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बिना किसी ट्रांजैक्शन के बैंक से उड़ गया सारा पैसा? जानें, कौन करेगा इसकी भरपाई

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से लेन-देन जितना आसान बना दिया है, उतना ही ज्यादा इसकी वजह से फ्रॉड का खतरा बढ़ गया है. आइए जानते हैं ऑनलाइन ठगी होने पर कौन इसकी भरपाई करता है?

बिना किसी ट्रांजैक्शन के बैंक से उड़ गया सारा पैसा? जानें, कौन करेगा इसकी भरपाई
Money Tranfer : ऑनलाइन फ्रॉल की कौन करेगा भरपाई?

आज के समय में ऑनलाइन के जरिए पैसों का ट्रांसफर करना जितना आसान हो गया है, उतना ही साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है. साइबर क्रिमनल एक फोन कॉल, मैसेज या फर्जी लिंक के जरिए लोगों के बैंक खातों से लाखों-करोड़ों रुपये तक की ठगी कर लेते हैं. कई बार ये ठग खुद को रिश्तेदार, पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी या KYC अपडेट करने वाला अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं. वहीं, कुछ मामलों में डराकर या कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर भी लोगों से पैसे ऐंठे जाते हैं.

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाए, तो नुकसान की भरपाई कौन करेगा? क्या बैंक आपके खाते से निकला पैसा वापस दिलाएगा? इसका सीधा जवाब देना आसान नहीं है, क्योंकि रिफंड मिलेगा या नहीं, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि फ्रॉड किस तरह हुई और ट्रांजेक्शन में ग्राहक की क्या भूमिका रही. यहां हम समझते हैं कि साइबर फ्रॉड के मामलों में नियम क्या कहते हैं और किन परिस्थितियों में आपको अपना पैसा वापस मिल सकता है?

किन स्थितियों में बैंक की होती है जिम्मेदारी?

अगर आपने अपने अकाउंट से खुद किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन नहीं किया है या आपकी ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं की गई है, तो इस स्थिति में RBI के नियम ते तहत बैंक आपके इस नुकसान की भरपाई करता है. 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की गाइडलाइंस और कस्टमर प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क के तहत, रिफंड मिलना इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी जल्दी फ्रॉड की रिपोर्ट की है और किसकी गलती है.

अगर बैंक की लापरवाही है, तो आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी. ऐसी स्थिति में अगर आप स्कैम की रिपोर्ट 5 कैलेंडर दिनों के अंदर करते हैं, तो खास सीमित मुआवजा या ट्रांजैक्शन रिवर्सल मिल सकता है.

किन मामलों में बैंक नहीं करता है भरपाई

कुछ मामलों में बैंक आपके फ्रॉड या नुकसान की भरपाई नहीं करता है, जैसे-

अगर आपको साइबर क्रिमनल ने धोखे में लेकर आपके खुद ही ट्रांसफर करवाया है, जैसे यूपीआई पेमेंट, बैंक ट्रांसफर तो इन स्थितियों में बैंक की जिम्मेदारी नहीं होती है.

उदाहरण के लिए अगर किसी साइबर अपराधी का कॉल आया है और आपने उसके साथ अपना OTP, UPI पिन या बैंक डिटेल शेयर की है, तो इस स्थिति में बैंक आपकी मदद नहीं कर पाता है और न ही आपके पूरे रकम की वापसी की गारंटी देता है. 

ऐसे में कोशिश करें कि किसी भी ऑनलाइन साइबर क्रिमनल की बातों में न जाएं. अगर कोई गलत ट्रांजैक्शन हुआ है, तो फौरन बैंक अधिकारी को कॉल करके इसकी सूचना दें, ताकि आप फ्रॉड से बच सकें.

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