम दो राफ्ट होनी चाहिए या फिर एक राफ्ट के साथ एक राफ्ट होनी चाहिए. राफ्टिंग में लाइव जैकेट टाइप 5 हेलमेट और जो सुरक्षा के दृष्टिगत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाते हो वह प्रमाणित होनी चाहिए, राफ्टिंग गाइड की उम्र 18 साल से काम नहीं होनी चाहिए और 60 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए 50 साल से अधिक आयु के रिवर गार्डन और सेफ्टी क्याकर को हर साल राजकीय मेडिकल बोर्ड से राफ्टिंग संचालन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा.

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