Noida Metro Latest Update: दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय हब नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले नौकरी-पेशा और आम यात्रियों के लिए सफर अब और भी आसान व आधुनिक होने जा रहा है. दरअसल, नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) अपनी एक्वा लाइन (Aqua Line) को पूरी तरह हाईटेक बनाने की तैयारी में जुट गया है.
इस योजना के तहत एक्वा लाइन के सभी 21 मेट्रो स्टेशनों पर लगे करीब 200 ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट बदले जाएंगे. इन नए और अत्याधुनिक एएफसी गेटों के लग जाने के बाद यात्रियों को अलग से मेट्रो कार्ड रखने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी और वे वन नेशन वन कार्ड का इस्तेमाल कर सीधे सफर कर सकेंगे. यानी अब एक्वा लाइन पर सफर करने के लिए अलग से कार्ड बनाने या कूपन खरीदने की जरूरत नहीं होगी. यात्री दिल्ली मेट्रो के कार्ड से भी सफर कर पाएंगे.
23 करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च
एक्वा लाइन को हाईटेक बनाने की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर एनएमआरसी लगभग 23 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है. इस सिस्टम को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए आधिकारिक रूप से टेंडर जारी कर दिया गया है. इसके मुताबिक इच्छुक और योग्य कंपनियां इस प्रोजेक्ट के लिए 30 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस भी एजेंसी का चयन किया जाएगा, उसे सभी पुराने एएफसी गेटों को नई तकनीक से बदलने के साथ-साथ उन्हें एनसीएमसी (NCMC) गाइडलाइंस के मुताबिक तैयार करना होगा. इसके अलावा, चुनी गई एजेंसी को अगले 4 वर्षों तक इन गेटों के रखरखाव और तकनीकी देखरेख की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी.
इसलिए बदले जाएंगे पुराने एएफसी गेट
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि इस पूरे अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी रुकावट के एक बेहतरीन यात्रा अनुभव देना है. दरअसल, एक्वा लाइन में वर्तमान में चल रहे एएफसी गेट साल 2019 में मेट्रो सेवा की शुरुआत के समय लगाए गए थे. हालांकि, बाद में इन्हें मोबाइल ऐप आधारित क्यूआर कोड रीडर जैसी सुविधाओं के लिए अपग्रेड किया गया था, लेकिन पिछले कुछ समय से कई स्टेशनों पर इन गेटों में बार बार तकनीकी खराबी आने और यात्रियों को परेशानी होने की शिकायतें मिल रही थीं.
जेवर एयरपोर्ट के लिए तैयारी
एनएमआरसी का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ वर्तमान समस्याओं को दूर करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखकर किया जा रहा है. आने वाले समय में जैसे ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन पूरी तरह से शुरू होगा, एक्वा लाइन पर यात्रियों का दबाव तेजी से बढ़ेगा. ऐसे में उस भीड़ को संभालने के लिए एक सुपरफास्ट टिकटिंग सिस्टम का होना बेहद जरूरी है. इसीलिए ये बदलाव किए जा रहे हैं.
नए एएफसी गेट्स के फायदे
नए एएफसी गेट्स के लग जाने के बाद एक्वा लाइन पूरी तरह से भारत सरकार के डिजिटल मोबिलिटी मिशन से जुड़ जाएगी, जिससे यात्रियों को नोएडा मेट्रो के लिए अलग से नया कार्ड खरीदने या रिचार्ज कराने के लिए लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा. दरअसल, आधुनिक एएफसी गेट कार्ड और क्यूआर कोड को बेहद तेजी से स्कैन करते हैं, जिससे पीक आवर्स के दौरान टोकन काउंटरों और गेटों पर लगने वाली लंबी लाइनों से राहत मिलेगी. यानी इस तकनीकी अपग्रेडेशन के बाद नोएडा मेट्रो न सिर्फ अधिक भरोसेमंद और तेज बनेगी, बल्कि यह देश के सबसे आधुनिक मेट्रो नेटवर्कों की सूची में भी खड़ी हो जाएगी.
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