देश में 21 नवंबर 2025 से चार नए लेबर कोड लागू हो चुके हैं, जिनका असर हर सेक्टर के कर्मचारियों पर पड़ेगा, खासकर IT और ITES (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सर्विसेज) सेक्टर में काम करने वालों पर. नया लेबर कोड IT कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आया है- समय पर सैलरी, बेहतर सोशल सिक्योरिटी, इक्वल सैलरी और नियमों की स्पष्टता से कर्मचारियों की स्थिति पहले से बेहतर होती दिख रही है.
1) सैलरी की तारीख तय: हर महीने 7 तारीख तक पेमेंट जरूरी
नए कोड के तहत अब कंपनियों के लिए हर महीने की 7 तारीख तक सैलरी देना जरुरी कर दिया गया है. इससे कर्मचारियों को हर हाल में समय पर सैलरी मिलेगी, चाहे नौकरी परमानेंट हो या कॉन्ट्रैक्ट पर.
2) इक्वल सैलरी का नियम लागू
अब IT कंपनियों में पुरुष और महिला कर्मचारियों को एक-जैसे काम के लिए बराबर सैलरी देना अनिवार्य होगा. इससे सैलरी में मामले में होने वाले लैंगिक भेदभाव पर लगाम लगेगी.
3) सोशल सिक्योरिटी के फायदे
नए कोड में सोशल सिक्योरिटी कोड को शामिल किया गया है, जिससे कर्मचारियों को PF, ESI जैसे फायदे आसानी से मिलेंगे. इससे कर्मचारियों की सेहत और भविष्य की सुरक्षा और बेहतर होगी.
4) स्पष्ट नियम
29 पुराने कोड इंटीग्रेट करके चार नए कोड लागू किए गए हैं. इनमें कोड ऑन वेजेज, इंडस्ट्रियल रिलेशन्स कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड शामिल हैं. इससे नियमों की तस्वीर साफ होगी और इनका पालन भी आसान होगा.
5) IT कर्मचारियों को विशेष फायदे
IT सेक्टर में फिक्स्ड-टर्म यानी कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारियों को भी PF, ग्रेच्युटी, हेल्थ इंश्योरेंस, जॉब सिक्योरिटी और बाकी सुविधाएं मिलेंगी. पहले यह अनिवार्य नहीं था.
6) IT सेक्टर में भरोसा बढ़ेगा
IT कंपनियों में काम करने वालों के लिए समय पर सैलरी, सोशल सिक्योरिटी और इक्वल सैलरी जैसे नियमों का होना कर्मचारियों के भरोसे को मजबूती देगा और नौकरी में स्टेबिलिटी बढ़ाएगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं