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घर के बाहर रैंप बनवाने से पहले पढ़ लें ये खबर, नहीं तो आ सकता है नोटिस और चल सकता है बुलडोजर

अक्सर लोग अपने घर के बाहर रैंप, सीढ़ियां या शेड बना लेते हैं. कई बार ये निर्माण सड़क, फुटपाथ या सार्वजनिक जमीन तक पहुंच जाते हैं. अगर आपके घर के बाहर भी इस तरह का रैंप है, तो इससे जुड़े नियम जानना आपके लिए जरूरी है.

घर के बाहर रैंप बनवाने से पहले पढ़ लें ये खबर, नहीं तो आ सकता है नोटिस और चल सकता है बुलडोजर
क्या घर के बाहर रैंप बनवाना गैरकानूनी है?
(P.C- Instagram)

अगर आपने अपने घर के बाहर रैंप, सीढ़ी या शेड बनवाई है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. कई लोग सुविधा के लिए घर के बाहर थोड़ा-बहुत निर्माण कर लेते हैं, लेकिन अगर यह निर्माण सार्वजनिक जमीन, सड़क या फुटपाथ पर है, तो यह आपके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है. ऐसी स्थिति में आपको नोटिस आ सकता है, आपको जुर्माना देना पड़ सकता है, साथ ही बुलडोजर कार्रवाई भी हो सकती है. 

गौरतलब है कि सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक रास्ते आम लोगों के इस्तेमाल के लिए होते हैं, लेकिन इन जगहों पर कोई भी व्यक्ति निजी कब्जा नहीं कर सकता. अगर आपके घर का रैंप, सीढ़ी, दुकान का हिस्सा या कोई दूसरा निर्माण सार्वजनिक रास्ते तक पहुंच गया है, तो उसे अतिक्रमण माना जा सकता है.

तो क्या घर के बाहर रैंप बनवाना गैरकानूनी है?

नहीं, हर रैंप अवैध नहीं होता. अगर आपने अपने प्लॉट या मकान की सीमा के अंदर रैंप बनवाया है और उससे सड़क या फुटपाथ पर कब्जा नहीं हो रहा है, तो यह पूरी तरह सही है. यानी आप अपनी घर या जमीन की सीमा के अंदर रैंप बनवा सकते हैं, लेकिन अगर ये रैंप सार्वजनिक जमीन पर आ गया है, तो संबंधित विभाग उसे हटाने की कार्रवाई कर सकता है.

समझें राष्ट्रीय राजमार्ग के नियम

Control of National Highways Act, 2002 के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर बिना लिखित अनुमति के कोई भी निर्माण या कब्जा नहीं किया जा सकता. अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो संबंधित अधिकारी उसे नोटिस जारी कर तय समय के अंदर अतिक्रमण हटाने का आदेश दे सकते हैं. नोटिस जारी होने के बाद भी अगर व्यक्ति तय समय में निर्माण नहीं हटाता है, तो विभाग खुद कार्रवाई करके उसे हटवा सकता है और पूरा खर्च भी उसी व्यक्ति से वसूल सकता है.

इसके अलावा, अवैध कब्जे वाली जमीन पर 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है, साथ ही जमीन की कीमत के आधार पर यह राशि बढ़ भी सकती है.

कब बिना नोटिस हट सकता है अतिक्रमण?

अगर अतिक्रमण किसी ठेले, खोखे, अस्थायी दुकान या ऐसे ढांचे का है जिसे आसानी से हटाया जा सकता है, तो हाईवे प्रशासन बिना नोटिस भी कार्रवाई कर सकता है. जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद भी ली जा सकती है.

उत्तर प्रदेश में क्या है नियम?

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 226 के तहत अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक सड़क, गांव के रास्ते या आम जमीन पर कब्जा करता है, तो उस पर 500 रुपये से लेकर 10000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

इसके अलावा, एसडीएम या तहसीलदार संबंधित व्यक्ति से 15000 रुपये तक का निजी बांड भी भरवा सकते हैं, ताकि वह दोबारा अतिक्रमण न करे.

दिल्ली में कौन करता है कार्रवाई?

दिल्ली में अलग-अलग एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है. जैसे-

  • 60 फीट से कम चौड़ी सड़कों पर नगर निगम (MCD) कार्रवाई कर सकता है. 
  • 60 फीट या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों पर PWD
  • कनॉट प्लेस और जनपथ जैसे इलाकों में NDMC और
  • अर्बन एक्सटेंशन रोड से जुड़े मामलों में DDA कार्रवाई कर सकता है. 

ऐसे में अगर आपने घर या दुकान के बाहर रैंप, सीढ़ी, शेड या कोई और निर्माण कराया है, तो सबसे पहले देख लें कि वह आपकी निजी जमीन के अंदर है या सार्वजनिक जमीन पर. थोड़ी सी जानकारी आपको नोटिस, जुर्माने और कानूनी परेशानी से बचा सकती है.

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