- अमेरिकी अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने कहा कि वेनेजुएला के बाद ईरान अमेरिका का अगला निशाना हो सकता है
- सैक्स ने बताया कि अमेरिका ने युद्ध, तख्तापलट और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए कई सरकारों को उखाड़ने की कोशिश की है
- उन्होंने वेनेजुएला के उदाहरण के तौर पर 2002 के तख्तापलट और अमेरिकी प्रतिबंधों में अमेरिका की भूमिका उजागर की
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद क्या अब अमेरिका का अगला निशाना ईरान हो सकता है. ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ऐसा कहना है अमेरिकी अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेफरी सैक्स का. उन्होंने एनडीटीवी से खास बातचीत में अमेरिकी विदेश नीति की धज्जियां उड़ा दी. उन्होंने इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों की आलोचना भी की है. उन्होंने इस दौरान चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रंप के लिए वेनेजुएला पर हमले के बाद अब ईरान उनका अगला टारगेट हो सकता है. अगर ऐसा हुआ तो इसके परिणाम ज्यादा घातक हो सकते हैं. ऐसा इसलिए भी क्योंकि ईरान के पास हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं.
उन्होंने कहा कि अमेरिका आज बेहद सुरक्षित देश हैं. दूसरे विश्व युद्ध के बाद अभी तक इसने 100 से ज्यादा ऐसी कोशिशें की हैं जिसमें कहीं सत्ता परिवर्तन की कोशिश की गई हो. इसके लिए युद्ध, तख्तापलट, सरकारों को उखाड़ फेंकने के लिए जानबूझकर अशांति फैलाना, कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने, हत्या कराने, सरकारों पर कब्जा करने के लिए सेनाओं का इस्तेमाल करना और अधिकारियों को गिरफ्तार करना, जैसी चीजें शामिल हैं. हालांकि, यह अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून के खिलाफ है. यह लगभग कभी भी स्थिर सरकार देने के की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं साबित होता है. ज्यादातर समय, यह अराजकता की ओर ले जाता है.
उन्होंने इसके लिए वेनेजुएला का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ के खिलाफ 2002 के असफल तख्तापलट और बाद में प्रतिबंधों, संपत्ति जब्ती और वैकल्पिक नेतृत्व की मान्यता से जुड़े प्रयासों में अमेरिकी भागीदारी का पता लगाया गया. सैक्स ने कहा, ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के तहत अंतर यह है कि कैसे शासन परिवर्तन पर आधारित इस विदेश नीति को खुले तौर पर अपनाया जा रहा है, यहां तक कि राष्ट्रपति इसे साबित करने के लिए काफी दूर तक जा रहे हैं.
सैक्स ने आगे कहा कि जहां राष्ट्रपति ऐसी नीतियों को छिपाते हैं या नरम करते हैं, वहीं ट्रंप विपरीत दिशा में चले गए हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि उन्होंने इस सुरक्षा राज्य को खत्म करने से एक कदम पीछे ले लिया है. ट्रंप कह रहे हैं कि हम यह सब कर सकते हैं - वेनेजुएला को उखाड़ फेंक सकते हैं, इसे चला सकते हैं, ग्रीनलैंड ले सकते हैं, मेक्सिको पर बेहतर नजर रखें, और ईरान को लेकर हम पूरी तरह से तैयार हैं.' वह मनोवैज्ञानिक रूप से एक अस्थिर व्यक्ति हैं और एक बूढ़े व्यक्ति हैं जो बहुत आगे के बारे में नहीं सोचते हैं.
ग्रीनलैंड के पास चीनी और रूसी नौसैनिक गतिविधि के बारे में ट्रंप की हालिया टिप्पणियों का जिक्र करते हुए सैक्स ने चेतावनी दी कि इस तरह की बयानबाजी वास्तविक कार्रवाई में तब्दील हो सकती है. उन्होंने कहा कि एक दिन वह कहेंगे कि हमने ग्रीनलैंड के पास चीनी पनडुब्बियों को देखा है और हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कार्रवाई करनी चाहिए. सैनिकों को उतारना और इसे अमेरिकी क्षेत्र घोषित करना कोई दूर की कौड़ी नहीं है.
सैक्स ने वेनेजुएला पर पिछले सप्ताह के हमले और उसके बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स की गिरफ्तारी के कारणों पर ट्रंप के बदलते बयानों की आलोचना भी की है. सैक्स ने कहा कि यह कुछ ही समय में नार्को-तस्करी से तेल की तरफ शिफ्ट हो गया है.
उन्होंने कहा कि तेल हमारी रुचि बनाए रखता है. उनका (वेनेजुएला का) भंडार सऊदी अरब से बड़ा है, यही एक कारण है कि शासन परिवर्तन को काफी मेहनत से आगे बढ़ाया गया. ट्रंप जानते हैं कि अमेरिका के भंडार चरम पर हैं और फॉसिल फ्यूल पर अमेरिका का इतना लंबा भविष्य नहीं है. हम कहेंगे कि हमें नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ना होगा, लेकिन ट्रंप को तेल से प्यार है और इसलिए उन्हें वेनेजुएला को हथियाना है.
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