सोने और चांदी में 3 दिन तक लगातार जोरदार तेजी के बाद कीमतों में अचानक गिरावट आई है. ये गिरावट MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर देखी गई. निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते सोने-चांदी के भाव (Gold Silver Price Crash) करीब 1,000 रुपये से 10,000 रुपये तक गिर गए. 15 जनवरी, गुरुवार को सोना के दाम करीब 1,000 रुपये/10 ग्राम तक कम हो गए, जबकि चांदी के भाव में करीब 10,000 रुपये/किलो की गिरावट देखी गई. दूसरी ओर सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतें तेज बनी हुई है. गुरुवार, 15 जनवरी को चांदी में 3,000 रुपये तक की तेजी देखी गई. आज 16 जनवरी, शुक्रवार को स्थानीय सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना (Gold Rate Today) 1,43,610 रुपये/10 ग्राम के भाव चल रहा है. वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 1,31,640 रुपये/10 ग्राम, जबकि 18 कैरेट सोने का भाव 1,07,710 रुपये/10 ग्राम के करीब चल रहा है.
3 दिन की तेजी के बाद फिसला सोना-चांदी
गुरुवार की शाम MCX पर गोल्ड फ्यूचर के रेट में 0.63% (करीब 910 रुपये) की गिरावट देखी गई थी और ये 1,42,243 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था. वहीं चांदी 3.48% यानी करीब 10,000 रुपये टूटकर 2,78,000/ किलोग्राम पर पहुंच गई थी. कमोडिटी एक्सपर्ट के मुताबिक, लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली इसकी बड़ी वजह रही. घरेलू बाजार में ऊंचे भाव पर खरीद कम होने से भी थोड़ा दबाव बना.
सर्राफा बाजार का हाल जान लीजिए
चांदी की कीमत दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को 3,000 रुपये की तेजी के साथ 2,89,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. वहीं स्टॉकिस्टों और आभूषण कारोबारियों की लगातार खरीदारी के बीच सोना 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया. अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, लगातार पांचवें दिन बढ़त बनाए रखते हुए, चांदी की कीमत 3,000 रुपये यानी 1.05 फीसदी बढ़कर 2,89,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों को मिलाकर) के नए शिखर पर पहुंच गई. यह बुधवार को 2,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी.
महज 5 दिन में 45,500 रुपये उछल गई चांदी
इस नई बढ़त के साथ, चांदी पिछले पांच सत्रों में लगभग 16 फीसदी यानी 45,500 रुपये उछली है. इसकी कीमत आठ जनवरी को 2,43,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी. चांदी लगातार दूसरे साल सोने से आगे रही है, जिसने अब तक 21 फीसदी का लाभ दिया है और 31 दिसंबर, 2025 को रिकॉर्ड किए गए 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम से 50,000 रुपये बढ़े हैं.
इसके साथ, सोने की कीमतों में लगातार पांचवें दिन बढ़त जारी रही. गुरुवार को यह 800 रुपये बढ़कर 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया. पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा था. वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत 9,600 रुपये यानी लगभग सात फीसदी बढ़ चुकी है.
आगे कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल?
कारोबारियों ने घरेलू सर्राफा कीमतों में लगातार तेजी का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुस्त रुख के बावजूद आभूषण विक्रेताओं, स्टॉकिस्ट और खुदरा उपभोक्ताओं की लगातार खरीदारी को बताया. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आने के बाद हल्का तकनीकी सुधार देखा गया. बुधवार को 93.52 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड छूने के बाद चांदी 1.98 डॉलर यानी 2.13 फीसदी गिरकर 91.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. विदेशी व्यापार में हाजिर सोना भी 12.22 डॉलर यानी 0.26 फीसदी घटकर 4,614.45 डॉलर प्रति औंस पर रहा. पिछले सत्र में इसने 4,643.06 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बनाया था.
पीएल वेल्थ मैनेजमेंट के उत्पाद और फैमिली ऑफिस के प्रमुख, राजकुमार सुब्रमण्यम ने कहा कि मौजूदा चक्र में चांदी सबसे आकर्षक रणनीतिक धातु में से एक के रूप में उभर रही है, जो निवेश मांग और औद्योगिक रूपांतरण के मिलन बिंदु पर है.
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