जब हम ‘सहकारिता' शब्द सुनते हैं, तो आमतौर पर अमूल की याद आती है, लेकिन अब गुजरात में एक नई डिजिटल क्रांति हो रही है, जिसका नाम भारत टैक्सी है. यह सिर्फ एक ऐप नहीं है, बल्कि ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां ड्राइवर खुद मालिक बन जाते हैं. यह पहल 5 फरवरी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शुरू की थी. इसका मकसद है कि ड्राइवरों को उनकी मेहनत का पूरा पैसा मिले और उनकी कमाई पर किसी कंपनी का हिस्सा न कटे.
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म में क्या है खास?
- इसमें ड्राइवर ही इस प्लेटफॉर्म के मालिक यानी स्टेकहोल्डर होते हैं.
- 100% कमाई सीधे ड्राइवर के खाते में जाती है.
- कोई बिचौलिया या कंपनी कमीशन नहीं लेती.
भारत टैक्सी से ड्राइवरों को कितना फायदा
पहले ड्राइवरों की कमाई का बड़ा हिस्सा कमीशन में चला जाता था. अब भारत टैक्सी से जुड़ने के बाद उनकी आमदनी में 25% से 30% तक बढ़ोतरी हुई है. उनकी कमाई ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद हो गई है. एक ड्राइवर ने बताया कि अब उन्हें पहले से बेहतर रेट और ज्यादा काम मिल रहा है, जिससे वे अपने परिवार का बेहतर ख्याल रख पा रहे हैं.
भारत टैक्सी से यात्रियों को क्या फायदा?
भारत टैक्सी से यात्रा करने वाले यात्रियों को बहुत फायदा मिलता है. इसमें किराया फिक्स और पारदर्शी है यानी कोई अचानक बढ़ोतरी नहीं होती. इससे यात्रियों को करीब 15% तक सस्ता सफर मिल रहा है, जहां पहले 30 रुपये किमी लगता था, अब 17–18 रुपये किमी में सफर हो रहा है.
बना सबसे बड़ा नेटवर्क
भारत टैक्सी एक ऐसा मॉडल है, जिसमें ड्राइवर भी खुश, यात्री भी खुश. इसमें कमाई का फायदा ड्राइवर को और सस्ते सफर का फायदा यात्रियों को मिलता है. भारत टैक्सी से देशभर में 6 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़े हैं. इसके साथ ही अब तक ऐप को 35 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं. वहीं, अहमदाबाद और सूरत के बाद अब वडोदरा में भी इसका विस्तार हो रहा है.
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