प्रयागराज से बड़ी खबर सामने आई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को हुई बरेली हिंसा के मामले में आरोपी बनाए गए नाजिम रज़ा खान को सशर्त जमानत दे दी है. नाजिम रज़ा खान को इस हिंसा का मास्टरमाइंड बताए जा रहे मौलाना तौकीर रज़ा खान का करीबी बताया जाता है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक वर्मा की सिंगल बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद नाजिम रज़ा खान की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली. कोर्ट ने यह जमानत ट्रायल कोर्ट में मुकदमे के लंबित रहने तक के लिए सशर्त रूप से दी है.
किन धाराओं में दर्ज हुआ था मुकदमा
नाजिम रज़ा खान के खिलाफ बरेली के बारादरी थाना में बीएनएस की धारा 190, 191(2), 191(3), 121, 125, 124(4), 352, 351(3), 109, 299, 223, 61(2) और क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) एक्ट की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता इरशाद अहमद और उमर खालिद ने कोर्ट में दलील दी कि नाजिम रज़ा खान का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं था. एफआईआर में 28 नामजद और 200–250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था. जांच के दौरान बाद में याची का नाम जोड़ा गया.
सह-आरोपी को पहले मिल चुकी है जमानत
याची के वकीलों ने कोर्ट को यह भी बताया कि इसी मामले में सह-आरोपी मुस्तकीम @ मोहम्मद मुस्तकीम को पहले ही 24 नवंबर 2025 को जमानत मिल चुकी है. समानता के आधार पर नाजिम रज़ा खान को भी जमानत दिए जाने की मांग की गई. याची के पक्ष में यह भी तर्क रखा गया कि नाजिम रज़ा खान 29 सितंबर 2025 से जेल में बंद है, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और जमानत मिलने पर वह स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा.
सरकार ने किया विरोध
वहीं, राज्य सरकार की ओर से जमानत याचिका का विरोध किया गया, लेकिन कोर्ट ने सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद नाजिम रज़ा खान को सशर्त जमानत प्रदान कर दी.
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