Blog Of Priyadarshan
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क्या नेताओं का अहंकार इस दुनिया को नष्ट कर देगा?
- Wednesday January 21, 2026
- Written by: प्रियदर्शन
दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जो नई विश्व-व्यवस्था बनी थी, वह दो ध्रुवों में बंटी हुई एक शीतयुद्ध लड़ती रही. लेकिन सोवियत संघ के पतन के बाद अमेरिका के एकाधिकार की छुपी हुई कोशिशें अब बिल्कुल स्पष्ट घोषणाओं में बदल चुकी हैं.
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दिल्ली बुक फेयर में लाखों नई किताबें, AI और इंटरनेट पर दुनिया भर के कंटेंट के बावजूद कैसे टिकी हैं पुस्तकें
- Monday January 12, 2026
- प्रियदर्शन
किताबों ने हमें देखना सिखाया है. किताबें ख़ूब ख़रीदें. यह अनुभव आम है कि हम जितनी किताबें ख़रीदते हैं, उतनी पढ़ नहीं पाते. लेकिन किताबों का घर में होना आश्वस्त करता है कि किसी भी दिन हम चाहें तो उन्हें पलटेंगे. किताबें भी हमें अपनी आलमारियों से देखती रहती हैं.
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ईरानी लड़कियों के सीने में जलती है एक आग
- Wednesday January 21, 2026
- Written by: प्रियदर्शन
ईरान में लड़कियों अपने दमन और उत्पीड़न की परवाह किए बिना, अपने कटे होंठों से बहते लहू के साथ मोर्चे पर हैं, ईरान को बदलने की बात कर रही हैं. वैसे ईरान में लड़कियों की यह जुझारू भूमिका नई नहीं है.
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स्मृतिशेष ज्ञानरंजन: हिंदी की ऊष्मा और ऊर्जा का एक स्रोत चला गया
- Thursday January 8, 2026
- Written by: प्रियदर्शन
वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार ज्ञानरंजन का आज 89 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें उनकी कहानियों के साथ-साथ 'पहल' नाम की साहित्य पत्रिका के संपादन के लिए भी याद किया जाएगा.
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प्रियदर्शन का ब्लॉग : द्रौपदी मुर्मू का अपमान और हमारे अपने पूर्वाग्रह
- Thursday July 28, 2022
- प्रियदर्शन
स्त्री की गरिमा कोई ऐसी चीज़ नहीं है कि वह एक शब्द से घायल हो जाए। स्त्री का सम्मान एक बड़ी चीज़ है जो आपके पूरे व्यवहार से आता है। उसे आप अपने राजनीतिक आक्रमण की रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करते हैं तो दरअसल उसकी गरिमा कम करते हैं।
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ताकि तिरंगे की गरिमा बची रहे
- Monday July 18, 2022
- प्रियदर्शन
जिस दौर में बीस करोड़ घरों में तिरंगा फहराने की बात हो रही है, उस दौर में इस देश के चरित्र को जैसे बदला जा रहा है. पहले लोग चोरी-छुपे यह कहते थे कि यह देश सिर्फ़ हिंदुओं का है, अब खुल कर यह बात कही जा रही है और इस बहुसंख्यकवादी उभार को सत्ता प्रतिष्ठान का परोक्ष समर्थन और सहयोग हासिल है.
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शब्द असंसदीय हैं या हमारे माननीय सांसदों का व्यवहार?
- Friday July 15, 2022
- Reported by: प्रियदर्शन
संसद में डेढ़ हज़ार से ज़्यादा शब्दों को असंसदीय घोषित कर दिया गया है। अब संसद की कार्यवाही के दौरान इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यानी अब किसी वाकये को शर्मनाक नहीं बताया जा सकेगा, किसी को भ्रष्ट नहीं कहा जा सकेगा, किसी के लिए गिरगिट जैसा विश्लेषण इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
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हिंदी से कौन डरता है?
- Tuesday April 12, 2022
- प्रियदर्शन
लेकिन हिंदी से भारतीय भाषाओं के इस शत्रु-भाव की वजह क्या है? यह बहुत जानी-पहचानी बात है कि जब इस देश में त्रिभाषा फॉर्मूला लागू हुआ तो उसके पीछे यह मंशा थी कि लोग हिंदी और अंग्रेज़ी के अलावा एक भारतीय भाषा भी सीख लें.इससे वह सांस्कृतिक पुल बनता जो हिंदी को मराठी-पंजाबी, तेलुगू-तमिल, कन्नड़ या बांग्ला के लिए इतना अपरिचित न रहने देता.ले
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बुकर की शॉर्ट लिस्ट में आई यह हिन्दी लेखिका कौन है?
- Friday April 8, 2022
- प्रियदर्शन
गीतांजलि श्री के उपन्यास 'रेत समाधि' का अंग्रेज़ी अनुवाद Tomb of Sand बुकर लांग लिस्ट के लिए चुनी गई 13 कृतियों में शामिल है. अचानक बहुत सारे लोग पूछने लगे कि यह गीतांजलि श्री कौन हैं? बेशक, इस सवाल में भी हिन्दी समाज और साहित्य दोनों की एक विडंबना झांकती है. दोनों को एक-दूसरे के जितने करीब होना चाहिए, उतने वे नहीं हैं.
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यहां से कांग्रेस कहां जाएगी? खिलेगी या ख़त्म हो जाएगी?
- Wednesday January 26, 2022
- प्रियदर्शन
भारतीय राजनीति में- या संसदीय लोकतंत्र में- बहुत सारी चीज़ें बदल चुकी है. राजनीति में असंभव को साधने का खेल इतनी बार किया जा चुका है कि बस अब असंभव ही संभव लगता है.
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क्या नेताओं का अहंकार इस दुनिया को नष्ट कर देगा?
- Wednesday January 21, 2026
- Written by: प्रियदर्शन
दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जो नई विश्व-व्यवस्था बनी थी, वह दो ध्रुवों में बंटी हुई एक शीतयुद्ध लड़ती रही. लेकिन सोवियत संघ के पतन के बाद अमेरिका के एकाधिकार की छुपी हुई कोशिशें अब बिल्कुल स्पष्ट घोषणाओं में बदल चुकी हैं.
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दिल्ली बुक फेयर में लाखों नई किताबें, AI और इंटरनेट पर दुनिया भर के कंटेंट के बावजूद कैसे टिकी हैं पुस्तकें
- Monday January 12, 2026
- प्रियदर्शन
किताबों ने हमें देखना सिखाया है. किताबें ख़ूब ख़रीदें. यह अनुभव आम है कि हम जितनी किताबें ख़रीदते हैं, उतनी पढ़ नहीं पाते. लेकिन किताबों का घर में होना आश्वस्त करता है कि किसी भी दिन हम चाहें तो उन्हें पलटेंगे. किताबें भी हमें अपनी आलमारियों से देखती रहती हैं.
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ईरानी लड़कियों के सीने में जलती है एक आग
- Wednesday January 21, 2026
- Written by: प्रियदर्शन
ईरान में लड़कियों अपने दमन और उत्पीड़न की परवाह किए बिना, अपने कटे होंठों से बहते लहू के साथ मोर्चे पर हैं, ईरान को बदलने की बात कर रही हैं. वैसे ईरान में लड़कियों की यह जुझारू भूमिका नई नहीं है.
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स्मृतिशेष ज्ञानरंजन: हिंदी की ऊष्मा और ऊर्जा का एक स्रोत चला गया
- Thursday January 8, 2026
- Written by: प्रियदर्शन
वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार ज्ञानरंजन का आज 89 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें उनकी कहानियों के साथ-साथ 'पहल' नाम की साहित्य पत्रिका के संपादन के लिए भी याद किया जाएगा.
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प्रियदर्शन का ब्लॉग : द्रौपदी मुर्मू का अपमान और हमारे अपने पूर्वाग्रह
- Thursday July 28, 2022
- प्रियदर्शन
स्त्री की गरिमा कोई ऐसी चीज़ नहीं है कि वह एक शब्द से घायल हो जाए। स्त्री का सम्मान एक बड़ी चीज़ है जो आपके पूरे व्यवहार से आता है। उसे आप अपने राजनीतिक आक्रमण की रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करते हैं तो दरअसल उसकी गरिमा कम करते हैं।
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ताकि तिरंगे की गरिमा बची रहे
- Monday July 18, 2022
- प्रियदर्शन
जिस दौर में बीस करोड़ घरों में तिरंगा फहराने की बात हो रही है, उस दौर में इस देश के चरित्र को जैसे बदला जा रहा है. पहले लोग चोरी-छुपे यह कहते थे कि यह देश सिर्फ़ हिंदुओं का है, अब खुल कर यह बात कही जा रही है और इस बहुसंख्यकवादी उभार को सत्ता प्रतिष्ठान का परोक्ष समर्थन और सहयोग हासिल है.
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शब्द असंसदीय हैं या हमारे माननीय सांसदों का व्यवहार?
- Friday July 15, 2022
- Reported by: प्रियदर्शन
संसद में डेढ़ हज़ार से ज़्यादा शब्दों को असंसदीय घोषित कर दिया गया है। अब संसद की कार्यवाही के दौरान इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यानी अब किसी वाकये को शर्मनाक नहीं बताया जा सकेगा, किसी को भ्रष्ट नहीं कहा जा सकेगा, किसी के लिए गिरगिट जैसा विश्लेषण इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
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हिंदी से कौन डरता है?
- Tuesday April 12, 2022
- प्रियदर्शन
लेकिन हिंदी से भारतीय भाषाओं के इस शत्रु-भाव की वजह क्या है? यह बहुत जानी-पहचानी बात है कि जब इस देश में त्रिभाषा फॉर्मूला लागू हुआ तो उसके पीछे यह मंशा थी कि लोग हिंदी और अंग्रेज़ी के अलावा एक भारतीय भाषा भी सीख लें.इससे वह सांस्कृतिक पुल बनता जो हिंदी को मराठी-पंजाबी, तेलुगू-तमिल, कन्नड़ या बांग्ला के लिए इतना अपरिचित न रहने देता.ले
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बुकर की शॉर्ट लिस्ट में आई यह हिन्दी लेखिका कौन है?
- Friday April 8, 2022
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गीतांजलि श्री के उपन्यास 'रेत समाधि' का अंग्रेज़ी अनुवाद Tomb of Sand बुकर लांग लिस्ट के लिए चुनी गई 13 कृतियों में शामिल है. अचानक बहुत सारे लोग पूछने लगे कि यह गीतांजलि श्री कौन हैं? बेशक, इस सवाल में भी हिन्दी समाज और साहित्य दोनों की एक विडंबना झांकती है. दोनों को एक-दूसरे के जितने करीब होना चाहिए, उतने वे नहीं हैं.
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यहां से कांग्रेस कहां जाएगी? खिलेगी या ख़त्म हो जाएगी?
- Wednesday January 26, 2022
- प्रियदर्शन
भारतीय राजनीति में- या संसदीय लोकतंत्र में- बहुत सारी चीज़ें बदल चुकी है. राजनीति में असंभव को साधने का खेल इतनी बार किया जा चुका है कि बस अब असंभव ही संभव लगता है.
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