Veerta Puraskar me Baar ka kya matlab hota hai : स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 78 जवानों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की. इन सम्मानित रणबांकुरों में मेजर आदित्य प्रताप सिंह का नाम विशेष रूप से चर्चा में है. क्योंकि इन्हें ‘बार टू शौर्य चक्र' से सम्मानित किया गया है. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर वीरता पुरस्कारों में ‘बार' का क्या अर्थ होता है? आपके इसी सवाल का जवाब हम आज के इस आर्टिकल में डिटेल में देने जा रहे हैं....
'बार' का क्या है मतलब?
दरअसल, सेना की पुरस्कार प्रणाली में जब किसी अधिकारी या जवान को पहले ही किसी वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका होता है और बाद में वह फिर ऐसा साहसिक कार्य करता है, जिसके लिए वही पुरस्कार दोबारा दिया जाना चाहिए, तो उसे दूसरा अलग पदक नहीं दिया जाता, बल्कि मौजूदा पदक पर एक धातू की छोटी पट्टी, जिसे बार कहते लगा दी जाती है.
78 लोग वीरता पुरस्कार से सम्मानित
विदित हो कि राष्ट्रपति ने कुल 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है. इनमें 9 कीर्ति चक्र, 1 बार टू शौर्य चक्र, 19 शौर्य चक्र, 5 बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री), 36 सेना मेडल (गैलेंट्री), 3 नौ सेना मेडल (गैलेंट्री) और 5 वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) शामिल हैं. बता दें इनमें 13 पुरस्कार मरणोपरांत भी दिए जा रहे हैं.
सिर्फ सम्मान नहीं साहसी क्षणों की पहचान
बता दें कि भारत में वीरता पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि उन साहसी क्षणों की पहचान हैं जब सेना के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा को सर्वोपरि रखते हैं. ऐसे में मेजर आदित्य प्रताप सिंह को मिला ‘शौर्य चक्र बार' केवल एक अलंकरण नहीं, बल्कि उनकी निरंतर बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बन गया है.
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