आज के डिजिटल दौर में WhatsApp केवल चैटिंग का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स और निजी बातचीत का अहम प्लेटफार्म बन चुका है. ऐसे में साइबर ठग लोगों की लापरवाही का फायदा उठाकर WhatsApp अकाउंट को हाइजैक कर लेते हैं और फिर उसी अकाउंट के जरिए उनके दोस्तों और परिवार से पैसे या संवेदनशील जानकारी मांगते हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश पुलिस ने WhatsApp अकाउंट हैक होने से बचने के लिए कुछ चीजों की जानकारी दी है. जिसके हर किसी को पता होना चाहिए.
मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर WhatsApp अकाउंट हैकिंग को लेकर एक पोस्ट किया है और लोगों को जागरूक करने का काम किया है. पोस्ट में बताया गया है कि हैकर्स अकाउंट हाइजैक करने के लिए कई तरीके अपनाते हैं. इनमें सबसे आम तरीका फिशिंग लिंक भेजना होता है, जिस पर क्लिक करते ही यूजर की जानकारी चोरी हो सकती है.
इसके अलावा, हैकर्स OTP (वन टाइम पासवर्ड) हासिल करने के लिए फर्जी कॉल या मैसेज का सहारा लेते हैं और खुद को कस्टमर केयर या परिचित बताकर यूजर को धोखे में डालते हैं. कुछ मामलों में फर्जी ऐप्स या पोर्टल के जरिए भी अकाउंट एक्सेस किया जाता है. एक बार अकाउंट हैक होने के बाद ठग आपके अकाउंट से आपके कॉन्टैक्ट्स को मैसेज भेजकर पैसे मांग सकते हैं. कई बार ये मैसेज इतने असली लगते हैं कि लोग बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है.
🚨 WhatsApp Account Hijacking से सावधान!
— NCIB MadhyaPradesh 🇮🇳 (@NCIBMP) June 27, 2026
OTP या 6-अंकों का Verification Code किसी से साझा न करें। ठग आपका WhatsApp अकाउंट अपने कब्जे में लेकर आपके दोस्तों और परिवार से पैसों की मांग कर सकते हैं।
✅ Two-Step Verification चालू रखें।
📞 ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।#Cyber pic.twitter.com/75hsL6oV2q
WhatsApp को हैकर्स से कैसे बचाएं
Two-Step Verification ऑन रखें- यह अकाउंट की सबसे बड़ी सुरक्षा है. इसे एक्टिवेट करने के लिए WhatsApp Settings > Account > Two-Step Verification पर जाएं और अपना 6 अंकों का पिन सेट करें.
Linked Devices चेक करते रहें- समय-समय पर चेक करें कि आपका अकाउंट किसी अन्य कंप्यूटर या मोबाइल में तो नहीं चल रहा. इसके लिए WhatsApp की होम स्क्रीन पर तीन डॉट्स (⋮) > Linked Devices पर टैप करें. किसी भी अनजान डिवाइस को तुरंत लॉग आउट कर दें.
संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें- अनजान नंबरों से आए लालची या डरावने ऑफर्स वाले लिंक्स या PDF/APK फाइल्स पर क्लिक न करें, क्योंकि इनसे फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है.
कभी भी OTP या वेरिफिकेशन कोड शेयर न करें- कोई भी असली सर्विस प्रोवाइडर या WhatsApp आपसे चैट पर रजिस्ट्रेशन कोड नहीं मांगेगा.
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से सावधान- धोखेबाज कस्टमर केयर बनकर कॉल करते हैं और आपको कोई नंबर जैसे *21# या *401# डायल करने के लिए कहते हैं. यह कोड आपके मैसेज और ओटीपी को उनके नंबर पर फॉरवर्ड कर देता है. इसलिए कभी भी अनजान कोड डायल न करें.
ऐसी स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.
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