- दिल्ली में BS-6 से कम मानक वाली गाड़ियों की एंट्री बंद.
- छूट वाली गाड़ियों के पास भी होना चाहिए PUC सर्टिफिकेट.
- BS-6 से कम वाले बस, ट्रक, ट्रैक्टर की भी नहीं होगी एंट्री
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और स्मॉग के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग (GNCTD) ने राजधानी में वाहनों की एंट्री को लेकर सख्त आदेश जारी किया है. आने वाले 1 नवंबर 2026 से दिल्ली के बाहर यानी अन्य राज्यों में रजिस्टर्ड BS-VI उत्सर्जन मानकों से नीचे के वाहनों को दिल्ली की सीमाओं में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी. इसका मतलब है कि BS-6 मानक से कम की किसी भी वाहन की एंट्री पर प्रतिबंध रहेगा. परिवहन विभाग ने जुगाड़ गाड़ियों पर भी सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है.
परिवहन विभाग के प्रतिबंध का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से दिल्ली आने वाले कमर्शियल और प्राइवेट गाड़ियों पर पड़ेगा. दिल्ली में रोजाना हजारों गाड़ियां एंट्री करती हैं.
किन वाहनों पर रहेगा कड़ा प्रतिबंध?
परिवहन विभाग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-3 और BS-4 मानक वाली सभी गाड़ियां, जिनमें हल्के और भारी मालवाहक वाहन, ट्रक और अंतरराज्यीय बसें भी शामिल हैं, उन्हें दिल्ली की सीमा में प्रवेश नहीं करने दी जाएगी. अगर कोई वाहन चालक इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो मोटर वाहन अधिनियम और लागू वायु प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

किन वाहनों को मिलेगी प्रवेश की छूट?
दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहन (EVs), सीएनजी (CNG) और एलएनजी (LNG) से चलने वाले वाहन और BS-VI (BS-6) उत्सर्जन मानक वाले डीजल और पेट्रोल वाहनों को छूट दी है. यानी ऐसी गाड़ियां दिल्ली में प्रवेश कर सकती है. वहीं आपातकालीन सेवाएं देने वाले वाहन एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और सरकारी या आवश्यक ड्यूटी में लगे वाहन को भी छूट होगी. हालांकि छूट वाले BS-6 वाहन के पास PUC सर्टिफिकेट होना चाहिए.
दिल्ली बॉर्डर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा
परिवहन विभाग के निर्देश के अनुसार, 1 नवंबर से लागू हो रहे इस नियम के कारण दिल्ली के सभी बॉर्डर पॉइंट्स जैसे आनंद विहार, कालिंदी कुंज, सिंघु, टीकरी और गुड़गांव बॉर्डर पर कड़ी चेकिंग की जाएगी.
परिवहन विभाग ने अंतरराज्यीय यात्रियों और मालवाहकों को सलाह दी है कि वे केवल BS-6, CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से ही दिल्ली में प्रवेश का प्लान बनाएं, ताकि सीमाओं पर किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या ट्रैफिक जाम से बचा जा सके. इसके अलावा, दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों के पास वैध पीयूसी (PUC) सर्टिफिकेट होना भी अनिवार्य है.
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