Jan Aushadhi Kendra: सरकार देश के लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) चला रही है. इस योजना के तहत देशभर में जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, जहां जेनेरिक दवाइयां बाजार में मिलने वाली ब्रांडेड दवाइयों से 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती मिलती हैं. अच्छी बात यह है कि अब सरकार ने जन औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया काफी आसान कर दी है. इच्छुक लोग ऑनलाइन आवेदन करके अपना जन औषधि केंद्र शुरू कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे करना होता है आवेदन और कौन हो सकता है पात्र-
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क्या होता है जन औषधि केंद्र?
जन औषधि केंद्र एक तरह का मेडिकल स्टोर होता है, जहां अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां कम कीमत पर मिलती हैं. इन दवाइयों का असर और गुणवत्ता ब्रांडेड दवाइयों जैसी ही होती है, लेकिन इनकी कीमत काफी कम होती है. इस योजना का मकसद लोगों के इलाज का खर्च कम करना और हर किसी को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराना है.
सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2027 तक देश में करीब 25,000 जन औषधि केंद्र खोले जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके.
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए कैसे करें आवेदन?अगर आप जन औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं, तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है. आवेदन करने के लिए-
- सबसे पहले janaushadhi.gov.in वेबसाइट पर जाएं.
- यहां 'Apply Online' विकल्प पर क्लिक करें और आवेदन फॉर्म भरें.
- इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करके फॉर्म जमा कर दें.
- जांच पूरी होने के बाद अगर आपका आवेदन मंजूर हो जाता है, तो आप अपना जन औषधि केंद्र शुरू कर सकते हैं.
जन औषधि केंद्र कई लोग या संस्थाएं खोल सकती हैं. इसमें व्यक्तिगत कारोबारी, रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट, डॉक्टर, गैर-सरकारी संगठन (NGO), चैरिटेबल ट्रस्ट और निजी अस्पताल शामिल हैं. हालांकि, इसके लिए दवाइयां बेचने का लाइसेंस और दुकान के लिए पर्याप्त जगह होना जरूरी है.
सरकार देती है आर्थिक मददजन औषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार कुछ लोगों को आर्थिक सहायता भी देती है. महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग, दिव्यांगजन और पूर्व सैनिकों को केंद्र खोलने के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है.
जन औषधि केंद्र पर क्या मिलता है?इन केंद्रों पर 2100 से ज्यादा दवाइयां और करीब 300 सर्जिकल व मेडिकल प्रोडक्ट उपलब्ध होते हैं. इसके अलावा यहां जन औषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन भी सिर्फ 1 रुपये में मिलते हैं.
कुल मिलाकर, जन औषधि केंद्र खोलना एक अच्छा बिजनेस मौका भी है और समाज की सेवा करने का भी एक तरीका है. इससे लोगों को सस्ती दवाइयां मिलती हैं और नए रोजगार के अवसर भी बनते हैं.
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