सोशल मीडिया पर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश सामने आई है. इंस्टाग्राम पर “onlinehelp_37” नाम के एक अकाउंट से ऐसे कई वीडियो शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी को यह कहते हुए दिखाया जा रहा है कि सभी परिवारों को फ्री कार दी जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
इन वीडियो में प्रधानमंत्री के पुराने भाषणों के क्लिप्स को काटकर, जोड़कर और एडिट करके एक नई कहानी गढ़ी गई है. वीडियो में कभी फ्री कार, कभी फ्री स्कूटी, फ्री बाइक और फ्री रिचार्ज जैसी योजनाओं का दावा किया जा रहा है. देखने में ये वीडियो इतने असली लगते हैं कि पहली नजर में किसी को भी भरोसा हो सकता है कि यह सरकार की कोई नई स्कीम है.
“onlinehelp_37” नामक इंस्टाग्राम प्रोफाइल के अनेक वीडियोज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह कहते हुए दिखाया जा रहा है कि सभी परिवारों को एक कार फ्री में दी जाएगी।
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) January 2, 2026
🔎 #PIBFactCheck -
❌ यह #AI जनरेटेड #फर्जी वीडियो है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।… pic.twitter.com/Z3r3jdH76K
लेकिन सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताया है. पीआईबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साफ कहा है कि ये सभी वीडियो AI-जेनरेटेड और एडिटेड हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी किसी भी योजना की कोई घोषणा नहीं की है.
असली भाषणों का गलत इस्तेमाल
PIB के मुताबिक, इंस्टाग्राम अकाउंट प्रधानमंत्री के असली भाषणों का गलत इस्तेमाल कर रहा है और लोगों को झूठे वादों के जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है. फैक्ट चेक में यह भी सामने आया है कि इन वीडियो के जरिए लोगों को फर्जी लिंक पर क्लिक करने, पर्सनल जानकारी देने या पैसे ट्रांसफर करने के लिए उकसाया जा सकता है.
PIB ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे सनसनीखेज दावों पर भरोसा न करें और बिना जांचे किसी भी वीडियो या मैसेज को आगे फॉरवर्ड न करें. फैक्ट चेक एजेंसी ने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी योजना की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट्स, प्रेस रिलीज और सरकारी सोशल मीडिया हैंडल्स पर ही दी जाती है.
कैसे जानें सच है या फेक?
सरकार ने लोगों को यह सुविधा भी दी है कि अगर उन्हें किसी सरकारी योजना, वीडियो या तस्वीर को लेकर शक हो, तो वे सीधे @PIBFactCheck को टैग करके या व्हाट्सएप नंबर +91 8799711259 पर भेजकर उसकी सच्चाई जान सकते हैं.
हाल के दिनों में AI तकनीक के जरिए ऐसे फर्जी वीडियो तेजी से बढ़े हैं, जिनमें बड़े नेताओं की आवाज और चेहरे का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी स्कीम या बड़े ऐलान पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना बेहद जरूरी है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं