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डेढ़ साल का समय पर्याप्त, फिर भी कोई निर्णय नहीं...एलजीबीटीक्यू मामलों में केंद्र से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
- Friday March 20, 2026
- Reported by: भाषा, Edited by: पीयूष जयजान
याचिकाकर्ता का कहना है कि एलजीबीटीक्यू समुदाय के सदस्यों को 'असहमति वाले अप्राकृतिक यौन संबंध' के मामलों में कानूनी सुरक्षा की आवश्यकता है.
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Holi 2026: होली पर पुलिस वाले पर जबरन रंग डालने की क्या सजा होती है? एडवोकेट ने बताया किन धाराओं में लग सकता है केस
- Tuesday March 3, 2026
- Written by: गुरुत्व राजपूत
होली पर कई बार उत्साह लापरवाही में बदल जाता है जब लोग सड़क पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों पर जबरन रंग डाल देते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि ऐसा करना सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि कानून के तहत एक संज्ञेय अपराध भी है.
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बरेली हिंसा केस में बड़ा मोड़, मास्टरमाइंड के करीबी नाजिम रज़ा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत
- Wednesday February 4, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: संज्ञा सिंह
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 की बरेली हिंसा के आरोपी नाजिम रज़ा खान को सशर्त जमानत दे दी है. कोर्ट ने कहा कि आरोपी का नाम एफआईआर में नहीं था और वह लंबे समय से जेल में बंद था.
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क्या बीएनएस के तहत अप्राकृतिक यौन संबंध अपराध है? दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल
- Wednesday August 14, 2024
- Reported by: भाषा
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा, “वो प्रावधान कहां है? कोई प्रावधान ही नहीं है. वो है ही नहीं. कुछ तो होना चाहिए. सवाल ये है कि अगर वो (प्रावधान) वहां नहीं है, तो क्या वो अपराध है?
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Explainer: BNS की धारा 69 के तहत ब्रेकअप होने पर पुरुष को क्यों जाना पड़ सकता है जेल?
- Saturday July 6, 2024
- Edited by: सूर्यकांत पाठक
देश में आपराधिक मामलों के लिए हाल ही में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू की गई है. इसने भारतीय दंड संहिता 1860 का स्थान लिया है. बीएनएस से आपराधिक दंड प्रक्रिया में कई बदलाव आ गए हैं. इस संहिता में शामिल धारा 69 (Section 69) को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं, क्योंकि इसका दुरुपयोग किए जाने की आशंका है. इस बारे में तर्क दिया जा रहा है कि अदालत में शादी करने के इरादे को साबित करना मुश्किल होगा.
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नए आपराधिक कानून के तहत देशभर में अलग-अलग राज्यों में कब-कब दर्ज हुई पहली FIR, देखें लिस्ट
- Tuesday July 2, 2024
- Edited by: मेघा शर्मा
पहले आईपीएस, सीआरपीसी और इंडियन एविडेंस एक्ट होते थे लेकिन अब इन धाराओं को खत्म कर दिया है और इनकी जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) ने ले ली है.
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नए कानून लागू होने के बाद घर बैठे FIR कैसे लिखवाएं, यहां जानें पूरा प्रोसेस
- Monday July 1, 2024
- Edited by: स्वेता गुप्ता
Three Criminal Law: अगर आप किसी अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है.घर बैठे ही किस तरह से FIR दर्ज करवाई जा सकती है, जानें.
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दिल्ली में नए कानून के तहत पहली FIR, कमला मार्किट थाने में हुई दर्ज
- Monday July 1, 2024
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: तिलकराज
दिल्ली में नए कानून के तहत पहली FIR कमला मार्किट थाने में दर्ज हुई है. पुलिस ने नए कानून BNS की धारा 285 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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मर्डर अब '302' नहीं, '103'... IPC खत्म, आज से लागू हो गए कानून, हर एक बात जानिए
- Monday July 1, 2024
- Written by: सूर्यकांत पाठक
देश में सोमवार, 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो जाएंगे. कानून की यह संहिताएं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) हैं. नए कानूनों में कुछ धाराएं हटा दी गई हैं तो कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं. कानून में नई धाराएं शामिल होने के बाद पुलिस, वकील और अदालतों के साथ-साथ आम लोगों के कामकाज में भी काफी बदलाव आ जाएगा.
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लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
- Friday May 3, 2024
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि महिला उत्पीड़न के झूठे आरोपों पर लगाम के लिए केंद्र भारतीय न्याय संहिता में बदलाव पर विचार करे. केंद्र झूठी शिकायतें दर्ज करने को रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 86 में आवश्यक बदलाव करने पर विचार करे.
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डेढ़ साल का समय पर्याप्त, फिर भी कोई निर्णय नहीं...एलजीबीटीक्यू मामलों में केंद्र से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
- Friday March 20, 2026
- Reported by: भाषा, Edited by: पीयूष जयजान
याचिकाकर्ता का कहना है कि एलजीबीटीक्यू समुदाय के सदस्यों को 'असहमति वाले अप्राकृतिक यौन संबंध' के मामलों में कानूनी सुरक्षा की आवश्यकता है.
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Holi 2026: होली पर पुलिस वाले पर जबरन रंग डालने की क्या सजा होती है? एडवोकेट ने बताया किन धाराओं में लग सकता है केस
- Tuesday March 3, 2026
- Written by: गुरुत्व राजपूत
होली पर कई बार उत्साह लापरवाही में बदल जाता है जब लोग सड़क पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों पर जबरन रंग डाल देते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि ऐसा करना सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि कानून के तहत एक संज्ञेय अपराध भी है.
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बरेली हिंसा केस में बड़ा मोड़, मास्टरमाइंड के करीबी नाजिम रज़ा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत
- Wednesday February 4, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: संज्ञा सिंह
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 की बरेली हिंसा के आरोपी नाजिम रज़ा खान को सशर्त जमानत दे दी है. कोर्ट ने कहा कि आरोपी का नाम एफआईआर में नहीं था और वह लंबे समय से जेल में बंद था.
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क्या बीएनएस के तहत अप्राकृतिक यौन संबंध अपराध है? दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल
- Wednesday August 14, 2024
- Reported by: भाषा
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा, “वो प्रावधान कहां है? कोई प्रावधान ही नहीं है. वो है ही नहीं. कुछ तो होना चाहिए. सवाल ये है कि अगर वो (प्रावधान) वहां नहीं है, तो क्या वो अपराध है?
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Explainer: BNS की धारा 69 के तहत ब्रेकअप होने पर पुरुष को क्यों जाना पड़ सकता है जेल?
- Saturday July 6, 2024
- Edited by: सूर्यकांत पाठक
देश में आपराधिक मामलों के लिए हाल ही में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू की गई है. इसने भारतीय दंड संहिता 1860 का स्थान लिया है. बीएनएस से आपराधिक दंड प्रक्रिया में कई बदलाव आ गए हैं. इस संहिता में शामिल धारा 69 (Section 69) को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं, क्योंकि इसका दुरुपयोग किए जाने की आशंका है. इस बारे में तर्क दिया जा रहा है कि अदालत में शादी करने के इरादे को साबित करना मुश्किल होगा.
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नए आपराधिक कानून के तहत देशभर में अलग-अलग राज्यों में कब-कब दर्ज हुई पहली FIR, देखें लिस्ट
- Tuesday July 2, 2024
- Edited by: मेघा शर्मा
पहले आईपीएस, सीआरपीसी और इंडियन एविडेंस एक्ट होते थे लेकिन अब इन धाराओं को खत्म कर दिया है और इनकी जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) ने ले ली है.
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नए कानून लागू होने के बाद घर बैठे FIR कैसे लिखवाएं, यहां जानें पूरा प्रोसेस
- Monday July 1, 2024
- Edited by: स्वेता गुप्ता
Three Criminal Law: अगर आप किसी अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है.घर बैठे ही किस तरह से FIR दर्ज करवाई जा सकती है, जानें.
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दिल्ली में नए कानून के तहत पहली FIR, कमला मार्किट थाने में हुई दर्ज
- Monday July 1, 2024
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: तिलकराज
दिल्ली में नए कानून के तहत पहली FIR कमला मार्किट थाने में दर्ज हुई है. पुलिस ने नए कानून BNS की धारा 285 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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मर्डर अब '302' नहीं, '103'... IPC खत्म, आज से लागू हो गए कानून, हर एक बात जानिए
- Monday July 1, 2024
- Written by: सूर्यकांत पाठक
देश में सोमवार, 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो जाएंगे. कानून की यह संहिताएं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) हैं. नए कानूनों में कुछ धाराएं हटा दी गई हैं तो कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं. कानून में नई धाराएं शामिल होने के बाद पुलिस, वकील और अदालतों के साथ-साथ आम लोगों के कामकाज में भी काफी बदलाव आ जाएगा.
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लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
- Friday May 3, 2024
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
लागू होने से पहले ही नए आपराधिक कानून के एक प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि महिला उत्पीड़न के झूठे आरोपों पर लगाम के लिए केंद्र भारतीय न्याय संहिता में बदलाव पर विचार करे. केंद्र झूठी शिकायतें दर्ज करने को रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 86 में आवश्यक बदलाव करने पर विचार करे.
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