आज के समय में लगभग हर व्यक्ति स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है. लेकिन इस दौरान एक छोटी सी आदत बड़े नुकसान का कारण बन सकती है. लोग अक्सर मोबाइल चार्ज होने के बाद भी चार्जर को प्लग में लगा हुआ छोड़ देते हैं. यह दिखने में भले ही मामूली बात लगे, लेकिन इसका असर बिजली की खपत और देश की अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ता है. दरअसल, एक मोबाइल चार्जर अगर पूरे साल प्लग में लगा रहे, तो लगभग 150 रुपए तक की बिजली खपत कर सकता है, भले ही फोन चार्ज न किया जा रहा हो. यह पावर धीरे-धीरे “स्टैंडबाय पावर लॉस” के तौर पर बर्बाद होती रहती है.
भारत में करोड़ों लोग कर रहे हैं यह गलती
भारत में लगभग 120 करोड़ मोबाइल यूजर हैं. इनमें से अगर केवल 20 करोड़ लोग भी चार्जर को प्लग में छोड़ देते हैं, तो यह नुकसान बेहद बड़ा हो सकता है. अनुमान के मुताबिक, इस वजह से देश को हर साल लगभग 3 हजार करोड़ रुपए तक की बिजली बर्बादी झेलनी पड़ सकती है. यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि इससे बिजली उत्पादन पर भी दबाव बढ़ता है, जो पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है.
बचाव के आसान उपाय
- इस समस्या से बचना बहुत आसान है. कुछ छोटी आदतें अपनाकर बिजली की बर्बादी को रोका जा सकता है -
- फोन चार्ज होने के बाद चार्जर को तुरंत प्लग से निकाल दें.
- मल्टी-प्लग स्विच का इस्तेमाल करें और सभी डिवाइस एक साथ बंद करें.
- एनर्जी एफिसिएंट चार्जर का इस्तेमाल करें.
- जरूरत न होने पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का प्लग हटाकर रखें.
जागरूकता ही सबसे बड़ा समाधान
अगर लोग इस छोटी सी आदत को सुधार लें, तो देश में बड़ी मात्रा में बिजली बचाई जा सकती है. यह न केवल आपके बिजली बिल को कम करेगा, बल्कि देश के एनर्जी रिसोर्सेज पर भी दवाब कम करेगा. छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम सभी मिलकर बिजली की बचत में बड़ा योगदान दे सकते हैं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं.
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