Karnataka Election Result 2023
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हिमाचल-कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद अब प्रियंका गांधी ने संभाली MP और तेलंगाना की कमान
संगठनात्मक क्षमताओं से अधिक यह प्रियंका गांधी की प्रचार शैली और जीतने पर फोकस ही था, जिसने कर्नाटक में कांग्रेस को शानदार जीत दिलाई.
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Exclusive: क्या ढाई साल ही कर्नाटक CM रहेंगे सिद्धारमैया? उसके बाद मिल सकती है DKS को कमान
कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके भावी डिप्टी डीके शिवकुमार का गुरुवार को बेंगलुरु पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया. सूत्रों के मुताबिक, बुधवार देर रात करीब 2 बजे सोनिया गांधी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीके शिवकुमार से बातचीत की थी. इसके बाद ही वे डिप्टी CM पद के लिए तैयार हुए. इसके बाद गुरुवार दोपहर 12 बजे केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया.
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सिद्धारमैया: बिना मोबाइल फोन के नेता, जो अब कर्नाटक में कांग्रेस की शानदार वापसी का हैं चेहरा
यह सिद्धारमैया ही थे, जिन्होंने 2013-18 के बीच कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल के सफल कार्यकाल का नेतृत्व किया. ये कर्नाटक में अपने आप में एक मील का पत्थर है, क्योंकि कर्नाटक ऐसे राज्य के रूप में भी जाना जाता है, जहां ज्यादातर मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते हैं.
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इन 3 वजहों से सिद्धारमैया की हुई जीत, लेकिन DKS भी इसलिए नहीं हारे
कर्नाटक में मुख्यमंत्री को लेकर चल रहा सस्पेंस आखिरकार 5वें दिन खत्म हो गया. कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री होंगे. डीके शिवकुमार उप-मुख्यमंत्री बनेंगे. शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु में 20 मई को होगा.
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"आप भी नहीं बन पाए थे CM" : कर्नाटक पर सस्पेंस के बीच मल्लिकार्जुन खरगे से बोले डीके शिवकुमार
कर्नाटक के सीएम को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने मंगलवार को कई दौर की बैठकें की, जो बेनतीजा रही. इसके बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने बारी-बारी से डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया से मुलाकात की. किसी फॉर्मूले पर सहमति नहीं बनने के कारण अब आलाकमान बुधवार को भी मीटिंग करेगा.
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कर्नाटक से BJP ने लिया सबक, राजस्थान-MP और छत्तीसगढ़ में SC-ST सीट पर करेगी फोकस
कर्नाटक चुनाव में बीजेपी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 36 सीटों में सिर्फ 8 सीटें जीतने में सफल रही. लेकिन पार्टी आदिवासी समुदायों के लिए आरक्षित सीटों में से एक भी सीट जीत नहीं पाई.
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कांग्रेस के लिए क्यों ‘खास’ है कर्नाटक की जीत
1989 की जीत के बाद 2023 का चुनाव कांग्रेस के लिए अहम इसलिए है क्योंकि, कांग्रेस इस बार सभी समुदाय और जाति को साधने में कामयाब रही और पार्टी ने गुटबाजी का असर चुनाव के परिणाम पर नहीं पड़ने दिया.
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कर्नाटक CM पर आज भी बेनतीजा रही कांग्रेस की बैठक, सिद्धारमैया-शिवकुमार को दिल्ली में रहने को कहा
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 की जंग जीतने और प्रचंड बहुमत पाने के बाद कांग्रेस में अब मुख्यमंत्री को लेकर मंथन चल रहा है. सीएम की रेस में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कांटे की टक्कर है. सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने सीएम पद और आलाकमान को लेकर बयान भी दिए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. अब बुधवार को कर्नाटक के सीएम का ऐलान हो सकता है.
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कर्नाटक CM की रेस में सिद्धारमैया चल रहे हैं आगे
कर्नाटक में चुनाव से पहले हुए सर्वे में भी मुख्यमंत्री के तौर पर लोगों की पहली पसंद सिद्धारमैया ही रहे हैं. बाकी नेता तो उनकी लोकप्रियता में काफी पीछे थे.
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सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार की क्या हैं ताकत और कमजोरी? कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के पास 3 फॉर्मूले
कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने 135 सीटें जीती थीं. बीजेपी के खाते में 66 सीटें आईं. वहीं, जेडीएस को19 सीटें मिली. प्रचंड बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में मंथन चल रहा है. सीएम पद के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने दावेदारी पेश की है.
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हिमाचल-कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद अब प्रियंका गांधी ने संभाली MP और तेलंगाना की कमान
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Exclusive: क्या ढाई साल ही कर्नाटक CM रहेंगे सिद्धारमैया? उसके बाद मिल सकती है DKS को कमान
कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके भावी डिप्टी डीके शिवकुमार का गुरुवार को बेंगलुरु पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया. सूत्रों के मुताबिक, बुधवार देर रात करीब 2 बजे सोनिया गांधी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीके शिवकुमार से बातचीत की थी. इसके बाद ही वे डिप्टी CM पद के लिए तैयार हुए. इसके बाद गुरुवार दोपहर 12 बजे केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया.
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यह सिद्धारमैया ही थे, जिन्होंने 2013-18 के बीच कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल के सफल कार्यकाल का नेतृत्व किया. ये कर्नाटक में अपने आप में एक मील का पत्थर है, क्योंकि कर्नाटक ऐसे राज्य के रूप में भी जाना जाता है, जहां ज्यादातर मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते हैं.
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इन 3 वजहों से सिद्धारमैया की हुई जीत, लेकिन DKS भी इसलिए नहीं हारे
कर्नाटक में मुख्यमंत्री को लेकर चल रहा सस्पेंस आखिरकार 5वें दिन खत्म हो गया. कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री होंगे. डीके शिवकुमार उप-मुख्यमंत्री बनेंगे. शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु में 20 मई को होगा.
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"आप भी नहीं बन पाए थे CM" : कर्नाटक पर सस्पेंस के बीच मल्लिकार्जुन खरगे से बोले डीके शिवकुमार
कर्नाटक के सीएम को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने मंगलवार को कई दौर की बैठकें की, जो बेनतीजा रही. इसके बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने बारी-बारी से डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया से मुलाकात की. किसी फॉर्मूले पर सहमति नहीं बनने के कारण अब आलाकमान बुधवार को भी मीटिंग करेगा.
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कर्नाटक चुनाव में बीजेपी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 36 सीटों में सिर्फ 8 सीटें जीतने में सफल रही. लेकिन पार्टी आदिवासी समुदायों के लिए आरक्षित सीटों में से एक भी सीट जीत नहीं पाई.
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कांग्रेस के लिए क्यों ‘खास’ है कर्नाटक की जीत
1989 की जीत के बाद 2023 का चुनाव कांग्रेस के लिए अहम इसलिए है क्योंकि, कांग्रेस इस बार सभी समुदाय और जाति को साधने में कामयाब रही और पार्टी ने गुटबाजी का असर चुनाव के परिणाम पर नहीं पड़ने दिया.
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कर्नाटक CM पर आज भी बेनतीजा रही कांग्रेस की बैठक, सिद्धारमैया-शिवकुमार को दिल्ली में रहने को कहा
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 की जंग जीतने और प्रचंड बहुमत पाने के बाद कांग्रेस में अब मुख्यमंत्री को लेकर मंथन चल रहा है. सीएम की रेस में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कांटे की टक्कर है. सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने सीएम पद और आलाकमान को लेकर बयान भी दिए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. अब बुधवार को कर्नाटक के सीएम का ऐलान हो सकता है.
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कर्नाटक CM की रेस में सिद्धारमैया चल रहे हैं आगे
कर्नाटक में चुनाव से पहले हुए सर्वे में भी मुख्यमंत्री के तौर पर लोगों की पहली पसंद सिद्धारमैया ही रहे हैं. बाकी नेता तो उनकी लोकप्रियता में काफी पीछे थे.
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सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार की क्या हैं ताकत और कमजोरी? कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के पास 3 फॉर्मूले
कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने 135 सीटें जीती थीं. बीजेपी के खाते में 66 सीटें आईं. वहीं, जेडीएस को19 सीटें मिली. प्रचंड बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में मंथन चल रहा है. सीएम पद के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने दावेदारी पेश की है.