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मालदा में न्यायिक अफसरों के घेराव मामले की जांच NIA करेगी, SC के सख्त रुख के बाद CEC का फैसला
- Thursday April 2, 2026
- Reported by: अश्वनी कुमार सिंह, प्रशांत, Edited by: मनोज शर्मा
मालदा में 7 न्यायिक अधिकारियों के घेराव पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि ये घटना सबूत है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है.
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देश में लागू हो रहे हैं नए आपराधिक कानून, लोगों को मिल रहा है इंसाफ-केन्द्रीय गृह सचिव
- Sunday November 9, 2025
- Reported by: राजीव रंजन, Edited by: रिचा बाजपेयी
केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार एक सुरक्षित, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित आपराधिक न्याय प्रणाली का निर्माण कर रही है.
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न्यायपालिका तक पहुंच को ‘हथियार’ बनाया जा रहा है: उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़
- Friday February 7, 2025
- Reported by: भाषा
धनखड़ ने कहा कि विभाजनकारी ताकतें अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं. धनखड़ ने कहा, ‘‘इन ताकतों ने नये-नये रास्ते अपनाए हैं और बहुत से मुद्दों पर आप देखेंगे कि वे न्यायपालिका की शरण में जाते हैं.’’
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सभी नागरिकों को इंसाफ पाने का हक, काम आसान नहीं... कोशिश जारी रखेंगे : जस्टिस बीआर गवई
- Tuesday December 10, 2024
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अंजलि कर्मकार
जस्टिस गवई कहते हैं, "अंडर ट्रायल कैदियों के भी कुछ अधिकार होते हैं. उनके बेसिक राइट्स को आप इग्नोर नहीं कर सकते. नालसा ऐसे ही कैदियों की मदद के लिए है. यहां तक कि ट्रायल के बाद भी जो कैदी जेल में पड़े हुए हैं, नालसा उन्हें जमानत दिलाने की कोशिश करता है."
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क्यों हो रही है कैदियों की इलेक्ट्रानिक निगरानी की बात, क्या यह निजता के अधिकार का उल्लंघन होगा
- Tuesday December 3, 2024
- Written by: राजेश कुमार आर्य
सुप्रीम कोर्ट की एक रिपोर्ट में जमानत पर या दूसरे तरीकों से रिहा हुए कैदियों की इलेक्ट्रानिक उपकरणों से निगरानी की वकालत की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसी निगरानी से जेलों में से कैदियों की भीड़ कम होगी. इस निगरानी के कुछ नैतिक पहलू भी हैं.
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"भारत को किसी की सीख की जरूरत नहीं..." : केजरीवाल की गिरफ्तारी पर दूसरे देशों की टिप्पणी के बाद उपराष्ट्रपति
- Friday March 29, 2024
- Reported by: वसुधा वेणुगोपाल, Edited by: सूर्यकांत पाठक
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि, भारत एक अद्वितीय लोकतंत्र है, देश को कानून के शासन केस बारे में किसी से सबक लेने की जरूरत नहीं है. उनकी यह टिप्पणी जर्मनी, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र (UN) की ओर से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर दिए गए वक्तव्यों के बाद आई है. अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों से पूछे गए सवालों के बाद टिप्पणियां शुरू हुईं. यह कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज करने के बारे में भी थीं.
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सुप्रीम कोर्ट ने NGT के न्यायिक सदस्य का कार्यकाल बढ़ाया
- Monday January 16, 2023
- Reported by: भाषा
पीठ ने कहा कि एनजीटी अधिनियम, 2010 की धारा 4 (1) में प्रावधान है कि अधिकरण में कम से कम 10 और अधिकतम 20 पूर्णकालिक न्यायिक सदस्य और इतनी ही संख्या में विशेषज्ञ सदस्य होंगे.
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सरकार स्वतंत्रता के अंतिम स्तंभ ‘न्यायपालिका’ पर कब्जा करना चाहती है : पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल
- Sunday January 15, 2023
- Reported by: भाषा
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की उस हालिया टिप्पणी के बाद सिब्बल की यह प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें धनखड़ ने उच्चतम न्यायालय द्वारा एनजेएसी को रद्द करने के फैसले की आलोचना की थी.
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जजों की नियुक्ति के मसले पर उपराष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट पर साधा निशाना
- Saturday December 3, 2022
- Reported by: भाषा, Edited by: आनंद नायक
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम को रद्द किए जाने को लेकर संसद में ‘कोई चर्चा’ नहीं हुई और यह एक ‘‘बहुत गंभीर मसला’’ है. धनखड़ ने यह भी कहा कि संसद द्वारा पारित एक कानून, जो लोगों की इच्छा को दर्शाता है, उसे SC ने ‘‘रद्द’’ कर दिया और ‘‘दुनिया को ऐसे किसी भी कदम के बारे में कोई जानकारी नहीं है.’’
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NJAC: रंगनाथ पांडेय रिटायर हुए हैं, उनका उठाया गया मुद्दा नहीं...
- Monday July 8, 2019
- अमित
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रंगनाथ पांडेय ने अपने रिटायमेंट से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति बंद कमरों में चाय पर चर्चा करते-करते हो जाती है. यहां कोई पारदर्शिता नहीं है. नियुक्ति में भाई-भतीजावाद और जातिवाद हावी है. जिसका मतलब है कि जजों के बच्चे या रिश्तेदार ही जज बनते हैं.
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मालदा में न्यायिक अफसरों के घेराव मामले की जांच NIA करेगी, SC के सख्त रुख के बाद CEC का फैसला
- Thursday April 2, 2026
- Reported by: अश्वनी कुमार सिंह, प्रशांत, Edited by: मनोज शर्मा
मालदा में 7 न्यायिक अधिकारियों के घेराव पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि ये घटना सबूत है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है.
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देश में लागू हो रहे हैं नए आपराधिक कानून, लोगों को मिल रहा है इंसाफ-केन्द्रीय गृह सचिव
- Sunday November 9, 2025
- Reported by: राजीव रंजन, Edited by: रिचा बाजपेयी
केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार एक सुरक्षित, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित आपराधिक न्याय प्रणाली का निर्माण कर रही है.
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न्यायपालिका तक पहुंच को ‘हथियार’ बनाया जा रहा है: उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़
- Friday February 7, 2025
- Reported by: भाषा
धनखड़ ने कहा कि विभाजनकारी ताकतें अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं. धनखड़ ने कहा, ‘‘इन ताकतों ने नये-नये रास्ते अपनाए हैं और बहुत से मुद्दों पर आप देखेंगे कि वे न्यायपालिका की शरण में जाते हैं.’’
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सभी नागरिकों को इंसाफ पाने का हक, काम आसान नहीं... कोशिश जारी रखेंगे : जस्टिस बीआर गवई
- Tuesday December 10, 2024
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अंजलि कर्मकार
जस्टिस गवई कहते हैं, "अंडर ट्रायल कैदियों के भी कुछ अधिकार होते हैं. उनके बेसिक राइट्स को आप इग्नोर नहीं कर सकते. नालसा ऐसे ही कैदियों की मदद के लिए है. यहां तक कि ट्रायल के बाद भी जो कैदी जेल में पड़े हुए हैं, नालसा उन्हें जमानत दिलाने की कोशिश करता है."
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क्यों हो रही है कैदियों की इलेक्ट्रानिक निगरानी की बात, क्या यह निजता के अधिकार का उल्लंघन होगा
- Tuesday December 3, 2024
- Written by: राजेश कुमार आर्य
सुप्रीम कोर्ट की एक रिपोर्ट में जमानत पर या दूसरे तरीकों से रिहा हुए कैदियों की इलेक्ट्रानिक उपकरणों से निगरानी की वकालत की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसी निगरानी से जेलों में से कैदियों की भीड़ कम होगी. इस निगरानी के कुछ नैतिक पहलू भी हैं.
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"भारत को किसी की सीख की जरूरत नहीं..." : केजरीवाल की गिरफ्तारी पर दूसरे देशों की टिप्पणी के बाद उपराष्ट्रपति
- Friday March 29, 2024
- Reported by: वसुधा वेणुगोपाल, Edited by: सूर्यकांत पाठक
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि, भारत एक अद्वितीय लोकतंत्र है, देश को कानून के शासन केस बारे में किसी से सबक लेने की जरूरत नहीं है. उनकी यह टिप्पणी जर्मनी, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र (UN) की ओर से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर दिए गए वक्तव्यों के बाद आई है. अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों से पूछे गए सवालों के बाद टिप्पणियां शुरू हुईं. यह कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज करने के बारे में भी थीं.
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सुप्रीम कोर्ट ने NGT के न्यायिक सदस्य का कार्यकाल बढ़ाया
- Monday January 16, 2023
- Reported by: भाषा
पीठ ने कहा कि एनजीटी अधिनियम, 2010 की धारा 4 (1) में प्रावधान है कि अधिकरण में कम से कम 10 और अधिकतम 20 पूर्णकालिक न्यायिक सदस्य और इतनी ही संख्या में विशेषज्ञ सदस्य होंगे.
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सरकार स्वतंत्रता के अंतिम स्तंभ ‘न्यायपालिका’ पर कब्जा करना चाहती है : पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल
- Sunday January 15, 2023
- Reported by: भाषा
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की उस हालिया टिप्पणी के बाद सिब्बल की यह प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें धनखड़ ने उच्चतम न्यायालय द्वारा एनजेएसी को रद्द करने के फैसले की आलोचना की थी.
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जजों की नियुक्ति के मसले पर उपराष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट पर साधा निशाना
- Saturday December 3, 2022
- Reported by: भाषा, Edited by: आनंद नायक
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम को रद्द किए जाने को लेकर संसद में ‘कोई चर्चा’ नहीं हुई और यह एक ‘‘बहुत गंभीर मसला’’ है. धनखड़ ने यह भी कहा कि संसद द्वारा पारित एक कानून, जो लोगों की इच्छा को दर्शाता है, उसे SC ने ‘‘रद्द’’ कर दिया और ‘‘दुनिया को ऐसे किसी भी कदम के बारे में कोई जानकारी नहीं है.’’
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NJAC: रंगनाथ पांडेय रिटायर हुए हैं, उनका उठाया गया मुद्दा नहीं...
- Monday July 8, 2019
- अमित
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रंगनाथ पांडेय ने अपने रिटायमेंट से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति बंद कमरों में चाय पर चर्चा करते-करते हो जाती है. यहां कोई पारदर्शिता नहीं है. नियुक्ति में भाई-भतीजावाद और जातिवाद हावी है. जिसका मतलब है कि जजों के बच्चे या रिश्तेदार ही जज बनते हैं.
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