आधी रात हुई कार्रवाई तो कहां से आए पत्थरबाज ? Elahi Masjid | Delhi

  • 39:39
  • प्रकाशित: जनवरी 07, 2026

दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर फैज़ इलाही मस्जिद के पास बने कथित अवैध स्ट्रक्चर को हटाने पहुंची MCD टीम पर देर रात पथराव हुआ. पुलिस ने टियर गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया. पांच लोग हिरासत में, पांच पुलिसकर्मी घायल, ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों के फुटेज से उपद्रवियों की पहचान जारी.

क्या है मामला?

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज़ इलाही मस्जिद से सटे हिस्से में बना एक स्ट्रक्चर जिसे ‘बारात घर’ और डिस्पेंसरी बताया जा रहा था, को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद MCD ने अवैध अतिक्रमण मानते हुए हटाने की कार्रवाई शुरू की. प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण रामलीला मैदान की जमीन पर फैला हुआ था और इसके लिए पिछले वर्ष कई नोटिस भी जारी किए गए थे.

रात में कैसे बिगड़े हालात?

कार्रवाई देर रात शुरू हुई और कई बुलडोज़र व डंपर साइट पर तैनात किए गए. जैसे ही डेमोलिशन आगे बढ़ा, करीब 150 लोग मौके पर जुटे. NDTV के ग्राउंड इनपुट के मुताबिक, उनमें से 25–30 लोग सड़क से पत्थर लेकर आए और पुलिस पर पथराव किया. इसके बाद पुलिस ने टियर गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया. मौके की तस्वीरों में उलटी स्कूटियां, क्षतिग्रस्त गाड़ियां और पत्थरों के ढेर दिखे. कई गलियों में आंसू गैस के खोखे भी मिले.

पुलिस का बयान

DCP (सेंट्रल) नितिन वासन ने NDTV को बताया कि भीड़ के एक हिस्से ने पत्थरबाजी शुरू की, जिसके बाद रिलायंस में फोर्स का इस्तेमाल कर स्थिति नियंत्रित की गई. पुलिस के 5 कर्मी घायल हुए जिन्हें अस्पताल ले जाया गया और चोटें मामूली बताई गईं.

पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है और सरकारी काम में बाधा, दंगा, और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान सहित कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया है. DCP ने कहा कि आरोपों जैसे पहले पुलिस ने बल प्रयोग किया. वीडियो रिकॉर्डिंग से जांच की जाएगी और कुछ मिला तो कार्रवाई होगी.

 

पुलिस के मुताबिक, RAF और CRPF की कंपनियाँ भी इलाके में तैनात की गईं. डिप्लॉयमेंट डेमोलिशन साइट के अलावा आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी किया गया.

 

ड्रोन व बॉडी-कैम से पहचान

मौके पर ड्रोन कैमरे और पुलिस के बॉडी-वॉर्न कैमरे सक्रिय रहे. पुलिस के पास करीब सौ से अधिक वीडियो हैं जिनसे उपद्रवियों की पहचान की जा रही है. इलाके के CCTV फुटेज भी जब्त किए जा रहे हैं. स्थानीय पीस/अमन कमिटी के साथ पूर्व-मीटिंग का हवाला देते हुए पुलिस यह भी जांच रही है कि भीड़ अचानक आई या किसी साजिश/प्लानिंग के तहत.

 

इलाके की वर्तमान स्थिति

सुबह तक मार्केट व प्रतिष्ठान बंद रहे और भारी पुलिस व अर्द्धसैनिक बल तैनात किया गया. प्रतिबंधात्मक आदेश (BNS के तहत) लागू हैं ताकि भीड़ एकत्र न हो सके. डेमोलिशन के बाद मलबा हटाने का काम जारी है; कई बुलडोज़र और डंपर लगे हैं. प्रशासन का कहना है कि MCD नोडल एजेंसी है और पुलिस सिक्योरिटी सपोर्ट दे रही है.

 

MCD की कार्रवाई और कोर्ट ऑर्डर

MCD अधिकारियों के मुताबिक, स्ट्रक्चर अवैध था और इसे हटाने का निर्देश हाई कोर्ट ने दिया था. NDTV को दिए इनपुट के अनुसार, नोटिस पिछले साल कई बार जारी किए गए थे. डेमोलिशन रात में कराने पर स्थानीय सवाल उठे कि दिन में क्यों नहीं किया गया और आदेश किसके थे. इस पर पुलिस और MCD ने कहा कि वे कोर्ट के आदेशों का पालन कर रहे हैं और स्थिति के मुताबिक सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं.

आगे क्या?

पुलिस का कहना है कि ड्रोन, बॉडी-कैम और CCTV फुटेज के आधार पर गिरफ्तारियां बढ़ सकती हैं. अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भी केस दर्ज है. MCD की मशीनरी मलबा हटाने और साइट सुरक्षित करने में लगी है. प्रशासन ने अपील की है कि अफवाहों से बचें, कानून-व्यवस्था में सहयोग करें.

रिपोर्ट: NDTV टीम (ग्राउंड: तेजश्री, रवीश, अश्विनी कुमार)

संबंधित वीडियो