ट्रेन के सफर में चाय-मूंगफली या स्नैक्स खाने का अलग ही मजा होता है, लेकिन कई बार ट्रेनों में बिना परमिशन के घूम रहे वेंडर्स घटिया क्वालिटी का सामान थमाकर चले जाते हैं. इससे सेहत को खतरा रहता ही है, पैसों का नुकसान भी होता है. इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए रेलवे प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है. नए नियमों के तहत बिना वैध पहचान पत्र वाले विक्रेता ट्रेन में सामान नहीं बेच सकेंगे. ऐसे लोगों की सूचना अब सीधे टीटीई और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी जाएगी. जानिए इससे आपको क्या फायदा होगा और इसकी शिकायत कहां कर सकते हैं.
रेलवे का नया नियम क्या है
ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा, सेहत और सफर को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने अवैध वेंडर्स पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है. नए नियम के तहत अब क्यूआर कोड वाला आईडी कार्ड जरूरी होगा. ट्रेन में अब वही वेंडर सामान बेच सकेंगे, जिनके पास रेलवे का ऑफिशियल और क्यूआर कोड (QR Code) वाला पहचान पत्र होगा. अब तक अवैध वेंडर्स को पकड़ने का काम RPF का माना जाता था, लेकिन अब TTE भी इन पर पैनी नजर रखेंगे. जैसे ही उन्हें कोई अनधिकृत वेंडर दिखेगा, वे तुरंत इसकी जानकारी कंट्रोल रूम और आरपीएफ को देंगे. सूचना मिलते ही अगले स्टेशन पर आरपीएफ की टीम तैयार रहेगी और अवैध रूप से सामान बेचने वालों को सीधे पकड़ लिया जाएगा.
रेलवे ने क्यों बनाया ये नियम
रेलवे में अवैध वेंडर्स की समस्या आज की नहीं, बल्कि बरसों पुरानी है. कई बार मिलीभगत और शिकायतों के बाद भी कोई ठोस असर नहीं दिखता था. कोटा मंडल में तो अवैध वेंडर को लेकर पहले हिंसक घटनाएं तक हो चुकी हैं. आरपीएफ और कमर्शियल विभाग के बीच तालमेल की कमी का फायदा उठाकर ये वेंडर बच निकलते थे. लेकिन यह पहली बार हो रहा है, जब कमर्शियल विभाग के TTE को सीधे इस मुहिम से जोड़ा गया है. कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि पहचान पत्र के बिना अब किसी को भी ट्रेन में खाने-पीने का सामान बेचने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
आम यात्रियों को इससे क्या फायदा होगा
- ऑफिशियल वेंडर्स के आने से खाने की क्वालिटी अच्छी होगी और बीमारी का खतरा टलेगा.
- ट्रेन के डिब्बों में अनजान और बिना रिकॉर्ड वाले लोगों की आवाजाही बंद होगी, जिससे चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी.
- बार-बार अवैध फेरीवालों के चिल्लाने और धक्का-मुक्की से जो परेशानी होती थी, उससे भी काफी हद तक छुटकारा मिलेगा.
सुरक्षित यात्रा, विश्वसनीय सेवा - भारतीय रेल की प्राथमिकता ।
— DRM KOTA (@drmkota) June 7, 2026
ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं स्वच्छ सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अनधिकृत फेरीवालों और अवैध विक्रेताओं पर निगरानी और कार्रवाई को और अधिक सख्त किया गया है।
1. केवल अधिकृत एवं क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र… pic.twitter.com/V4GMFwMqMk
अगर आपको कोई अवैध वेंडर दिखे, तो तुरंत करें ये काम
रेलवे ने इस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आम यात्रियों से भी मदद मांगी है. अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं और आपको कोई ऐसा व्यक्ति सामान बेचता हुआ दिखे, जिसके पास क्यूआर कोड वाला आईडी कार्ड नहीं है, तो आप चुप न बैठें. ट्रेन में ड्यूटी पर मौजूद TTE को तुरंत इसकी जानकारी दें. सामने दिख रहे RPF जवान को भी सूचना दें या फिर अपने मोबाइल से तुरंत रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल या मैसेज करके शिकायत दर्ज कराएं.
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