सोशल मीडिया कंपनी Meta ने साल 2025 में अपने प्लेटफॉर्म से 159 मिलियन से ज्यादा स्कैम विज्ञापन हटाएं हैं. इतना ही नहीं Meta ने करीब 10.9 मिलियन यानी लगभग 1.1 करोड़ फर्जी अकाउंट भी बंद कर दिए हैं. कंपनी का कहना है कि ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है. बता दें, Meta में Facebook, Instagram और WhatsApp, ये तीनों ही सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म आते हैं.
Meta के इन प्लेटफॉर्म पर ठग फर्जी विज्ञापन, नकली प्रोफाइल और ब्रांड या सेलिब्रिटी बनकर लोगों को धोखा देने की कोशिश करते हैं. कंपनी के मुताबिक कई आपराधिक नेटवर्क नकली विज्ञापन, फर्जी वेबसाइट और क्लोन किए गए अकाउंट का इस्तेमाल करके यूजर्स को ठगते हैं.
Meta ने बताया कि वह अब स्कैम गतिविधियों को जल्दी पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ज्यादा इस्तेमाल कर रही है. यह सिस्टम सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं बल्कि तस्वीरों, लिंक और पूरी सिचुएशन को भी समझने की कोशिश करते हैं. इससे यह पहचानना आसान हो जाता है कि कोई गतिविधि संदिग्ध है या नहीं.

कंपनी के मुताबिक, यह AI सिस्टम मुख्य रूप से दो तरह के स्कैम को पकड़ने के लिए डिजाइन किए गए हैं. पहला है इम्पर्सनेशन स्कैम, जिसमें ठग किसी सेलिब्रिटी, सार्वजनिक व्यक्ति या बड़े ब्रांड का रूप धारण कर लेते हैं. दूसरा है फर्जी वेबसाइट स्कैम, जिसमें यूजर्स को ऐसे लिंक भेजे जाते हैं जो असली वेबसाइट जैसे दिखते हैं लेकिन वास्तव में नकली होते हैं.
Meta ने स्कैम से बचाने के लिए नए यूजर अलर्ट सिस्टम भी शुरू किए हैं. इसका मतलब है कि अगर किसी गतिविधि में धोखाधड़ी के संकेत दिखाई देते हैं, तो यूजर को पहले ही चेतावनी मिल जाएगी.
उदाहरण के तौर पर, Facebook पर कई बार फेक फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता है या WhatsApp अकाउंट को किसी दूसरे डिवाइस से लिंक करने के लिए कहता है तो ऐसे में ये नया सिस्टम यूजर्स को अलर्ट दिखाएगा, जिससे वो स्कैम में फंसने से बच सकते हैं.
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