विज्ञापन

पैरेंट्स अलर्ट! डे-केयर में आपका बच्चा कितना सुरक्षित? इन 5 बातों को जरूर चेक करें

हाल के दिनों में डे-केयर सेंटरों में बच्चों के साथ मारपीट के कई मामले सामने आए हैं. ऐसे में बच्चे का एडमिशन कराने से पहले सुरक्षा, स्टाफ और सुविधाओं समेत कुछ जरूरी बातों को जरुर चेक करें.

पैरेंट्स अलर्ट! डे-केयर में आपका बच्चा कितना सुरक्षित? इन 5 बातों को जरूर चेक करें
डे केयर में क‍ितने सुरक्ष‍ित हैं आपके बच्‍चे.
Ndtv

बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी के डे-केयर सेंटर से सामने आई घटना ने माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है. 2 से 3 साल के मासूम बच्चों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने पांच महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इस बीच एक दूसरी वीडियो में एक बच्चा दूसरे बच्चे को बुरी तरह पीटता हुआ भी दिखाई दे रहा है. हाल के दिनों में देशभर से डे-केयर सेंटरों में बच्चों के साथ मारपीट, काटने और दुर्व्यवहार की कई घटनाएं सामने आई हैं. ऐसे में अगर आप भी अपने बच्चे को डे-केयर भेजने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों को चेक करना बेहद जरूरी है - 

स्टाफ का व्यवहार और अनुभव जरूर परखें

डे-केयर के कर्मचारियों से पर्सनली मिलें और उनके व्यवहार को जानें. देखें कि वे बच्चों से प्यार और धैर्य के साथ पेश आते हैं या नहीं. छोटे बच्चों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों का ट्रेन्ड और सेंसिटिव होना बेहद जरूरी है. अगर संभव हो, तो दूसरे पैरेंट्स से भी उस डे-केयर के बारे में जानकारी लें.

सीसीटीवी और पैरेंट मॉनिटरिंग की सुविधा 

किसी भी डे-केयर को चुनने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्था जरूर चेक करें. मौजूदा समय में ऐसे डे-केयर को तवज्जो दें, जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हों. ऐसे में आपको अपने बच्चे को रेग्युलर मॉनिटर करने की सुविधा मिलेगी. 

जरूरी है साफ-सफाई 

बच्चे को डे-केयर भेजने से पहले वहां की साफ-सफाई को जरूर चेक करें. फर्श, खिलौने, टॉयलेट्स और खेलने की जगह साफ-सुथरी व सैनिटाइज होनी चाहिए. इसके साथ ही बिजली के बोर्ड, सीढ़ियां, नुकीले सामान और दूसरे संभावित खतरे बच्चों की पहुंच से दूर हों. साफ और सुरक्षित माहौल न केवल इन्फेक्शन के खतरे को कम करता है, बल्कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी बेहद जरूरी होता है.

बच्चों और स्टाफ का रेश्यो 

कई बार डे-केयर में बच्चों की संख्या ज्यादा और स्टाफ कम होता है. ऐसी स्थिति में हर बच्चे पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है. इसलिए चेक करें कि एक केयरटेकर के जिम्मे जरूरत से ज्यादा बच्चे न हों. उचित रेश्यो बच्चों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

बच्चे के व्यवहार में बदलाव को नजरअंदाज न करें

डे-केयर शुरू होने के बाद बच्चे के व्यवहार पर लगातार नजर रखें. अगर बच्चा अचानक उदास रहने लगे, डरने लगे, बार-बार डे-केयर जाने से मना करे या चिड़चिड़ा हो जाए, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें. इसके साथ ही यह भी जानें कि डे-केयर में बच्चों को क्या खिलाया जाता है, उनका रूटीन कैसा है और पढ़ाई व खेलकूद की क्या व्यवस्था है. किसी भी तरह का असामान्य बदलाव दिखने पर तुरंत डे-केयर मैनेजमेंट से बात करें और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई करें.

यह भी पढ़ें- फोन के नेटवर्क अचानक चले जाएं, तो तुरंत हो जाएं अलर्ट, जानिए SIM Swap Scam का पूरा खेल

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Utility News, Day Care Precautions, Day Care News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com