दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब में पहुंचने के बाद ग्रैप का दूसरा चरण (GRAP-2) लागू कर दिया गया है. दिल्ली एनसीआर के सरकारी ऑफिस और निजी कंपनियों को 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू किया गया है. दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा जैसे जिलों में सरकारी ऑफिस और नगर निगमों की टाइमिंग को अलग-अलग किया जा रहा है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में कई बड़े औद्योगिक इलाके हैं, जहां भी शिफ्ट टाइमिंग में बदलाव करने को कहा गया है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशानिर्देशों के तहत ये कदम उठाया गया है.
दिल्ली-नोएडा में कितना प्रदूषण
दिल्ली में दिवाली के पहले 3 नवंबर को एक्यूआई लेवल 331 पहुंच गया. जहांगीरपुरी में तो AQI 450 पार कर गया. इंडिया गेट में 374, जहांगीरपुरी-450, पंजाबी बाग-424, बवाना-408, पटपड़गंज-379, आरके पुरम-374, आईटीओ-373, ओखला फेज2 में 352, चांदनी चौक में 352, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 355, जेएनयू में 328 पॉल्यूशन लेवल था. गाजियाबाद में 499, ग्रेटर नोएडा में 458 और नोएडा में 450 एक्यूआई था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली के 58 में से 41 केंद्रों पर AQI 300 से ज्यादा था.
क्या-क्या पाबंदी लागू रहेगी
अस्पतालों, रेल, हवाई अड्डे और इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर पूरे एनसीआर में डीजल जनरेटर सेट पर रोक लग गई है. केवल गैस, पीएनजी, एलपीजी या बायोगैस जनरेटर ही चलाए जा सकते हैं. होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के तंदूरों में कोयले और सूखी लकड़ी के उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है. केवल गैस या इलेक्ट्रिक तंदूर का ही इस्तेमाल होगा.नगर निगम ने खुले में ठोस कचरा, सूखी पत्तियां, प्लास्टिक जलाने पर पूरी तरह रोक लगाई है. पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है.
वाहनों पर सख्ती और पार्किंग फीस में बढ़ोतरी
निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने और बस-मेट्रो को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली-एनसीआर में पार्किंग शुल्क दोगुना तक बढ़ा दिया गया है. 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर भी रोक लगाई गई है.सड़कों की रोजाना मैकेनिकल या वैक्यूम स्वीपिंग होती है. धूल दबाने वाले रसायनों के साथ पानी का छिड़काव बढ़ाने का निर्देश है. 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक बड़े निर्माण स्थलों पर काम रोकने की पाबंदी 5 नवंबर से 20 नवंबर तक लगाई गई है. निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव और धूल को उड़ने से रोकने वाली जालियां लगाना अनिवार्य है.
The Commission for Air Quality Management (CAQM) has invoked Stage II of the Graded Response Action Plan (GRAP) across Delhi-NCR with immediate effect following a sharp rise in the region's pollution levels. Under Stage II restrictions, a strict ban has been imposed on the use of coal and firewood, including tandoors in hotels and restaurants, alongside heavily regulated operations for diesel generator sets. Additionally, parking fees will be increased to discourage private vehicle use, while civic bodies step up mechanical sweeping and water sprinkling with dust suppressants across NCR roads.
— ANI (@ANI) November 2, 2026
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पुराने वाहनों पर लगी पाबंदी
दिल्ली के बाहर के बीएस-6 कम मानकों वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया है. दिल्ली पुलिस सीमाओं पर इसकी सख्त चेकिंग कर रही है. हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन, सीएनजी और BS-VI श्रेणी की पेट्रोल व डीजल गाड़ियों पर कोई रोक नहीं है.हालांकि दिल्ली के अंदर के बीएस-4 वाहनों पर रोक नहीं है. बिना पीयूसी के पेट्रोल पंपों पर ईंधन भी नहीं मिलेगा. हालांकि दिल्ली के बाहर की बीएस-4 मानकों की गाड़ियां भी चलती रहेंगी, सिर्फ ऐसे बाहरी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक है.
- दिल्ली मेट्रो 3 नवंबर से वर्किंग डे पर रोजाना अतिरिक्त 40 फेरे बढ़ाएगी
- मेडिकल इमरजेंसी, अस्पताल, रेलवे जैसी सेवाओं को डीजल जनरेटर चलाने की छूट
- 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू रहेगा सरकारी और निजी कार्यालयों में
- ईंट के भट्ठे और कोयले के पावर प्लांट भी बंद किए जा सकते हैं प्रदूषण बढ़ने पर
नगर निगम और RWA को जिम्मेदारी
चिन्हित सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग कर पानी का छिड़काव करना होगा.मशीनों के इस्तेमाल की शिफ्ट और घंटों की संख्या बढ़ाने का निर्देश है.सड़कों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में धूल बैठाने के लिए पानी का छिड़काव किया जाए. दिल्ली-NCR में प्रदूषण के हॉटस्पॉट पर ज्यादा फोकस दिया जाएगा. रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को भी कूड़ा-कचरा जलाने और अवैध पार्किंग की निगरानी को कहा गया है. 311, ग्रीन दिल्ली और समीर ऐप के जरिये कोई भी नागरिक प्रदूषण फैलाने वालों की जानकारी दे सकता है.
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