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दवाखानों की आज हड़ताल, ट्रांसपोर्टरों का कल से 3 दिन का चक्काजाम, दिल्ली NCR में कारोबार पर क्या पड़ेगा असर

Transport Union Strike: दिल्ली NCR में तीन दिनों की हड़ताल का आह्वान ट्रांसपोर्ट यूनियन ने तीन दिनों के चक्काजाम का ऐलान किया है. जबकि फार्मासिस्ट, केमिस्ट और ड्रगिस्ट ने दवाखानों को बंद रखने की कॉल दी है.

दवाखानों की आज हड़ताल, ट्रांसपोर्टरों का कल से 3 दिन का चक्काजाम, दिल्ली NCR में कारोबार पर क्या पड़ेगा असर
Delhi NCR Pharmacist Strike: दवाखानों की आज हड़ताल, ट्रांसपोर्ट यूनियन का चक्काजाम
नई दिल्ली:

Strike in Delhi NCR: देश भर में आज मेडिकल स्टोर संचालकों ने दवाखाना बंद करने का ऐलान किया है.फार्मासिस्ट, केमिस्ट और दवा डिस्ट्रीब्यूटरों के संगठन ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) ने इस हड़ताल का आह्वान किया है. ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों को दी जा रही छूट को लेकर इनका विरोध है. देश भर में करीब 7-8 लाख और राजधानी दिल्ली में 15 हजार के करीब दवाखाने हैं. हालांकि कुछ राज्यों में दवा संगठनों ने हड़ताल वापस ले ली है. 

वहीं दिल्ली एनसीआर में 21 से 23 मई तक ट्रांसपोर्टरों ने चक्काजाम का ऐलान किया है. दिल्ली में बाहरी कमर्शियल वाहनों पर ग्रीन टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में ये ट्रक हड़ताल की बुलाई गई है. ट्रांसपोर्टर दिल्ली के बाहर के बीएस-4 वाहनों को 1 नवंबर से राजधानी में प्रवेश पर रोक के आदेश का भी विरोध कर रहे हैं. दिल्ली में हल्के कमर्शियल वाहनों पर ग्रीन टैक्स 1800 से 2400 रुपये और भारी वाहनों पर 2 हजार से बढ़ाकर 4 हजार रुपये कर दिया गया है. 

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस का कहना है कि पेट्रोल-डीजल बढ़ोतरी के अलावा इस ग्रीन टैक्स से उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ा है. ग्रीन टैक्स पर 1 अप्रैल से 93 करोड़ रुपये से ज्यादा राजस्व सरकार ने कमाया है, लेकिन इसका आधा भी खर्च नहीं किया गया है. ट्रांसपोर्ट यूनियन ने दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से टैक्स वृद्धि वापस लेने की मांग की है. सिर्फ दिल्ली से गुजरने वाले वाहनों पर ऐसा ग्रीन टैक्स लगाने की मांग की गई है. 

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ट्रांसपोर्ट यूनियन का कहना है कि सामान से लदे ही नहीं, खाली ट्रकों से भी ग्रीन टैक्स वसूला जा रहा है. उनका कहना है कि दिल्ली से गुजरने वाले वाहनों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे की ओर ले जाने के लिए ये ECC ग्रीन टैक्स लगाया गया था. जबकि कोर्ट का आदेश सिर्फ दिल्ली से गुजरने वाले वाहनों के लिए था. ट्रांसपोर्ट यूनियन की ये भी मांग है कि बीएस-6 भारी वाहनों को शहर में प्रवेश करने दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद एमसीडी टोल बैरियर काम कर रहे हैं. 

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के मुताबिक, दिल्ली एनसीआर में तीन दिन चक्काजाम के दौरान आवश्यक वस्तुओं को दायरे से बाहर रखा जाएगा. उन पर किसी तरह की रोक नहीं होगी. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद जैसे इलाकों में 68 ट्रांसपोर्ट संगठन हैं. AIMTC ट्रकों, प्राइवेट बसों, टैक्सी और मैक्सी कैब ऑपरेटरों का संगठन है. 

हड़ताली ट्रांसपोर्टरों की मांगें

  • दिल्ली जाने वाले भारी कमर्शियल वाहनों पर ग्रीन टैक्स हटाया जाए
  • दिल्ली से बाहर पंजीकृत बीएस-4 कमर्शियल वाहनों पर 1 नवंबर लगने वाली पाबंदी हटाई जाए
  • दिल्ली से सिर्फ गुजरने वाले वाहनों पर ईसीसी लगाया जाए
  • आवश्यक वस्तुओं से जुड़े बीएस-6 वाहनों को ग्रीन टैक्स से मुक्त रखा जाए

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