Delhi News: दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर एयर क्वालिटी खराब होने लगी है. दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 208 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है. मौसम विभाग और विशेषज्ञ एजेंसियों के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी रह सकती है. इसी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 लागू कर दिया है. इसका मतलब है कि अब प्रदूषण कम करने के लिए कई नियम सख्ती से लागू किए जाएंगे. ऐसे में आइए जानते हैं कि GRAP-1 लागू होने के बाद अब क्या बदला है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा-
क्या होता है GRAP?
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान. यह एक ऐसा सिस्टम है, जिसे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने पर लागू किया जाता है. प्रदूषण के स्तर के हिसाब से इसके चार चरण होते हैं.
- GRAP-1: AQI 201 से 300 के बीच (खराब)
- GRAP-2: AQI 301 से 400 के बीच (बहुत खराब)
- GRAP-3: AQI 401 से 500 के बीच (गंभीर)
- GRAP-4: AQI 450 से ऊपर (अत्यंत गंभीर)
अभी दिल्ली में AQI 208 होने के कारण GRAP-1 लागू किया गया है.
GRAP-1 में क्या-क्या बदलेगा?GRAP-1 लागू होने के बाद प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती बढ़ेगी. जैसे-
- होटल, रेस्टोरेंट और खुले खाने-पीने की दुकानों में तंदूर के लिए कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. वहां केवल गैस, बिजली या साफ ईंधन वाले उपकरणों का उपयोग होगा.
- डीजल जनरेटर का इस्तेमाल सामान्य बिजली सप्लाई के लिए नहीं किया जा सकेगा. इन्हें केवल जरूरी या आपात स्थिति में ही चलाने की अनुमति होगी.
निर्माण कार्य और सड़कों पर भी बढ़ेगी सख्ती
- निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कामों में धूल रोकने के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. निर्माण सामग्री को खुला नहीं छोड़ा जा सकेगा. सामान ढककर रखना होगा और ढके हुए वाहनों में ही ले जाना होगा.
- सड़कों पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा ताकि धूल कम उड़ सके. जहां जरूरत होगी वहां एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल भी किया जाएगा.
- खुले में कूड़ा, पत्तियां या अन्य चीजें जलाने पर सख्त रोक रहेगी. नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो सकती है.
- प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी नजर रखी जाएगी. बिना नियमों का पालन करने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाया जा सकता है. PUC नियमों की जांच भी सख्ती से होगी.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत वाहन इस्तेमाल कम करें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को दें.
GRAP-1 का मकसद दिल्ली-एनसीआर की हवा को और ज्यादा खराब होने से बचाना है. ऐसे में लोगों का सहयोग और नियमों का पालन ही प्रदूषण कम करने में सबसे बड़ी मदद साबित हो सकता है.
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