केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जून 2026 में एयर सुविधा 2.0 पोर्टल लॉन्च किया था. यह पोर्टल इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए लॉन्च किया गया था. क्योंकि विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए एक डिजिटल और कांटेक्टलेस हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल बनाया गया था. लेकिन अब इस पोर्टल के नाम पर फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है. इसे लेकर केंद्र सरकार ने शनिवार (25 जुलाई) को यात्रियों से अपील की कि वे 'एयर सुविधा 2.0' की आधिकारिक वेबसाइट की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद ही अपनी व्यक्तिगत या यात्रा संबंधी जानकारी साझा करें, क्योंकि कुछ फर्जी वेबसाइटें लोगों को गुमराह कर रही हैं.
नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि कुछ फर्जी वेबसाइटें और पोर्टल एयर सुविधा 2.0 के नाम पर खुद को आधिकारिक बताकर यात्रियों को पेमेंट गेटवे पर भेज रहे हैं.
यह पोर्टल बिल्कुल निशुल्क है
मंत्रालय ने कहा, "यात्रियों को सूचित किया जाता है कि एयर सुविधा 2.0 की सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं और सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने के लिए किसी भी प्रकार का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है. एयर सुविधा 2.0 का एकमात्र आधिकारिक पोर्टल https://airsuvidha.civilaviation.gov.in/ है."
एयर सुविधा पोर्टल पर किसी तरह का भुगतान न करें
मंत्रालय ने आगे कहा कि यात्री अपनी व्यक्तिगत या यात्रा संबंधी जानकारी साझा करने से पहले वेबसाइट के यूआरएल की अच्छी तरह जांच करें और एयर सुविधा 2.0 सेवा देने का दावा करने वाली किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर भुगतान करने से बचें.
मंत्रालय ने कहा, "यात्रियों से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें और सही जानकारी के लिए केवल सरकार की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें."
विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए बना है पोर्टल
पिछले महीने नागर विमानन मंत्रालय ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के सहयोग से 'एयर सुविधा 2.0' लॉन्च किया था. यह पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल है, जिसे इबोला संक्रमण के मौजूदा प्रकोप को देखते हुए भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है.
इस उन्नत प्लेटफॉर्म को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 17 मई को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) और युगांडा में फैले इबोला/बुंडीबुग्यो वायरस रोग के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (पीएचईआईसी) घोषित किए जाने के बाद शुरू किया गया.
सरकार के अनुसार, इस पोर्टल को इस तरह तैयार किया गया है कि भारत आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके और उन्हें सहज एवं परेशानी-मुक्त अनुभव मिले.
रियल टाइम डेटा शेयर किया जा सकता है
अधिकारियों ने बताया कि नए सिस्टम के जरिए यात्रियों का डेटा एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) और स्टेट सर्विलांस ऑफिसर्स सहित कई एजेंसियों के साथ रियल-टाइम में शेयर किया जा सकता है. इस एकीकृत डेटा साझाकरण व्यवस्था से उन यात्रियों की तेजी से पहचान की जा सकेगी, जिनमें संक्रमण का जोखिम हो सकता है. इसके बाद समय पर उनकी जांच, निगरानी और आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय किए जा सकेंगे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं