Toll Tax Refund: मुंबई से पुणे जाने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. 3 फरवरी को खोपोली के पास एक गैस टैंकर हादसे का शिकार हो गया था, जिसके बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया. हालात इतने खराब थे कि वाहन करीब 32 घंटे तक रेंगते रहे. हजारों परिवार सड़क पर ही फंसे रहे और लोगों को खाने-पीने तक की दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
इस दौरान प्रशासन ने साफ निर्देश दिए थे कि जाम में फंसे वाहनों से टोल शुल्क न लिया जाए. लेकिन तकनीकी वजहों से कई लोगों के FASTag से पैसे कट गए. अब इस मामले में महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने ऐलान किया है कि जिन यात्रियों से उस दिन टोल वसूला गया, उन्हें पूरा पैसा वापस किया जाएगा.
अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 1.2 लाख वाहन इस फैसले से लाभान्वित होंगे. कुल मिलाकर करीब 5.16 करोड़ रुपये लौटाए जाएंगे. यह रिफंड केवल एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं है, बल्कि पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर वसूले गए टोल को भी शामिल किया गया है. टोल संचालन करने वाली कंपनी IRB इंफ्रास्ट्रक्चर से उन सभी वाहनों का रिकॉर्ड मांगा गया है, जिनसे आदेश के बावजूद शुल्क लिया गया था. जानकारी के अनुसार, एक हफ्ते के अंदर यह रकम सीधे संबंधित लोगों के FASTag खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
कब-कब वापस मिल जाता है टोल का पैसा?
बता दें कि कुछ परिस्थितियों में टोल का पैसा वापस पाने का अधिकार होता है. जैसे-
अगर किसी बड़े जाम या प्रशासनिक निर्देश के कारण रास्ता बाधित हो जाए, तो टोल माफ या रिफंड किया जा सकता है.
अगर FASTag मशीन में गड़बड़ी से गलत कटौती हो जाए, तो शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है.
इसी तरह, वाहन की गलत श्रेणी दर्ज होने पर ज्यादा शुल्क कट जाए, तो भी रिफंड बनता है.
कई बार बिना टोल पार किए ही पैसे कट जाते हैं या एक ही जगह पर दो बार कटौती हो जाती है. ऐसी स्थिति में भी राशि वापस मिल सकती है.
इसलिए जरूरी है कि वाहन चालक समय-समय पर अपना FASTag बैलेंस और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री जांचते रहें. थोड़ी सतर्कता आपको आर्थिक नुकसान से बचा सकती है.
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