- बिहार में जल्द ही भारत टैक्सी सेवा लॉन्च की जाएगी.
- पहले चरण में चार शहरों में सेवा शुरू की जाएगी.
- भारत टैक्सी से ड्राइवरों को बड़ा फायदा मिलेगा.
बिहार के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है. ओला और उबर जैसी प्राइवेट कैब कंपनियों को टक्कर देने के लिए बिहार में भारत टैक्सी (Bharat Taxi) सर्विस की शुरुआत की जा रही है. बताया जा रहा है कि भारत टैक्सी की सेवा नवंबर के अंत तक शुरू होने जा रही है. इस सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा के जरिए यात्रियों को आसान बुकिंग का विकल्प मिलेगा, वहीं चालकों को भी अच्छे कमीशन से बड़ी राहत मिलेगी.
इस संबंध में हाल ही में परिवहन सचिव राज कुमार की अध्यक्षता में विश्वेश्वरैया भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें वाहन पंजीकरण, परमिट और आईटी प्लेटफॉर्म की तैयारियों की समीक्षा की गई.
पहले चरण में इन 4 शहरों से होगा आगाज
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, भारत टैक्सी सर्विस योजना के शुरुआती चरण में बिहार के चार प्रमुख जिलों को शामिल किया गया है. इसमें पटना, गया, वैशाली और मुजफ्फरपुर शहर शामिल हैं. बताया जा रहा है कि कस्टमर ऐप की टेस्टिंग का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है और लॉन्चिंग से पहले ही राज्यभर में लगभग 2,005 ड्राइवर इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं.
क्या है 'भारत टैक्सी' की खासियत और सहकारिता मॉडल?
भारत टैक्सी सेवा पारंपरिक कैब एग्रीगेटर कंपनियों से काफी अलग है क्योंकि यह पूरी तरह से 'सारथी-मालिक' सहकारी मॉडल पर काम करती है. इस मॉडल के तहत कैब और ऑटो चलाने वाले ड्राइवर सिर्फ सेवा प्रदाता नहीं होंगे, बल्कि वे सहकारी समिति के सदस्य, साझेदार और अंशधारक बनेंगे. उन्हें समिति के प्रबंधन बोर्ड में प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिलेगा.
निजी कंपनियां आमतौर पर हर राइड पर 10% से 15% तक कमीशन काट लेती हैं, लेकिन भारत टैक्सी में चालकों से कोई भारी कमीशन नहीं काटा जाएगा. चालक मामूली रोजाना शुल्क देकर अपनी 80 से 100 प्रतिशत तक की कमाई अपने पास रख सकेंगे.
निजी टैक्सियों की तुलना में इसका किराया 10 से 15% तक कम रहने की संभावना है. सबसे खास बात यह है कि बारिश, त्योहारों या पीक ऑवर्स में अन्य ऐप्स की तरह इसमें मनमाना किराया नहीं बढ़ेगा.
यात्रियों को क्या मिलेंगी सुविधाएं?
यात्रियों को ऐप के जरिए दोपहिया बाइक टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और 6-सीटर कैब के विकल्प आसानी से मिल सकेंगे. वहीं महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष 'बाइक दीदी' सेवा और ऐप पर लाइव ट्रैकिंग और पुलिस सहायता जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इतना ही नहीं चालकों को 5 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा और ई-श्रम पोर्टल का लाभ भी प्रदान किया जाएगा.
परिवहन विभाग का मानना है कि इस सेवा के शुरू होने से राज्य में परिवहन के आधुनिक विकल्पों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को बेहतर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे.
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