कर्नाटक में 13,675 अवैध विदेशी प्रवासियों की पहचान की गई है. इसमें अकेले बेंगलुरु में 10 हजार से ज्यादा अवैध प्रवासी हैं. इसके बाद उन्हें पनाह देने वालों पर भी कानूनी गाज गिरने वाली है. इसके चलते प्रवासियों को अवैध रूप से मकान किराए पर देने वाले मकान मालिकों और बिना वैध दस्तावेजों के काम पर रखने लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किसी को पनाह देने के लिए क्या नियम हैं और इन नियमों का पालन करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है.
विदेशी नागरिकों की जानकारी देना जरूरी
भारत में रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों की जानकारी देना जरूरी होता है. अगर कोई विदेशी व्यक्ति किसी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे, अस्पताल या किसी के घर में ठहरता है, तो वहां के मालिक या जिम्मेदार व्यक्ति को उसकी जानकारी Form C के जरिए FRRO/FRO को देनी होती है. यह जानकारी उस विदेशी के आने के 24 घंटे के अंदर ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य है. अगर कोई यह जानकारी नहीं देता है, तो इसे कानून का गंभीर उल्लंघन माना जाता है और उस पर कार्रवाई हो सकती है.
नियम का पालन न करने पर क्या होता है?
अगर कोई व्यक्ति Form C जमा नहीं करता है, तो इसे गंभीर कानूनी अपराध माना जाता है. दोषी पाए जाने पर उसे जेल, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है. इसके अलावा, होटल या संबंधित संस्था का लाइसेंस भी सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है. ऐसे में सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे, अस्पताल और घर मालिकों को निर्देश दिया जाता है कि वे विदेशी मेहमानों को ठहराने पर Form C के नियमों का सख्ती से पालन करें.
7 मकान मालिकों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज
इस नियम का उल्लंघन करने वाले कुल 7 मकान मालिकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से 4 मामले बनासवाड़ी पुलिस स्टेशन, 1 मामला जे.बी. नगर पुलिस स्टेशन और 2 मामले पुलकेशीनगर पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में दर्ज हुए हैं.
यह भी पढ़ें: 1 जुलाई से यूपी में शुरू होगा स्कूली बसों का फिटनेस चेक अभियान, नियम तोड़ने पर की जा सकती है सीज, जानें पूरी डिटेल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं