'Sahitya Akademi'

- 33 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • Blogs | प्रियदर्शन |बुधवार अगस्त 4, 2021 08:56 PM IST
    बरसों पहले केसर की एक छोटी सी पोटली हमारे छोटे से घर की रसोई में कई दिन और महीने अपनी खुशबू बिखेरती रही. लाल-कत्थई रंग की वह‌ सुंदर सी पोटली हमारे लिए वरिष्ठ लेखिका पद्मा सचदेव लेकर आई थीं. यह क़रीब 20-25 साल पुरानी बात है.
  • India | Reported by: भाषा, Edited by: नितेश श्रीवास्तव |सोमवार दिसम्बर 23, 2019 03:59 AM IST
    डॉ. नंजुंदन की ख्याति दर्जनों कन्नड़ किताबों को तमिल में अनुवाद करने की वजह से मिली. इन किताबों में ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता यू आर अनंतमूर्ति की कृति "भाव" और "अवस्थे" शामिल है. उन्हें साल 2012 में "अक्का" के लिए अकादमी अनुवाद पुरस्कार मिला. यह विभिन्न कन्नड़ लेखिकाओं की लघु कथा है जिसे उन्होंने तमिल में अनुवाद किया है. 
  • Blogs | प्रियदर्शन |बुधवार दिसम्बर 18, 2019 10:43 PM IST
    इस साल अपने कविता संग्रह 'छीलते हुए अपने को' के लिए साहित्य अकादेमी से सम्मानित नंदकिशोर आचार्य बीते तीन वर्षों में अकादेमी सम्मान प्राप्त हिंदी के सबसे युवा लेखक हैं- महज 74 साल के. वरना बीते साल यह सम्मान 75 साल की चित्रा मुद्गल को मिला और उसके पहले वाले साल 86 साल के रमेश कुंतल मेघ को.
  • Blogs | रवीश कुमार |शनिवार जनवरी 26, 2019 12:08 AM IST
    एक किताब होती तो आपके लिए भी आसान होता लेकिन जब कोई लेखक रचते-रचते संसार में से संसार खड़ा कर देता है तब उस लेखक के पाठक होने का काम भी मुश्किल हो जाता है. आप एक किताब पढ़ कर उसके बारे में नहीं जान सकते हैं. जो लेखक लिखते लिखते समाज में अपने लिए जगह बनाता है, अंत में उसी के लिए समाज में जगह नहीं बचती है.
  • Blogs | Written by: नरेंद्र सैनी |शुक्रवार जनवरी 25, 2019 11:55 AM IST
    हिंदी साहित्य (Hindi Literature) में कृष्णा सोबती (Krishna Sobti) एक अलग ही मुकाम रखती थीं और उनका व्यक्तित्व उनकी किताबों जितना ही अनोखा था. 1980 में कृष्णा सोबती को उनकी किताब 'जिंदगीनामा' के लिए साहित्य अकादेमी (Sahitya Akademi Award) से नवाजा गया था तो 2017 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ (Jnanpith) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  • Literature | ख़बर न्यूज़ डेस्क |सोमवार अगस्त 27, 2018 06:30 PM IST
    फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने साहित्य अकादमी को अपना 'बुक ऑफ द ईयर' प्रकाशन पुरस्कार प्रदान किया है. यह पुरस्कार साहित्य अकादमी के शीर्षक 'नागफनी वन का इतिहास' के लिए दिया गया है.
  • Literature | भाषा |मंगलवार जून 27, 2017 12:17 PM IST
    बाल साहित्य के लिए इस बार साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाने वाले वरिष्ठ कहानीकार स्वयं प्रकाश का कहना है कि हिन्दी में बच्चों के लिए लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है.
  • Literature | Edited by: शिखा शर्मा |शनिवार जून 24, 2017 10:56 AM IST
    साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2017 में इस बार क्षेत्रीय भाषा के कवियों ने बाजी मारी है. इस साल कविता की 16 पुस्तकों, पांच लघु कथाओं तथा दो जीवनी तथा एक निबंध को यह पुरस्कार दिया गया है.
  • Literature | Reported by: भाषा |मंगलवार मार्च 28, 2017 10:59 AM IST
    हिंदी के प्रख्यात आलोचक, लेखक और विद्वान डॉ नामवर सिंह को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में साहित्य अकादमी की प्रतिष्ठित महत्तर सदस्यता (फैलोशिप) प्रदान की गई. इस मौके पर साहित्य आकदमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा, ‘‘नामवर सिंह की आलोचना जीवंत आलोचना है. भले ही लोग या तो उनसे सहमत हुए अथवा असहमत, लेकिन उनकी कभी उपेक्षा नहीं हुई.’’ इस मौके पर सिंह को सम्मान स्वरूप उत्कीर्ण ताम्र फलक और अंगवस्त्रम प्रदान किया गया.
  • Literature | Edited by: शिखा शर्मा |गुरुवार मार्च 16, 2017 09:38 AM IST
    भारत-ब्रिटेन सांस्कृतिक आयोजन वर्ष के तहत वार्षिक पुस्तक मेले में ‘स्पॉटलाइट ऑन इंडिया’ श्रृंखला की शुरूआत हुई. यह कार्यक्रम इंडिया एट द रेट ऑफ यूके 2017 के तहत प्रथम कार्यक्रम है. इसके तहत लंदन में भारतीय उच्चायोग और संस्कृति मंत्रालय के आपसी तालमेल से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.
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