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जब डेटा रिलीज नहीं हुआ तो CM योगी को कैसे पता 4 करोड़ वोट कटे? SIR पर अखिलेश यादव का सवाल
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी पर आरोप लगाया कि मतदाता सूची से चार करोड़ नाम हटाने का दावा राजनीतिक साजिश है और SIR रिपोर्ट का इस्तेमाल विपक्ष को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है.
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असम में अवैध मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के लिए 'विशेष पुनरीक्षण': हिमंत
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गुवाहाटी में एक कार्यक्रम से इतर कहा, 'चूंकि विभिन्न पुराने मुद्दों के कारण असम में एनआरसी को अधिसूचित नहीं किया गया है, इसलिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है.
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Explainer: बिहार में वोटर लिस्ट पर हर उलझन करें दूर, विपक्ष ने इसे ‘वोटबंदी’ कहा है, क्या सच्चाई, 11 जरूरी सवालों के जवाब
बिहार में वोटर लिस्ट का यह गहन पुनरीक्षण अभियान संविधान के तहत हो रहा है. इसका मकसद सिर्फ यह तय करना है कि केवल योग्य भारतीय नागरिक ही वोट डालें.
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Bihar Voter List Controversy: विपक्ष के बवाल के बाद चुनाव आयोग का जवाब- संविधान के दायरे में चल रहा वोटर लिस्ट पुनरीक्षण
विपक्ष की आपत्ति और बवाल के बाद चुनाव आयोग ने बिंदुवार तर्क पेश किए हैं. आयोग ने कहा है कि बिहार में संविधान के दायरे में वोटर लिस्ट का गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है.
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Aadhaar जैसी सुरक्षा तैयार होने के बाद असम के नागरिकों का रजिस्टर डेटा जारी होगा : केंद्र
सरकार ने कहा कि इसके बाद, डेटा केंद्र, राज्य और आरजीआई (भारत के रजिस्ट्रार जनरल) को जारी किया जाएगा. 2019 में प्रकाशित असम एनआरसी सूचियों का डेटा अभी तक भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा आधिकारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है.
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असम की पूरक NRC लिस्ट में शामिल लोगों का Aadhaar Card बना सकते हैं या नहीं? SC ने थमाया नोटिस
देव ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि लगभग 21 लाख लोग, जिनके नाम 31 अगस्त, 2019 की अंतिम पूरक सूची के माध्यम से NRC में शामिल किए गए थे, उन्हें इस तथ्य के कारण आधार नंबर प्रदान नहीं किया जा रहा है कि केंद्र ने NRC बायोमेट्रिक डेटा को रोक लिया है
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असम NRC लिस्ट से 'अयोग्य लोगों को हटाए जाने' पर बोले ओवैसी- बंगाली मुस्लिमों को निकाले जाने की नई कवायद
ओवैसी ने एक ट्वीट लिखकर कहा, 'बीजेपी असम में NRC की बड़ी हिमायती थी. अपना नाम लिस्ट में डलवाने के लिए भी असम के लोगों को बड़ी मुश्किलों से गुजरना पड़ा, अब बीजेपी को इस बात की निराशा है कि इस लिस्ट में ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम बाहर नहीं किए गए हैं. उनकी 'लाखों अवैध प्रवासी' वाली डरावनी कहानी झूठी साबित हो गई. अब ये लोग फाइनल लिस्ट को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं और ताकि 'पर्याप्त संख्या में' बंगाली मुस्लिमों को लिस्ट से बाहर किया जा सके.
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असम में NRC की फाइनल लिस्ट से "हजारों अयोग्य लोगों" के नाम हटाए गए
असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह "दोषपूर्ण" था और सर्वोच्च न्यायालय से पुनः सत्यापन के लिए संपर्क किया जाएगा - सीमावर्ती जिलों में 20 प्रतिशत और अन्य जगहों पर 10 प्रतिशत. अदालत द्वारा 27 प्रतिशत आकस्मिक पुन: सत्यापन किए जाने के बाद इसे खारिज कर दिया गया था.
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NRC का क्या होगा असर? जबेदा बेगम के बाद अब पढ़िए फखरुद्दीन की दर्दभरी दास्तां, नागरिकता साबित करने में जुटे 19 लाख
असम की फ़ाइनल NRC लिस्ट से बाहर हो गए लाखों लोग नागरिकता साबित करने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई ऐसे लोग हैं जिनके पास काग़ज़ात तो बहुत हैं लेकिन इस वक्त कोई काग़ज़ उनके काम नहीं आ रहा है. इसी मामले में NDTV पर जबेदा की कहानी दिखाई जा चुकी है, कुछ वैसा ही हाल मोहम्मद फखरुद्दीन खान का है. 41 साल के मोहम्मद फखरुद्दीन खान असम के उन 19 लाख लोगों में से हैं जिन्हें पिछले साल अगस्त में जारी हुई एनआरसी की फाइनल लिस्ट से बाहर कर दिया गया.
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असम NRC अधिकारियों का आरोप, डेटा डिलीट किया गया, अहम ईमेल संदेश छिपाए गए
NRC अधिकारियों को यह भी संदेह है कि नागरिक सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया से जुड़ी रही एक वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक ईमेल एकाउंटों के पासवर्ड छिपा लिए थे.
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जब डेटा रिलीज नहीं हुआ तो CM योगी को कैसे पता 4 करोड़ वोट कटे? SIR पर अखिलेश यादव का सवाल
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी पर आरोप लगाया कि मतदाता सूची से चार करोड़ नाम हटाने का दावा राजनीतिक साजिश है और SIR रिपोर्ट का इस्तेमाल विपक्ष को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है.
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असम में अवैध मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के लिए 'विशेष पुनरीक्षण': हिमंत
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गुवाहाटी में एक कार्यक्रम से इतर कहा, 'चूंकि विभिन्न पुराने मुद्दों के कारण असम में एनआरसी को अधिसूचित नहीं किया गया है, इसलिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है.
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बिहार में वोटर लिस्ट का यह गहन पुनरीक्षण अभियान संविधान के तहत हो रहा है. इसका मकसद सिर्फ यह तय करना है कि केवल योग्य भारतीय नागरिक ही वोट डालें.
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Bihar Voter List Controversy: विपक्ष के बवाल के बाद चुनाव आयोग का जवाब- संविधान के दायरे में चल रहा वोटर लिस्ट पुनरीक्षण
विपक्ष की आपत्ति और बवाल के बाद चुनाव आयोग ने बिंदुवार तर्क पेश किए हैं. आयोग ने कहा है कि बिहार में संविधान के दायरे में वोटर लिस्ट का गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है.
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Aadhaar जैसी सुरक्षा तैयार होने के बाद असम के नागरिकों का रजिस्टर डेटा जारी होगा : केंद्र
सरकार ने कहा कि इसके बाद, डेटा केंद्र, राज्य और आरजीआई (भारत के रजिस्ट्रार जनरल) को जारी किया जाएगा. 2019 में प्रकाशित असम एनआरसी सूचियों का डेटा अभी तक भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा आधिकारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है.
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असम की पूरक NRC लिस्ट में शामिल लोगों का Aadhaar Card बना सकते हैं या नहीं? SC ने थमाया नोटिस
देव ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि लगभग 21 लाख लोग, जिनके नाम 31 अगस्त, 2019 की अंतिम पूरक सूची के माध्यम से NRC में शामिल किए गए थे, उन्हें इस तथ्य के कारण आधार नंबर प्रदान नहीं किया जा रहा है कि केंद्र ने NRC बायोमेट्रिक डेटा को रोक लिया है
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असम NRC लिस्ट से 'अयोग्य लोगों को हटाए जाने' पर बोले ओवैसी- बंगाली मुस्लिमों को निकाले जाने की नई कवायद
ओवैसी ने एक ट्वीट लिखकर कहा, 'बीजेपी असम में NRC की बड़ी हिमायती थी. अपना नाम लिस्ट में डलवाने के लिए भी असम के लोगों को बड़ी मुश्किलों से गुजरना पड़ा, अब बीजेपी को इस बात की निराशा है कि इस लिस्ट में ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम बाहर नहीं किए गए हैं. उनकी 'लाखों अवैध प्रवासी' वाली डरावनी कहानी झूठी साबित हो गई. अब ये लोग फाइनल लिस्ट को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं और ताकि 'पर्याप्त संख्या में' बंगाली मुस्लिमों को लिस्ट से बाहर किया जा सके.
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असम में NRC की फाइनल लिस्ट से "हजारों अयोग्य लोगों" के नाम हटाए गए
असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह "दोषपूर्ण" था और सर्वोच्च न्यायालय से पुनः सत्यापन के लिए संपर्क किया जाएगा - सीमावर्ती जिलों में 20 प्रतिशत और अन्य जगहों पर 10 प्रतिशत. अदालत द्वारा 27 प्रतिशत आकस्मिक पुन: सत्यापन किए जाने के बाद इसे खारिज कर दिया गया था.
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असम की फ़ाइनल NRC लिस्ट से बाहर हो गए लाखों लोग नागरिकता साबित करने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई ऐसे लोग हैं जिनके पास काग़ज़ात तो बहुत हैं लेकिन इस वक्त कोई काग़ज़ उनके काम नहीं आ रहा है. इसी मामले में NDTV पर जबेदा की कहानी दिखाई जा चुकी है, कुछ वैसा ही हाल मोहम्मद फखरुद्दीन खान का है. 41 साल के मोहम्मद फखरुद्दीन खान असम के उन 19 लाख लोगों में से हैं जिन्हें पिछले साल अगस्त में जारी हुई एनआरसी की फाइनल लिस्ट से बाहर कर दिया गया.
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असम NRC अधिकारियों का आरोप, डेटा डिलीट किया गया, अहम ईमेल संदेश छिपाए गए
NRC अधिकारियों को यह भी संदेह है कि नागरिक सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया से जुड़ी रही एक वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक ईमेल एकाउंटों के पासवर्ड छिपा लिए थे.