आपका मोबाइल फोन वॉटरप्रूफ है या नहीं? जानें IP68 रेटिंग क्यों है जरूरी?

वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन्स की खासियत यह होती है कि ये फोन किसी भी तरल पदार्थ में गिरने से डैमेज नहीं होते. बर्शते वे बहुत लंबे समय के लिए उसमें डूबे न रहें.

आजकल का जमाना स्मार्टफोन्स का है, इनमें यूजर्स को हर तरह की सुविधाएं दी जाती है. वॉटरप्रूफिंग इनमें से सबसे कॉमन फीचर है, जिसकी मांग फोन खरीदते समय की जाती है. वॉटरप्रूफिंग फीचर कई तरह के रेंज और स्पेसिफिकेशन में आते हैं. ऐसे में हो सकता है कि आपका फोन वॉटरप्रूफ न हो. आपका फोन वॉटरप्रूफ है या नहीं, इसके लिए आपको आईपी रेटिंग को समझना होगा. IP रेटिंग यानी INGRESS PROTECTION. जिसका मतलब होता है किसी बाहरी कण को भीतर जाने से रोकना. इसके मानक इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन के IEC 60529 स्टैंडर्ड के तहत निर्धारित होते हैं.

वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन्स की खासियत यह होती है कि ये फोन किसी भी तरल पदार्थ में गिरने से डैमेज नहीं होते. बर्शते वे बहुत लंबे समय के लिए उसमें डूबे न रहें. कुछ लोगों का काम ही पानी से जुड़ा होता है तो वे भी चाहते हैं कि उनके पास ऐसा स्मार्टफोन हो, जिस पर पानी का असर न हो. 

इस मानक से हमें पता चलता है, कि कोई डिवाइस बाहरी ऑब्जेक्ट जैसे धूल, धूप, नमी और पानी से कितने सुरक्षित हैं. IP रेटिंग जितनी अधिक होगी, आपका फोन उतना ही बेहतर होगा. इसकी रेंज 1 से 6 होती है. जिसमें 1 का मतलब सबसे कम और 6 का मतलब सबसे ज्यादा होता है. 

IP XX का मतलब होता है 00. x. जिसका मतलब हुआ कि यह डिवाइस बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है और इसे कोई सुरक्षा रेटिंग नहीं दी गई है. अगर पहला अंक x है मतलब की सॉलिड ऑब्जेक्ट से सुरक्षा नहीं है, वहीं दूसरा अंक x होना मतलब लिक्विड सुरक्षा जीरो है.

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कई फोन में IPX8 लिखा होता है. इसका मतलब ये है कि आपका फोन वॉटरप्रूफ तो है, मगर डस्टप्रूफ नहीं है. जबकि IP68 रेटिंग वाला फोन पूरी तरह से डस्टप्रूफ होता है. साथ ही ये 1 मीटर गहरे पानी में कम से कम 30 मिनट तक सुरक्षित रह सकता है. क्या आपका फोन IP68 रेटिंग वाला है, कमेंट्स करके जरूर बताएं.